अटल पेंशन योजना | Atal Pension Yojana

Atal Pension Yojana

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के आर्थिक विकास और लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश से कई योजनाएं लॉन्च की हैं उनमें से एक है Atal Pension Yojana – अटल पेंशन योजना। कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं दिया जाता है इसी बात को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने Atal Pension Yojana – अटल पेंशन योजना की शुरुआत की है जिससे न सिर्फ इन क्षेत्र के लोगों को बुढ़ापे की टेंशन से मुक्ति मिलेगी बल्कि सुरक्षा का भाव भी निर्माण होगा।

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अटल पेंशन योजना – Atal Pension Yojana

अटल पेंशन योजना के तहत 18 साल से 40 साल की उम्र तक के व्यक्ति निवेश शुरु कर सकते हैं ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति निवेश करना चाहता है तो उसे तीन बातों का मुख्य तौर पर ध्यान रखना चाहिए।

जैसे कि उसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली, पीपीएफ या वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में से कौन सा चुनना है ? जिससे वह अपने बुढ़ापे को सुरक्षित कर सके।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब कामगार लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को की थी और उसी दिन वित्त मंत्री अरूण जेटली ने अपने वित्त भाषण के दौरान अटल पेंशन योजना की घोषणा की थी।

अटल पेंशन योजना के तहत 60 साल के बाद 5000 हजार रुपए प्रति माह पेंशन पाने तक के विकल्प मौजूद है लेकिन पेंशन प्राप्त करने के ये विकल्प व्यक्ति की आयु और योगदान राशि के आधार पर तय की जाती है।

इस योजना की खास बात ये है कि जो व्यक्ति इस पेंशन योजना के तहत राशि योगदान करता है यानि योगदानकर्ता का पति / पत्नी योगदानकर्ता की मौत हो जाने पर पेंशन के लिए क्लेम कर सकता है इसके साथ ही योगदानकर्ता और उसके पति / पत्नी दोनों की मौत हो जाने पर नामित शख्स को संचित कॉर्पस दिया जाता है।

वहीं अटल पेंशन योजना – Atal Pension Yojana के तहत ये भी नियम है कि अगर किसी शख्स की 60 साल से पहले ही मौत हो जाती है तो उस केस में पति-पत्नी को या तो योजना से बाहर निकालने का विकल्प दिया जाता है या फिर बची हुई राशि प्राप्त करने के लिए योजना जारी रखी जाती है।

आपको बता दें कि, मोदी सरकार द्धारा तय किया गया निवेश पैटर्न के मुताबिक, योजना के तहत एकत्रित राशि का बंदोबस्त फंड रेग्यूलेटरी एथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्धारा किया जाता है।

मिली जानकारी के मुताबिक, अटल पेंशन योजना के तहत सरकार कुल योगदान का 50 % या फिर 1000 रुपए का योगदान करती हैं जो कि काफी कम है उन सभी ग्राहकों के लिए जिन्होनें जून 2015 से दिसंबर 2015 के बीच ज्वॉइन किया हो जबकि वित्तीय साल 2015-2016 से 2019-2020 तक के लिए ग्राहक को किसी अन्य सांविधिक सामाजिक सुरक्षा योजना का हिस्सा नहीं होना चहिए।

अगर आपको उदाहरण के तौर पर समझाएं तो किसी भी ग्राहक को सरकार के सह योगदान का फायदा लेने के लिए उसे EPF यानि की कर्मचारी भविष्य निधि का हिस्सा नहीं होना चाहिए इसके साथ ही आयकरों का भुगतान भी नहीं करना चाहिए।

अटल पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य – Purpose of Atal Pension Scheme

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे क्षेत्र के लोगों को पेंशन का लाभ दिलवाना है जो की संगठित क्षेत्र में नहीं है यानि की जिन क्षेत्रों में कर्मचारियों को पेंशन का लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है।

अटल पेंशन योजना के तहत 60 साल की उम्र के बाद न्यूनतम पेंशन राशि की गारंटी दी गई है आपको बता दें कि इस योजना के अंर्तगत 60 साल के बाद व्यक्ति को 1,000 रुपए प्रति माह, 2,000 रुपए प्रति माह, 3000 रुपए प्रति माह, 4000 रुपए प्रति माह या फिर 5,000 रुपए प्रति माह के हिसाब से दिए जाने का लक्ष्य हैं लेकिन यह राशि व्यक्ति द्धारा पेंशन के लिए की गई योगदान राशि पर निर्भर करता है।

