Akbar History in Hindi – जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर इतिहास

Jalaluddin Muhammad Akbar – जलाल उद्दीन अकबर जो साधारणतः अकबर और फिर बाद में अकबर एक महान के नाम से जाने जाते थे, वे 1556 से उनकी मृत्यु तक मुग़ल साम्राज्य के शासक थे। वे भारत के तीसरे और मुग़ल के पहले सम्राट थे।

Jalaluddin Muhammad Akbar
Jalaluddin Muhammad Akbar

जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर जीवनी – Akbar history in Hindi

पूरा नाम – अबुल-फतह जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर
जन्म     – 15 अक्तुबर, 1542
जन्मस्थान – अमरकोट
पिता Father of Akbar  हुमांयू
माता   –  नवाब हमीदा बानो बेगम साहिबा
शिक्षा  –  अल्पशिक्षित होने के बावजूद सैन्य विद्या में अत्यंत प्रवीण थे।
विवाह Wives of Akbar – रुकैया बेगम सहिबा, सलीमा सुल्तान बेगम सहिबा, मारियाम उज़-ज़मानि बेगम सहिबा, जोधाबाई राजपूत।
संतान Son of Akbar जहाँगीर

अकबर  प्रारंभिक जीवन – History of King Akbar

अकबर हुमायु के बेटे थे, जिन्होंने पहले से ही मुग़ल साम्राज्य का भारत में विस्तार कर रखा था। 1539-40 में चौसा और कन्नौज में होने वाले शेर शाह सूरी से युद्ध में पराजित होने के बाद मुग़ल सम्राट हुमायु पश्चिम की और गये जहा सिंध में उनकी मुलाकात 14 साल की हमीदा बानू बेगम जो शैख़ अली अकबर की बेटी थी। उन्होंने उनसे शादी कर ली और अगले साल ही जलाल उद्दीन मुहम्मद का जन्म 15 अक्टूबर 1542 को राजपूत घराने में सिंध के उमरकोट में हुआ (जो अभी पकिस्तान में है) जहा उनके माता-पिता को वहा के स्थानिक हिंदु राना प्रसाद ने आश्रय दिया।

और मुग़ल शासक हुमायु के लम्बे समय के वनवास के बाद, अकबर अपने पुरे परिवार के साथ काबुल स्थापित हुए। जहा उनके चाचा कामरान मिर्ज़ा और अस्करी मिर्ज़ा रहते थे। उन्होंने अपनी पुरानी जवानी शिकार करने में, युद्ध कला सिखने में, लड़ने में, भागने में व्यतीत की जिसने उसे एक शक्तिशाली, निडर और बहादुर योद्धा बनाया। लेकिन अपने पुरे जीवन में उन्होंने कभी लिखना या पढना नहीं सिखा था।

ऐसा कहा जाता है की जब भी उन्हें कुछ पढने की जरुरत होती तो वे अपने साथ किसी को रखते थे जिसे पढना लिखना आता हो। 1551 के नवम्बर में अकबर ने काबुल की रुकैया से शादी कर ली। महारानी रुकैया उनके ही चाचा हिंदल मिर्ज़ा की बेटी थी। जो उनकी पहली और मुख्य पत्नी थी। उनकी यह पहली शादी अकबर के पिता और रुकैया के चाचा ने रचाई थी। और हिंदल मिर्ज़ा की मृत्यु के बाद हुमायु ने उनकी जगह ले ली।

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शेर शाह सूरी से पहली बार पराजित होने के बाद, हुमायु में दिल्ली को 1555 में पुनर्स्थापित किया और वहा उन्होंने एक विशाल सेना का निर्माण किया। और इसके कुछ ही महीनो बाद हुमायु की मृत्यु हो गयी।

अकबर को एक सफल शक्तिशाली बादशाह बनाने के लिए अकबर के रक्षक ने उनसे उनके पिता की मृत्यु की बात छुपाई। और अंत में 14 फेब्रुअरी 1556 को सिकंदर शाह को पराजित कर अकबर युद्ध में सफल हुए और वही से उन्होंने मुग़ल साम्राज्य का विस्तार शुरू किया।

