Razia Sultan History Hindi – रजिया सुल्तान का इतिहास

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Razia Sultan – रजिया सुल्तान भारत की पहली शासिका थी। उसने लगभग 5 वर्षों तक दिल्ली की सल्तनत को संभाला। उसका पूरा कार्यकाल संघर्षों में बीता। और रजिया सुल्तान का जीवन साहस और शूरता से भरा था और सभी के लिए प्रेरणादायक रहा।

Razia Sultan

पूरा नाम  – जलॉलात उद-दिन रज़ियॉ
जन्म     – 1205
जन्मस्थान – बदायूँ
पिता     – इल्तुतमिश ( Father of Razia Sultan )
माता     – कुतुब बेगम

रजिया सुल्तान इतिहास – Razia Sultan History

रजिया गुलाम वंश के सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थी। जिस समय रजिया गद्दी पर बैठी, उसके चारों तरफ घोर संकट छाया हुआ था। दिल्ली सल्लनत के अमीर एवं दरबारी अपने ऊपर एक स्त्री का शासन होते नहीं देख सकते थे। इसलिए वह लगातार उसके विरुद्ध षड्यंत्र करते रहते थे।

रजिया एक साहसी, व्यवहार कुशल एवं दूरदर्शी महिला थी। इसलिए उसने धीरे-धीरे सरदारों को अपनी ओर मिलाना प्रारंभ कर दिया।

प्रसिद्ध इतिहासकार मिन्हाज-उस-सिराज ने लिखा है, “रजिया एक महान शासक, कुशाग्र बुध्दी, न्यायप्रिय, हितकारी, विव्दानों की आश्रयदाता, प्रजा का कल्याण करने वाली एवं सामरिक गुणों को रखने वाली स्त्री शासक है। ” गद्दी पर बैठते ही रजिया ने पर्दा उतार फेका और पुरूषों जैसे वस्त्र एवं चोगा धारण कर लिए। वह बड़े प्रभावशाली ढंग से अपना दरबार चलाती थी।

पंजाब, बंगाल, बिहार सहित देश के अधिकांश भाग उसके अधिकार में आ गए थे। दिल्ली में नुरुद्दीन के विद्रोह को जब उसकी सेना ने दबा दिया, तो इससे भयभीत होकर कई विरोधी उसकी ओर आ गए। रजिया के पतन के दो प्रमुख कारण माने जाते हैं। पहला, उसका स्त्री होना एवं दूसरा, एक एबीसीनिया निवासी दास जलालुद्दीन याकूत से उनकी अत्यधिक निकटता। इस बात को लेकर इब्नबतूता एवं फरिश्ता जैसे इतिहासकार उसपर मर्यादा भंग करने का आरोप लगाते हैं।

याकूत पर रजिया की विशेष कृपा दृष्टि थी। इससे तुर्क सरदार दोनों को घृणा से देखने लगे और अवसर पाते ही उन्होंने लोगों को भड़काकर विद्रोह कर दिया। सबसे पहले लाहौर, फिर भटिंडा में विद्रोह हुआ। रजिया ने लाहौर का विद्रोह सफलतापूर्वक दबा दिया। मगर जब भटिंडा के प्रशासन अल्तुनिया से युद्ध कर वह याकृत के साथ दिल्ली आ रही थी, तो 14 अक्तुबर, 1240 को मार्ग में उसका वध कर दिया गया।

एक स्त्री होते हुए भी रजिया ने जिस निडरता के साथ संकटो का सामना किया, उसके कारण ही सभी आधुनिक इतिहासकार उसकी प्रशंसा करते हैं। एक इतिहासकार ने तो यहां तक लिखा है कि “वह स्त्री होकर भी पुरुष का मस्तिष्क रखती थी एवं बीस पुत्रों से भी बढ़कर थी”।

मृत्यु   –  १४ अक्टूबर, १२४०

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21 COMMENTS

  1. Razia sultan is very brave girl. I love razia sultan.and like razia sultan story. And I like all comments on this page

  2. main ye khena chati hoon ki raziya sulthan ek shaktti thi …use koi bhi dhod nahi saktha… hum ladkiyonke andhar ho veer tha hoti hai…bus use phechan chaeye…. i realy love raziya sulthan…ho ek ladki ho kar bhi ladko se kabhi haar nahi maani….muje wakahi…fakar hai is bharth dhesh ke ladikyon par……

    • sonu ji,

      Bilkul ise update kar denge. Gyani Pandit ke har lekh ko thode-thode samay ke baad New janakari ke sath Update karate hai. Thanks
      *** kripay aap galtiya bataye.. to use sudharane me aasani hongi…

      Dhanyawad.

    • Kuldeep Singh sir,

      Apako jo bhi galat lag raha hai, us point ko yaha dijiye… yaha Razia Sultan ke bare me jo bhi janakari hai uspar thod abhyas karake use fir se update kar denge.

      Apaka bahut dhanyawad.

  3. wikipedia ME LIKHA he ki razia or Altuniya ne milkar behram shah se war kiya, jisme unki haar hui , or wo dilli se bhagkar kaithal gye, waha jato se war me un dono ki maut ho gai

    • Yunus Khan, Sir Apane Di Jankari Ko Check Karange Agar Ye Sahi Payi Jati Hain To Jarur Isse UPDATE Kar Denge… Aap Issi Tarah Ham Se Jude Rahiye… Dhanyawad.

    • Yunus Khan,
      Sir Apane Di Jankari Ko Check Karange Agar Ye Sahi Payi Jati Hain To Jarur Isse UPDATE Kar Denge… Aap Issi Tarah Ham Se Jude Rahiye… Dhanyawad.

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