Quikr.com के फाउंडर प्रणय चुलेट की सफलता की कहानी…

Founder of Quikr Pranay Chulet Success Story

शायद ही किसी ने लोकल क्लासीफाइड विज्ञापन ऑनलाइन देने के बारे में कभी सोचा हो वो भी फ्री में। जाहिर है कि पहले क्लालीफाइड ऐड के लिए किसी न्यूजपेपर के ऑफिस जाकर विज्ञापन देना होता था और इसके लिए रकम भी चुकानी होती थी। जिससे हमारा समय और पैसा दोनों लगता था।

लेकिन अब बिजनेस की दुनिया में बड़ा नाम कमा चुके प्रणय चुलेट ने हमारी इस समस्या का समाधान चुटकियों में हल कर दिया है। इन्होंने अपनी प्रतिभा और हुनर के दम पर अपनी नई और मॉर्डन सोच के साथ Quikr.com की शुरुआत की।

जिससे की अब हम इसकी सहायता से बेहद आसानी से घर पर बैठे-बैठे अपना किसी पुराना सामान बेचना, खरीदने का विज्ञापन या फिर नौकरी का विज्ञापन आसानी से दे सकते हैं। खास बात यह है कि बिना किसी शुल्क के मिनटों में आपका आइटम क्लासीफाइड लिस्ट में दिखने लगता है।

Founder of Quikr Pranay Chulet Success Story

Quikr.com के फाउंडर प्रणय चुलेट की सफलता की कहानी – Founder of Quikr Pranay Chulet Success Story

आज Quikr.com लोगों के बीच काफी लोकप्रिय और पसंदीदा साइट् बन चुकी है। जिसका पूरा श्रेय Quikr.com के फाउंडर प्रणय चुलेट को जाता है। आपको बता दें कि प्रणय चुलेट ने Quikr.com की शुरुआत खरीददारों और विक्रेताओं को वर्चुअल और ऑफलाइन लेन-देन के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से की थी। आइए जानते हैं प्रणय चुलेट की शानदार सफलता के सफर के बारे में –

भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन क्लासिफाइड पोर्टल quikr.com को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रणय चुलैट का सबसे बड़ा हाथ है, उनकी लगन और कड़ी मेहनत के बल पर आज quikr.com भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन क्लासिफाइड पोर्टल बन कर सामने आया है।

आपको बता दें कि प्रणय चुलेट ने राजस्थान के एक छोटे से कस्बे के मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म लिया हैं, जिनके पिता एक सरकारी अधिकारी और मां घरेलू गृहिणी हैं। राजस्थान में अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका चयन आईआईटी दिल्ली में हो गया, जहां से उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने IIM कोलकाता से MBA की पढ़ाई पूरी की।

पढ़ाई खत्म करने के बाद युवा बिजनेसमैन प्रणय चुलैट ने प्रोक्टर एंड गैम्बल कंपनी में नौकरी कर ली, लेकिन जल्द ही इन्होंने अपनी जॉब भी छोड़ दी। इसके बाद इन्होंने Mitchell Madison group में इंगेजमेंट मैनेजर के तौर पर ज्वाइन किया।

और फिर साल 2000 में इन्होंने अपना पहला वेन्चर Reference check नाम से शुरु किया, यह प्रोवाइडर और कस्टमर को जोड़ने का एक platform था। इसके बाद रेफरेंस चेक एक बड़े इनक्यूबेटर वॉकर डिजिटल के साथ विलय हो गया। उन्होंने कई बड़ी कंपनिया जैसे कई प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (एसोसिएट पार्टनर) और फिर साल बूज एलेन हैमिल्टन (प्रिंसिपल) में भी काम किया है।

5 साल तक मल्टी नेशनल कंपनी (MNC) में काम करने के बाद उन्होंने साल 2007 में खुद की एक और कंपनी शुरु की-एक्सेलियर। जो कि सभी वेब आधारित एजुकेशनल प्रोडक्ट्स को विकसित करने के बारे में थी। लेकिन कुछ कारणों की वजह से यह 1 साल से ज्यादा नहीं चल पाई।

वहीं इसी दौरान साल 2007 में प्रणय चुलैट अमेरिका में एक गेमिंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, जिसके लिए उन्हें कुछ लोगो की टीम चाहिए थी। इसके लिए उन्होंने अमेरिकन ऑनलाइन साईट craigslist की मदद ली। इन्होने सोचा की craigslist जैसी साईट ने इनकी कितनी मदद की है क्यों ना भारत के लिए भी ऐसी साईट बनाई जाए।

इस आइडिया के साथ ही इन्होंने साल 2008 में Quikr.com की शुरुआत कर दी। और कुछ ही समय बाद यह साइट लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गई। और आज ये देश के 1000 से ज्यादा शहरों तक पहुँच चुकी है। ये सर्विस लोगों का अपना पुराना समान बेचने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रदान करती है।

इस साईट पर लोग 13 केटेगरी और 170 केटैगिरी में कोई भी समान जैसे मोबाइल, टीवी, स्कूटर, मकान आदि बेचने का ऐड दे सकते हैं, वहीं रोजाना इस वेबसाइट से लाखों लोग जुड़ रहे हैं।

प्रणय चुलेट के इस आइडिया की बदौलत आज वे भारत के सबसे सफल युवा उद्यमियों में से एक है और बाकियों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी हैं।

Read More:

Hope you find this post about “Founder of Quikr Pranay Chulet Success Story” inspiring. if you like this articles please share on Facebook & Whatsapp. and for the latest update download : Gyani Pandit free android App.

Loading...

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.