कलानौर, पंजाब में बैरम खान द्वारा 13 साल के अकबर को वहा की राजगद्दी सौपी गयी, ताकि वे अपने लिए एक नया विशाल साम्राज्य स्थापित कर सके। जहा उन्हें “शहंशाह” का नाम दिया गया। बैरम खान ने हमेशा अकबर का साथ दिया।

Jalaluddin Muhammad Akbar

अकबर एक बहादुर और शक्तिशाली शासक थे उन्होंने गोदावरी नदी के आस-पास के सारे क्षेत्रो को हथिया लिया था और उन्हें भी मुग़ल साम्राज्य में शामिल कर लिया था। उनके अनंत सैन्यबल, अपार शक्ति और आर्थिक प्रबलता के आधार पर वे धीरे-धीरे भारत के कई राज्यों पर राज करते चले जा रहे थे।

अकबर अपने साम्राज्य को सबसे विशाल और सुखी साम्राज्य बनाना चाहते थे इसलिए उन्होंने कई प्रकार की निति अपनाई जिस से उनके राज्य की प्रजा ख़ुशी से रह सके।

उनका साम्राज्य विशाल होने के कारण उनमे से कुछ हिंदु धर्म के भी थे, उनके हितो के लिए उसने हिंदु सम्राटो की निति को भी अपनाया और मुग़ल साम्राज्य में लागू किया। वे विविध धर्मो के बिच हो रहे भेदभाव को दूर करना चाहते थे। उनके इस नम्र स्वाभाव के कारण उन्हें लोग एक श्रेष्ट राजा मानते थे। और ख़ुशी-ख़ुशी उनके साम्राज्य में रहते थे।

हिन्दुओं के प्रति अपनी धार्मिक सहिष्णुता का परिचय देते हुए उन्होंने उन पर लगा ‘जजिया’ नामक कर हटा दिया। अकबर में अपने जीवन में जो सबसे महान कार्य करने का प्रयास किया, वह था ‘दिन-ए-इलाही’ नामक धर्म की स्थापना।

इसे उन्होंने सर्वधर्म के रूप में स्थापित करने की चेष्टा की थी। 1575 में उन्होंने एक ऐसे इबादतखाने (प्रार्थनाघर) की स्थापना की थी, जो सभी धर्मावलम्बियों के लिए खुला था, वो अन्य धर्मों के प्रमुख से धर्म चर्चायें भी किया करते थे।

साहित्य एवं कला को उन्होंने बहुत अधिक प्रोत्साहन दिया। अनेक ग्रंथो, चित्रों एवं भवनों का निर्माण उनके शासनकाल में ही हुआ था। उनके दरबार में विभिन्न विषयों के लिए विशेषज्ञ नौ विद्वान् थे, जिन्हें ‘नवरत्न’ कहा जाता था।

अकबर को भारत के उदार शासकों में गिना जाता है। संपूर्ण मध्यकालीन इतिहास में वो एक मात्र ऐसे मुस्लीम शासक हुए है जिन्होंने हिन्दू मुस्लीम एकता के महत्त्व को समझकर एक अखण्ड भारत निर्माण करने की चेष्टा की।

भारत के प्रसिद्ध शासकों में मुग़ल सम्राट अकबर अग्रगण्य है, वो एकमात्र ऐसे मुग़ल शासक सम्राट थे, जिन्होंने हिंदू बहुसंख्यकों के प्रति कुछ उदारता का परिचय दिया।

धीरे-धीरे भारत में मुग़ल साम्राज्य का विस्तार होने लगा और स्थिर आर्थिक परिस्थिती राज्य में आ रही थी। अकबर कला और संस्कृति के बहोत बड़े दीवाने थे इसलिए उन्होंने अपने शासन काल में इन दोनों के विकास पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दिया। उन्हें साहित्य का भी बहुत शौक था इसलिए उन्होंने 2400 खंड लिखवाए और उन्हें ग्रंथालय में प्रकाशित भी किया।

उनकें साम्राज्य में कई भाषा के सैनिक थे जैसे की हिंदु, संस्कृत, ग्रीक, पर्शियन इत्यादि। अकबर ने हिंदु-मुस्लिम सम्प्रदायों के बिच की दुरिया कम करने के लिए दिन-ए-इलाही नामक धर्म की स्थापना की।

