80 के दशक में सफल अभिनेता विनोद खन्ना | Vinod Khanna

Vinod Khanna – विनोद खन्ना एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और निर्माता हैं जो 80 के दशक में सफल अभिनेता थे। उन्होंने 1968 में सुनील दत्त की फिल्म “मन का मीत” से खलनायक के रूप में अपनी पहली फिल्म बनाई। इस सुपरस्टार ने बहुत से अभिनेताओं के साथ काम किया जैसे “दिलवाले” में शाहरुख खान, “अमर अख़बार एंथोनी” में अमिताभ बच्चन, “दबंग” में सलमान खान

Vinod Khanna
80 के दशक में सफल अभिनेता विनोद खन्ना – Vinod Khanna

विनोद का जन्म पाकिस्तान के अब पेशावर में किशनचंद खन्ना (पिता) और कमला (मां) के घर में 6 अक्टूबर 1946 को हुआ। उनके पिता एक व्यवसायी थे। उन्होंने क्वीन मैरीज़ स्कूल और सेंट जेवियर्स के हाई स्कूल में अध्ययन किया और सिडनहैम कॉलेज से अपनी स्नातक की डिग्री समाप्त कर ली।

विनोद खन्ना काव्यक्तिगत जीवन – Vinod Khanna Personal Life

विनोद खन्ना ने एक पारसी लड़की, गीतांजलि तलेरखान से शादी की, जो कि उनके परिवार की बहुत ही ख़ासियत थी। इस युगल के दो बेटे- राहुल खन्ना और अक्षय खन्ना थे, दोनों अब अभिनेता हैं। हालांकि, उनकी शादी लंबे समय तक नहीं टिक पायी कुछ सालों बाद तलाक से समाप्त हुई।

1990 में, विनोद खन्ना को कविता दफ्तरी से प्यार हो गया और उन्होनें कविता दफ्तरी से दूसरी शादी की। उनकी दो बेटिया साक्षी और श्रद्धा हैं।

विनोद खन्ना के करियर – Vinod Khanna Career

विनोद खन्ना ने अपने फ़िल्मी करियर में लगभग 100 से ज्यादा फिल्में की। 1968 में पहली फिल्म के बाद, जहां उन्होनें ” मेरा गाव मेरा देश “,” पूरब और पश्चिम “, ” सच्चा झूठा ” जैसी फिल्मों में नकारात्मक भूमिका निभायी। 1971 में, विनोद खन्ना को “हम तुम और वो” में मुख्य अभिनेता के रूप में पहली फ़िल्म मिली।

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हालांकि 1982 में, विनोद खन्ना आध्यात्मिक गुरु ओशो (गुरु श्री रजनीश) के अनुयायी बन गए और पांच साल तक फिल्म इन्डस्ट्री छोड़ दिया।

बाद में 1987 में वह बॉलीवुड फिल्म “इंसाफ” के साथ लौटे।

अभिनय करियर के अलावा, खन्ना राजनीति में व्यस्त हैं। 1997 में, वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुए और गुरदासपुर निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए। बाद में, वह जुलाई 2002 में संस्कृति और पर्यटन के लिए केंद्रीय मंत्री बने और विदेश मंत्री के रूप में रूप में आगे बढ़े लेकिन वह सफल नहीं हो पाए।

विनोद खन्ना की मृत्यु – Vinod Khanna Death

27 अप्रैल 2017 को सुबह 11:20 बजे कैंसर से उनका निधन हो गया। हालांकि उनके परिवार ने किसी भी जानकारी का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उसी दिन वर्ली श्मशान भूमी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

विनोद खन्ना को मिले हुए पुरस्कार – Vinod Khanna Award

  • 1974 – “हाथ की सफाई” के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार
  • 1999 – फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
  • 2007 – लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए ज़ी सिने पुरस्कार

विनोद खन्ना की कुछ चुनिंदा फिल्मे – Vinod Khanna Movies

  • मन का मीत – Man ka Meet (1968)
  • पूरब और पश्चिम – Purab Aur Paschim (1970)
  • मेरे अपने – Mere Apne (1971)
  • मेरा गांव मेरा देश – Mera Gaon Mera Desh (1971)
  • अचानक – Achanak (1973)
  • हाथ की सफाई – Haath Ki Safai (1975)
  • हेरा फेरी – Hera Pheri (1976)
  • खून पासीना – Khoon Pasina (1977)
  • परवरिस – Parvarish (1977)
  • अमर अकबर एंथनी – Amar Akbar Anthony (1978)
  • इंकार – Inkaar (1978)
  • मुक्कदर का सिकंदर – Muqaddar Ka Sikandar(1978)
  • लहू के दो रंग – Lahu Ke Do Rang(1979)
  • कुर्बानी – Qurbani (1980)
  • द बर्निंग ट्रेन – The Burning Train (1980)
  • सत्यमेव जयते – Satyamev Jayate( 1987)
  • हेरा फेरी – Hera Pheri (1988)
  • चांदनी – Chandni (1989)
  • जुर्म – Jurm (1990)
  • लेकिन – Lekin (1990)
  • इंसानियत के देवता – Insaniyat Ke Devta (1993)
  • क्षत्रिय – Kshatriya (1993)

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2 COMMENTS

  1. विनोद खन्ना की पहचान एक सुदर्शन सहज अभिनेता जो मन से वैरागी हो के रूप में होती है | वो फिल्मों की सिर्फ चमक – दमक से प्रभावित नहीं थे | उनके करीबी लोगों के अनुसार समाज के लिए कुछ करने का जज्बा होई उन्हें बेचैन किये रहता था | इसी छटपटाहट के कारण उन्होंने अभिनय की दुनिया को विदा कह कर उस समय ओशो को ज्वाइन किया जब उनका फ़िल्मी कैरियर शीर्ष पर था | हालाँकि बाद में उन्होंने जाना की हम अपने काम में अपना 100 % देते हुए भी न सिर्फ वैरागी हो सकते हैं बल्कि जनता का भला भी कर सकते हैं | इसी कारण वो ओशो आश्रम से वापस फिल्म नगरी में लौट आये | जहाँ उन्होंने कई श्रेष्ठ फिल्मे की | अपने छोटे से राजनैतिक जीवन में उन्होंने जरूरतमंद जनता की दिल खोल कर मदद की | अपने अभिनय , व्यक्तित्व व् जन सेवक के रूप में वो सदा याद किये जायेंगे |उनकी जीवनी व् उन्हें प्राप्त पुरुस्कारों के बारे में विस्तृत जानकारी देती आप की इस उपयोगी पोस्ट के लिए शुक्रिया |

    • सही कहा अपनें विनोद खन्ना सर का जीवन काफी अच्छा और प्रेरणादायक रहा हैं। आपके इस कमेंट के वजह से इस पोस्ट में और भी कुछ जानकारी जुड़ गयी। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद् हमसे जुड़े रहिए।

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