इसके साथ ही आपको बता दें कि लोगों को इससे हर महीने न्यूनतम भागीदारी के साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ उठाने की भी अनुमति मिलेगी।

अटल पेंशन योजना के लाभ – Benefits of Atal Pension Scheme

  • मोदी सरकार की अटल पेंशन योजना – Atal Pension Yojana से खासकर मजदूर वर्ग, नौकरानी गार्डनर्स अर्थात गरीब लोगों ज्यादा लाभ पहुंचा है।
  • जो भी व्यक्ति इस योजना के तहत निवेश करता है उसके 60 साल की आयु से मौत तक पेंशन मिलेगी।
  • इस योजना की खास बात यह है कि इस योजना के माध्यम से व्यक्ति अपने बुढ़ापे के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
  • अटल पेंशन योजना के तहत लोगों में बचत और निवेश की भावना का विकास होता है।
  • इस योजना के तहत जो व्यक्ति निवेश करता है अगर उसकी 60 साल से पहले मृत्यु हो जाती है उसके निधन के बाद , पति-पत्नी (spouse) को इस पेंशन का लाभ मिलता है।
  • इस योजना की खास बात यह भी है कि भारत सरकार ने 5 साल तक हर साल हर अंशदाता के अंशदान का 50 प्रतिशत या 1,000 रुपए का योगदान देने का फैसला किया है।
  • इस योजना के तहत जो निवेश करता है लेकिन 60 साल से पहले उसके पति या पत्नी दोनों की मौत के बाद जमा राशि नॉमिनी को दी जाती है।
  • वहीं अगर निवेश करने वालो में पति या पत्नी की मौत निवेशक से पहली ही हो जाती है तो उस मामले में जो भी राशि 60 साल तक जमा की गई थी तो वह निवेशक की मौत के बाद नॉमिनी को दी जाएगी।
  • इस योजना की खास बात ये है कि जो व्यक्ति जितनी जल्द इस योजना का हिस्सा बनता है उसे उतनी ही जल्दी इस योजना का फायदा मिलता है उदाहरण के तौर पर अगर कोई शख्स अपनी 18 साल की उम्र में ही अटल पेंशन योजना से जुड़ता है तो उसे 210 रुपए का प्रति माह निवेश करना होगा इसके बाद 60 साल की आयु के बाद हर महीने उस शख्स को 5 हजार रुपए की मासिक पेंशन भी दी जाएगी इसको हम अपने आर्टिकल में नीचे पेंशन योजना केलकुलेटर के जरिए आपको समझाएंगे।

अटल पेंशन योजना के लिए कौन नामांकन कर सकता है – Who can enroll for the Atal Pension Scheme

भारतीय नागरिक ही इस योजना का लाभ ले सकता है लेकिन वह तभी अटल पेंशन योजना का फायदा ले सकता है जब वह इस योजना के पात्रता में खरा उतरता है। आइए हम आपको बताते हैं पात्रता मानदंडों के बारे में जो कि इस प्रकार हैं-

जो भी व्यक्ति अटल पेंशन योजना – Atal Pension Yojana का लाभ लेना चाहता है उसके लिए जरूरी है कि उस व्यक्ति के पास बचत खाता होना चाहिए।

जो व्यक्ति अटल पेंशन योजना के तहत नामांकन करना चाहता है इसके लिए जरूरी है कि उनकी उम्र 18 साल से 40 साल के बीच में होनी चाहिए तभी 60 साल के बाद पेंशन स्कीम का फायदा ले सकते हैं।

इस योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति सिर्फ 1 ही अटल पेंशन योजना अकाउंट खोल सकता है।

अटल पेंशन योजना के तहत जो शख्स इस योजना का लाभ लेना चाहता है उसे कम से कम 20 साल तक योगदान करना चाहिए।

जो भी व्यक्ति अटल पेंशन योजना के तहत आवेदन करना चाहता है इसके लिए जरूरी है कि उसके आधार कार्ड से सिर्फ एक ही बैंक अकाउंट लिंक होना चाहिए।