उनका दरबार सबके लिए हमेशा से ही खुला रहता था। अकबर ने अनेक फारसी संस्कृति से जुड़े चित्रों को अपनी दीवारों पर बनवाया। अपने आरंभिक शासन काल में अकबर की हिन्दुओ के प्रति सहिष्णुता नहीं थी, किन्तु समय के साथ-साथ उसने अपने आप को बदला और हिन्दुओ सहित अन्य धर्मो में भी अपनी रूचि दिखाई।

अकबर ने हिंदु राजपूत राजकुमारी से वैवाहिक भी किया। उनकी एक राणी जोधाबाई राजपूत थी। अकबर के दरबार में अनेक हिंदु दरबारी, सैन्य अधिकारी व सामंत थे। उसने धार्मिक चर्चाओ व वाद-विवाद कार्यक्रमों की अनोखी श्रुंखला आरम्भ की थी, जिसमे मुस्लिम आलिम लोगो की जैन, सीख, हिंदु, नास्तिक, पुर्तगाली एवम् कैथोलिक इसाई धर्मशास्त्रियो से चर्चा हुआ करती थी।

मुग़ल साम्राज्य में निच्छित ही भारतीय इतिहास को प्रभावित किया था। उनकी ताकत और आर्थिक स्थिति सतत तेज़ी से बढती जा रही थी। अकबर ने अपने आर्थिक बल से विश्व की एक सबसे शक्तिशाली सेना बना रखी थी, जिसे किसी के लिए भी पराजित करना असंभव सा था।

अकबर ने जो लोग मुस्लिम नहीं थे उनसे कर वसूल करना भी छोड़ दिया और वे ऐसा करने वाले पहले सम्राट थे, और साथ ही जो मुस्लिम नहीं है उनका भरोसा जितने वाले वे पहले सम्राट थे। अकबर के बाद, सफलता से उनका साम्राज्य उनका बेटा जहागीर चला रहा था।

मृत्यु – Akbar Death:

3 अक्टूबर 1605 अकबर को पेचिश की बीमारी हुई, जिस से वे कभी ठीक नहीं हो पाए। उनकी मृत्यु 27 अक्टूबर 1605 को हुई, उसके बाद आगरा में उनकी समाधी बनाई गयी।

King Akbar :

अकबर मुग़ल साम्राज्य के महान और बहादुर सम्राटो में से एक थे। उन्होंने कभी मुस्लिम और हिंदु इन दो धर्मो में भेदभाव नहीं किया। और अपने साम्राज्य में सभी को एक जैसा समझकर सभी को समान सुविधाए प्रदान की। इतिहास में झाककर देखा जाए तो हमें जोधा-अकबर की प्रेम कहानी विश्व प्रसिद्द दिखाई देती है।

जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर अपनी प्रजा के लिए किसी भगवान् से कम नहीं थे। उनकी प्रजा उनसे बहुत प्यार करती थी। और वे भी सदैव अपनी प्रजा को हो रहे तकलीफों से वाकिफ होकर उन्हें जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास करते। इसीलिए इतिहास में शहंशाह जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर को एक बहादुर, बुद्धिमान और शक्तिशाली शहंशाह माने जाते है।

Akbar family tree – Update shortly.

Book’s for more details about Akbar

और अधिक लेख:

  1. इतिहास हिंदी में
  2. औरंगज़ेब की इतिहास
  3. जहाँगीर का इतिहास
  4. हुमायूँ का इतिहास

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217 COMMENTS

  1. अकबर के बारे में काफी कुछ पढ़ रखा था, पर इतने विस्‍तार से पहली बार पढने को मिला। अच्‍छा लगा इस महान शासक के बारे में जानना। पर एक बात समझ में नहीं आई कि आपने लेख में ‘मुघल’ शब्‍द का इस्‍तेमाल किया है, जबकि सही शब्‍द ‘मुग़ल’ होता है। ऐसा क्‍यों ?

    • Ok Pratap Khuman Ji, We will try to publish a new post on Maharani Ajabde in some day. Please visit again after some days. for information. Thanks

  2. Akbar ek bahut bura admi tha usne apne bete salim ki premika ko deewar me chunva diya tha jab ki prithviraj chauhan aur maharana pratap jaise veer putro ki vajah se bharat desh ka naam roshan he baki akbar or sare mughal to videshi lutere he jo hamare sone ki chidiya jaise desh ko lutne aye the. prithviraj chuhan ke vakt me ek bhi mughal ya muslim desh me ghusne ki himmat bhi nhi karte the akbar to sala fattu he hamesha sainiko dhavara ya kayro ki tarah piche se hi humla krta he napunsak kabhi face to face ladta to pata chalta kon he veer aur kon napunsak.

