पंजाबी साहित्य को एक नई पहचान दिलवाने वाली महान कवियित्री अमृता प्रीतम जी की किताबें

Amrita Pritam Ki Rachnayen

कवियित्री अमृता प्रीतम जी पंजाबी साहित्य को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाने वाली महान कवियित्री थे, जिनकी गिनती साहित्य के विरले एवं प्रतिभावान लेखकों में होती है, उनकी रचनाओं का विश्व की कई अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद भी किया गया है।

अमृता जी की लेखन की अद्भुत और आसान शैली की वजह से उनकी प्रसिद्धि अंतराष्ट्रीय स्तर पर थी। अपनी शर्तों पर जीने वाली अमृता प्रीतम जी ने अपनी रचनाओं में सामाजिक जीवन दर्शन का बेबाक तरीके से वर्णन किया है।

पंजाबी भाषा की सर्वश्रेष्ठ कवियित्री अमृता प्रीतम जी ने साहित्य की लगभग सभी विधाओं पर अपनी अद्भुत कल्पना शक्ति के माध्यम से खूबसूरत रचनाएं की हैं, उनकी प्रत्येक रचना में उनके लेखन की गंभीरता और गहराई साफ झलती है।

पंजाबी साहित्य को एक नई पहचान दिलवाने वाली महान कवियित्री अमृता प्रीतम जी की किताबें – Amrita Pritam Books in Hindi

Amrita Pritam Books

आपको बता दें कि उन्होंने महज16 साल की उम्र में कविता का अपना पहला संग्रह प्रकाशित किया था। उन्होंने देश की आजादी के बाद साल 1947 में भारत- पाकिस्तान विभाजन पर अपना दर्द अपनी रचनाओं के माध्यम से बयां किया था, उन्होंने ‘अज अखाखें वारिस शाह नू’ की कविता के माध्यम से भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को भावनात्मक तरीके से पिरोया था।

उनके द्वारा लिखित यह रचना उनकी सार्वधिक लोकप्रिय रचनाओं में से एक थी और इसी रचना के बाद उन्हें साहित्य में एक अलग पहचान भी मिली थी।

आपको बता दें कि महान पंजाबी कवियिक्षी अमृता प्रीतम ने बंटवारे के समय की कहानी पर 28 उपन्यास लिखे थे, और उनके इन उपन्यासों पर एक फिल्म भी बनाई जा चुकी है।

इसके अलावा उनके द्वारा रचित उपन्यास ‘पिंजर’ पर भी साल 1950 में एक अवॉर्ड विनिंग फिल्म पिंजर बनाई गई थी, जिसे दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया था। अमृता प्रीतम जी को पंजाबी भाषा में तो महारथ हासिल थी ही। इसके साथ ही उन्होंने हिंदी और उर्दू में भी कई रचनाएं कीं थी।

पंजाबी भाषा की महान साहित्यकार अमृता प्रीतम जी ने ऑल इंडिया रेडियो के लिए भी काम किया और साहित्यिक पत्रिका नागमणि का भी संपादन किया था।

इसके अलावा साल 1986 में उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत भी किया गया। करीब 60 साल के अपने साहित्यिक करियर में उन्हें भारतीय ज्ञानपीठ साहित्य पुरस्कार समेत देश के कई सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया था।

उनके द्वारा लिखित प्रसिद्ध उपयन्यास, किताबें, कहानी संग्रह, काव्य संग्रह इस प्रकरा हैं-

अमृता प्रीतम जी की प्रसिद्ध किताबें – Amrita Pritam Books

  • कसक
  • अक्षर कुंडली
  • आग की लकीर
  • पांच बरस लंबी सड़क
  • पानी की लकीर
  • तीसरी औरत
  • धूप का टुकड़ा
  • एक लड़की एक जाम
  • जंगली बूटी
  • आशू
  • सात सवाल
  • मन मिर्जा तन साहिबां
  • और बात सुलगती रही
  • उधड़ी हुई कहानियां
  • यह सच है
  • उपन्यास
  • पिंजर
  • उन्चास दिन
  • अदालत
  • हदत्त दा जिंदगीनामा
  • कच्ची सड़क
  • सागर
  • नागमणि
  • और सीपियाँ
  • कोरे कागज़
  • तेरहवां सूरज
  • जेबकतरे
  • रंग का पत्ता
  • धरती सागर ते सीपीयां
  • दिल्ली की गलियां
  • आत्मकथा
  • रसीदी टिकट
  • पक्की हवेली
  • कहानी संग्रह
  • हीरे दी कनी
  • पंज वरा लंबी सड़क
  • इक शहर दी मौत
  • लातियां दी छोकरी
  • संस्मरण
  • एक थी सारा
  • तीरसी औरत
  • कच्चा आँगन
  • कविता संग्रह
  • कागज ते कैनवस
  • लोक पीड़
  • मैं जमा तू
  • लामियां वतन
  • सुनहुड़े
  • कस्तूरी

अमृता प्रीतम जी को उनकी महान रचनाओं के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। पंजाबी साहित्य में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।

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