अटल पेंशन योजना के तहत जो भी व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहता है कि उसके पास एक वैध मोबाइल नंबर होना चाहिए और रजिस्ट्रेशन के दौरान बैंक को यही नंबर देना चाहिए।

Atal Pension Yojana – अटल पेंशन योजना के तहत निवेशक नेशनल पेंशन सिस्टम के समान टैक्स लाभ ले सकता है जिसका मतलब है कि इस योजना के तहत भुगतान की गई योगदान राशि पर आयकर कटौती के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीसीडी (1 बी) के तहत 50,000 रु।

क्लेम किया जा सकता है जबकि धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख की राशि का क्लेम किया जा सकता है। वहीं ग्राहक की मृत्यु के मामले में, मासिक पेंशन का भुगतान निवेशक की पति/ पत्नी को किया जाता है।

अटल पेंशन योजना के लिए नामांकन कैसे करें ? – How to enroll for the Atal Pension Scheme?

  • अटल पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए खाताधारक को एक ऑथराइजेशन फॉर्म भरकर अपने बैंक में जमा करना होगा।
  • खाताधारक को इस फॉर्म में अपनी पूरी जानकारी देनी होगी जिसमें खाताधारक का अकाउंट नंबर, पति / पत्नी और नामांकित विवरण समेत योगदान विवरण और योगदान राशि के ऑटो डेबिट की भी जानकारी देनी होगी।
  • इसके साथ ही इस योजना का लाभ लेने वाले अकाउंट होल्डरों को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि उनके अकाउंट में पर्याप्त राशि बनाए रखी जाए वहीं अगर वे अपने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो उन्हें मासिक जुर्माना भरना पड़ सकता है जिसका विवरण नीचे दिया गया है –
  • 100 रुपये तक मासिक योगदान के लिए 1 रुपए तक जुर्माना देना होगा।
  • 101 रुपए और 500 रुपए के बीच मासिक योगदान के लिए 2 रुपए का जुर्माना देना होगा।
  • 501 से 1000 रुपए के मासिक योगदान के लिए 5 रुपए तक जुर्माना होगा।
  • 1,001 रुपए से अधिक मासिक योगदान के लिए 10 रुपए तक जुर्माना लगेगा।
  • अगर योजना के लिए कोई भुगतान नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में छह महीने के लिए, धारक का खाता सीज हो जाएगा।
  • 12 महीने के लिए, धारक का खाता निष्क्रिय / डीएक्टिवेट हो जाएगा।
  • 24 महीने के लिए, धारक का खाता बंद कर दिया जाएगा।
  • वहीं अगर जो लोग अटल पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं लेकिन उनका एक भी बैंक अकाउंट में खाता नहीं है तो इस स्थिति में केवाईसी दस्तावेज और आधारकार्ड जमा कर सबसे पहले शख्स को बैंक में खाता खोलना होगा।

इसके बाद उसे अटल पेंशन योजना के तहत एक फॉर्म जमा करना होगा वहीं अगर कोई शख्स बीच में ही इस योजना से बाहर निकलना चाहता है अर्थात इस योजना का फायदा लेना नही्ं चाहता है तो ऐसी स्थिति में उसे 60 साल की आयु तक इंतजार करना होगा तभी वह इस योजना से बाहर निकल सकता है वहीं विशेष परिस्थिति में जैसे अगर किसी शख्स की मौत 60 साल से पहले हो जाती है तो इस योजना से बाहर निकलना संभव है।

अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन कैसे करें ? – How to apply for the Atal Pension Scheme?

  • अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन करने के लिए आवेदक को नीचे लिखे गईं बातों का खास ध्यान रखना चाहिए –
  • जो शख्स इस योजना के तहत आवेदन करना चाहता है वह अपना अटल पेंशन योजना खाता किसी भी बैंक में जाकर खोल सकता है।
  • इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए अटल पेंशन योजना फॉर्म की जरूरत होती है इसे या तो आप इस योजना की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं या फिर बैंक से प्राप्त कर सकते हैं। आपको बता दें कि अटल पेंशन योजना के फॉर्म अंग्रेजी, हिंदी, बांग्ला, गुजराती, कन्नड़, मराठी, ओड़िया, तमिल और तेलुगू भाषा में उपलब्ध हैं।
  • जब आपको Atal Pension Yojana – अटल पेंशन योजना फॉर्म मिल जाए इसके बाद आपको इसमें पूरी डिटेल भरकर बैंक में जमा करनी होगी।
  • जब आप अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन करते हैं तो आपको मोबाइल नंबर देते वक्त इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए की आपका मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर्ड होना चाहिए।
  • अटल पेंशन योजना के लिए अगर आप एप्लाई कर रहे हैं तो आपको अपने आधार कार्ड की एक फोटोकॉपी जमा करनी होगी।
  • अगर आप ऊपर दी हुई सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं तो आपको आवेदन स्वीकृत होने का इंतजार करना होगा वहीं आवेदन स्वीकार होने पर आपके पास इसकी पुष्टि का मैसेज भेजा जाता है जिसके बाद आप इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

अटल पेंशन योजना के लिए सब्सक्राइबर की योगदान राशि

जो भी शख्स अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन करता है तो उस शख्स के बैंक अकाउंट से मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक किश्तें काट ली जाती हैं।

ये किश्तें शख्स के खाते से ऑटो-डेबिट यानि की खुद व खुद शख्स के बैंक अकाउंट से हर महीने कट जाती हैं उन्हें इसका भुगतान करने के लिए बैंक में नहीं जाना पड़ता है।

वहीं अगर कोई नया ग्राहक अटल पेंशन योजना के लिए सब्सक्राइब करता है और वह 18 साल है और वो 60 साल के बाद 1 हजार रुपए की पेंशन की राशि प्राप्त करना चाहता है तो उस शख्स को हर महीने 42 रुपए का भुगतान करना होगा। आपको बता दें कि जब व्यक्ति अटल पेंशन योजना में शामिल होता है मासिक योगदान राशि भुगतान के कार्यकाल के अनुसार अलग भी हो सकती है।

इस योजना की खास बात यह है कि कोई भी सब्सक्राइबर्स भारत में किसी भी बैंक अकाउंट पर उपलब्ध ऑटो डेबिट की सुविधा के जरिए भी इसके लिए मासिक योगदान की राशि का भुगतान कर सकते हैं।

जबकि अगर कोई सब्सक्राइवर इस योजना के लिए मासिक अंशदान की राशि का भुगतान करने में सफल नहीं हुआ तो वह उस समयावधि के लिए ब्याज दर और लंबित मूल राशि का भुगतान करके अटल पेंशन योजना में फिर से प्रवेश कर सकता है।

इसके साथ ही आपको बता दें कि अटल पेंशन योजना – Atal Pension Yojana के तहत रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन की राशि उस पर निर्भर करती है जिस उम्र में आप योगदान करना शुरु करते हैं।

नीचे दी गई तालिका के मुताबिक आपको अपनी उम्र औऱ पेंशन योजना के आधार पर आपको हर साल कितना योगदान करने की जरूरत है।

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ऊपर दिए गए अटल पेंशन योजना Atal Pension Yojana कैलकुलेटर में आपने देखा होगा कि किस प्रकार पेंशन राशि और आपकी प्रवेश आयु पर आपका मासिक निवेश निर्भर करता है।

अटल पेंशन योजना’ खाते को कैसे ट्रैक करें ?

हाल ही में वित्त मंत्रालय ने ऑनलाइन लेनदेन की एक सुविधा की भी शुरुआत की है जिससे ग्राहक लेनदेन के अपने विवरण को ऑनलाइन देख सकते हैं। इससे अटल पेंशन योजना के 45 लाख से ज्यादा ग्राहकों को फायदा मिलेगा।

ग्राहकों को बचत बैंक खाता संख्या और स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या देकर अपना खाता विवरण देखा जा सकता है आपको बता दें कि खाताधारक इस लिंक : https://npslite-nsdl.com/CRAlite/EPranAPYOnloadAction.do
पर जाकर अपने लेन-देन की पूरा ब्योरा ले सकता है।

इस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की Atal Pension Yojana – अटल पेंशन योजना से कई लाख ग्राहकों को लाभ पहुंचा है और लोगों में बचत और निवेश की भावना भी पैदा हुई है।

Source and More Information: Official Website

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