  3. Is dharti ke laal they to wo sirf The great “Maharana Pratap Singh Sisodiya” they aur Shri Gurugovind Singh Ji they jinhone apna sabkuchh nyochhawar kar diya tha hamare liye, in ke alawa aur kisi ko mai great nahi manta.
    Akbar ke nawratno dwara badha chadha kar gungaan karke likhi gai kahaniya inhen mahan kahlwa rahin hai. Mugal to videshi they to ham inhen behad apna bata kar kya misal dena chahte hain.
    Akbar ek Bada samraat tha lekin uska itna gungaan hazam nahi horaha,jaiseki uske alawa Koi mahaan hi nahin tha desh me.
    “Jai hind “

  4. Ee Sher tha Jo Akbar ke samane kabhi nahi juka or jisane Akbar ko Haraya tha ..Maha Rana pratap jisane Akbar ko Yudh me haraya tha ..magar Kuchh kam log janate hai ..Akbar ko bhi bhagana pada tha Bharat ke us Yodha ke dar se

  5. Maharana Patap is Great

    akabar ek achhha insan tha.

    but , jitne kilo ka akabar bhi nahi honga utne kilo ka to maharana pratap ka sirf bhala hi tha .

    or

    unke kavach or talvar ka vajan tha.

    hum to maharana pratap sinh k fan hai.

  6. Akbar ki ye kahani bahut acchi lagi
    But pory nhi
    I hope next time jab mai padho to pory mile
    Plz
    PlZ

  7. Akbar (Akbar the great ) he was a great Mughal emperor. in this region are not differ in Hindu Muslim Sikh Iraqi. he married in Hindu ‘s family. and his son Salim and he also known as Jahangir and he was also great emperor.

  8. a great king in the history of india who never loose any battle against any of the king …….
    i like it very much because “the rulling over a country as india ” ….

  9. Realy the great king badshaha jaaludin shansha akbar i m big fan akbar ne sab dharm ko sath lekar cahle thye usye gaddari se nafrat thi bade rehem din nek shanshaa huye thye ek baat jarur thi pehele nafart thi baad mai bahut badalbadal gaye thye badsha jajaal .bade kabil sipahi thye the great shnasha jillelahi. I miss.akbar

  10. Akbar was not good nor bad……That’s why he was able to rule for long time…..He use secondary and silent ways to neutralize other religion nd enemy……

  11. shenshaa jalaluddin mohhmad ke bete ke bare mai malumaat karni thi kya hame bata sakte ho..? jodha bai ki mout kaisaa hua

  12. AKBAR A GREAT KING ?
    APP YE BATAY SALIM OR ANARKALI KA KIYA HUA.
    MENE SALIM KE BAAR MAI BHE PHDA HAI PAR ANARKALI KA TO BAHA JIKRA BHI NHI APP PALISE YE BATAY KE SALIM OR ANARKALI KA KIYA HUA?
    _____PALESE___________

  13. akbar was not really a great king he won almost all the battles with cheating and he also killed 30000 men n women in chittor after the first war with Maharana Pratap .In his entire life he was unable to defeat Maharana Pratap .Akbar never fought face to face with Maharana Pratap as because he was afraid of being killed by him.The emperors like him forced historians to write in big words about them as they wanted to create their big image in history

    • All rubbish Mr Rishab I think you need a best guidance and teacher to learn history.It is a famous said “A little knowledge is very dangerous “Go to the library and collect some best books to know about the greatest king Akbar.Kind your information I would like to take you to your statement that he killed 30000 people but you should know everything is fair in war.Rest is that Akar was not brave then how he captured almost all india.you should also know this Hindu and Muslim both loved him .He earned his name Akbar by Hindu community due to his great work and welfare .

  14. Akbar ne apne sainik aur apne taqat se hindustan par hukumat ki hai ni k unhe koi dusre raja ya koi aur ne shara diya tha, jaisa k log khtey hai unhe raj____ ne panah di thi bat to yeh hai akbar ki taqat dekh us daur k sare raja Khauf khate they , aur shula ka parcham lehra dete they yeh soch ka k sara rajya hath sy chala jay is say bhetar hai shula kar li jae,

  15. Akdar ek raja hi nahi to garibo ke line o ek bhagvan the mai bhagvan ka shukragujar hu ki mai India me paida huva our mai logo ko sar utha me kehata hu ki mai Akbar ke desh ka hu

  16. He was also known as” Akbar the Great”. you known Akbar ne sabse jayada sasan kiya. inhi ke samay me mugal samrajay apne utkarsst ki charam seema par tha….

    • Jyoti kumari ji,

      Bilkul sahi kaha apane, mughal samrajya Akbar ke shashan kaal me sabase upar utha tha.

      Apaka bahut Dhanyawad

  17. Akbar ek achchha raja tha to mujhe please ye batayenge ki usake shasankal me kitani muslim larkiyon ki shadi hindu larko se hui thi.

  18. Akbar jaise kai Muslim badshah ne achchha kaam Kiya hai Hindu Muslim me Koi bhed bhao nahi tha to aaj hindu dharm Muslim ko bura kyun kahti hai

  19. Nice story sur sur kya mujhe bta sakte h ki mugal ki kitni piri ne hindustan pe hukumat kiya h mujhe kya inki puri book mil sakti h kya nam se h book kya aap mujhe bta sakte h i like history

  20. aaj agr hindu h to sirf rajputo ki vajah se ,Akbar Bairam khan ki wife salima begam se nikah kiya tha jise vo apna balid manta tha,mahan kahna hi h to Maharana PRATAP ko kaho

  21. Akbar ke karyon ke bare mein jankari ko or vishtrit karne ki jarurat hai ….we karya jinke karan akbar ko AKABR THE GREAT kah jata hai ….

  22. Akbar wo king tha jisne us waqt is desh ko chalaya jab na itni suvidhaye thi na network. Or pura akhand bharat aaj humare desh me sab kuch h par fir bhi is desh ne ek real king ko kho diya

  23. Comment:
    ye kahani k hisaab se padhne pr to theeek hai..but isme aadhi reality hai or aadhi bakwaas
    agar rajput family akbar ko panah na deti apni or ,,bilkul akvar k jaisa karti ,jaisa bo hinduo k sath karta tha
    to na akbar hota or na hi uska raj hota

  24. he was a great person in india because its not importent that who”s hindu momdan for him…he was think like this tipe to every one…he is human thats it.because he hav also one hindu rani jodha bai….i saloute you…jalalluddin shanshahe hind akbar.. unka racha hua itihaas fir se toh nhi aa sakta ..wo jo unhone bharat m kiya hmesa yaad aayga..

  25. This is great history of India. This story can explain to good relationships of hindu & muslim culture of india.

  26. Hldi ghati ki yudh me akbar nhi unka beta salim lda thha. Kyunki akbar aur prtap me kbhi face to face koyi bhi yudh nhi huwa h aur jo hldi ghati me yudh huwa h wha pr salim prtap ji se bahut buri trh ghayl huye thhe wo to bs senaa bdi hone ke vjh se salim bch gye wrna wo unke jivan ka aakhri yudh hota. Thank you

    • yar ek bat batao tum logo ko kuch km nhi h kya bekar ka comparision kiye ja rhe ho. are yar yaha us bande ne akbar ke bare me likha ha bas bat khatam. Usne ye kab kaha k Maharana Pratap Veer nhi the. Wo bs akbar k bare me likh rha h or aap apni bekar ki kahani bol rhe ho.Rana Pratap bahut bahadur the bt dono ki situation different thi. Unka comparition nhi ho sakta bas itni si bat ha

  27. Akbar k bare me bahut achchhi jankari h,aur is prakar ki sampurna jankariyo ko course me samavisht karni chahiye…….kapil sahu,balod,c.g.

  28. jitna aap akbar ko bahadur kah rahe hai utna tha nahi agar woh bahadur hota to yudh ka niyam tod kar mevar par fatah hashil nahi karta

  29. Akbar sahi or maharana partap galat tha kiya haldi ghati me akbar ka kya hal rana partap ne kiya malum hai agar akbar mahan hai to rana partap usebhi mahan hai

  30. BILKUL SAHI HISTORY DI HUI SAB KUCH SACH HAI OR JO AKBAR DE UNHONE SAMSHAN GAT MAZZID BANAE B GYE THE OR BAAD MEIN UNKE SATH BAHUT BURA HUA MUJE SIR OR INFORMATION CHAHIYE KI MARE TOH WOH BIMARI SE HI LEKIN WOH BIHAMRI KI SURUAT KHA SE HUI PLZ SIR

  31. Mujhe Akbar Ki Kahani Bahut Achhi lagi Hai Aur Panata Rahunga Aur Bhi Mujhe Parachin History Ki Kahaniya Janani Hai Aur Asha Karta Hoo Ki Mujhe Is Webste
    Se Help Milegi Thanks To The Website & Thanks to Gyani Pandit

    • Comment: akber ka पुत्र था SALIM जिच को JAHANGIR नाम से JANTA THA.

  32. Akbar Badshah itne mahan the fir bhi kucchh log jo gawar &jahil hai aaj bhi unper ungulee uthate hai bhala bura kahte hai jo ki galat hai.
    aakhir keya kare ..bechaare.jo history pareh hai wah bhi unparh banjate hai..aur jo unparh hai wah to hain hi….

  33. I love history. Akbar tha great king of tha world. Akbar i love. History akbar. My jab bhi jodhaa akbar ka gane sonta hu jashn. E bahara . tab mujhe nort. India yadd aati hy Jaipur. Agra. Ajmer.. Its… Mujhe bhut pasand rajasthan. Agra. …q ki historical dtats hy fort hy… Sabse bada raja akbar the….. Sabse… Neek king…… Dilshad ahmad Jharkhand

    • vikram Sir,

      Abhi Ham gyanipandit.com ki bahot si post ko kuchh hi dino me update karane ja rahe hai. isame Akbar ki history bhi shamil hai. please thoda samay dijiye. agar apake pass Akbar ke etihas ke bare me kuch janakari hai to jarur bheje.

      Dhanyawad

  34. अकबर ने 1567 मे चितौड मे जो नरसंहार किया उसका उल्लेख नही किया आपने । 30 हजार बेकसूर नागरिको की हत्या की थी। जिसमे औरते और बच्चे भी शामिल थे ।
    htttp://www.rajvivechana.blogspot.com

  35. Tnx for information
    And i saying that akbar was a truth and powerful warrior.he followed his father dream.
    I want known that he die self or defat in battel .????
    Plzz clear this

  36. Mene Kai jagh pada or suna he ki jodha Akbar ke bete jahagir ki patni thi
    Or ye bhi suna hi ki jodha naam ki. Koi patni nahi thi akbr ki plzz is baat ko clear kar dijiye

  37. itni pyari history to mene book me bhi nhi padi…….. . kafi achhi history h albar ke baare me…..goood ………thanks …..

  38. बहुत ही अच्छी तरह आपने इस पोस्ट में अकबर के बारे में बताया है आपका धन्यवाद

    • Neha Ji,

      पोस्ट को अपडेट कर दिया है, आपके मदत के लिए धन्यवाद्….

      • Date 23 October 1567 – 23 February 1568
        Location 250km northwest east of Agra
        Result Decisive victory and a successful siege by Mughal Emperor Akbar.
        Territorial
        changes The Mughal Empire swept into the territories of Udai Singh II.
        Belligerents
        Mughal Empire Rajputs of Chittorgarh Fort
        Commanders and leaders
        Akbar
        Abdullah Khan
        Khwaja Abdul Majid
        Ghazi Khan
        Mehtar Khan
        Munim Khan Rao Jaimal†
        Rana Jai Singh(KIA)
        Rawat Patta Singh Sisodia(KIA)
        Strength
        80,000 men
        80 cannons
        95 swivel guns
        800 matchlocks
        5,000 war elephants 8,000 men
        Casualties and losses
        45000-55,000
        8,000 Rajputs 30,000 civilians inside the fort
        Siege of Chittorgarh. In October 1567, the Mughal forces of approximately 5,000 men led by Akbar surrounded and besieged 8,000 Rajputs in Chittorgarh Fort. Within a few months, Akbar’s ranks expanded to over

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