स्वयं पर निबंध – Essay on Myself in Hindi

Essay on Myself in Hindi

कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब छात्रों को खुद का परिचय बताने के बारे में कहा जाता है। इसलिए हम आपको अपने इस पोस्ट में अलग-अलग शब्द सीमा में स्वयं पर निबंध के विषय पर लेख उपलब्ध करवा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी अपने बारे में बताने में हिचकेंगे नहीं औऱ बिना निडर होकर अपने बारे में बता सकेंगे।

इस निबंध का इस्तेमाल छात्र अपनी जरूरत के मुताबिक कर सकते हैं –

Essay on Myself in Hindi

स्वयं पर निबंध – Essay on Myself in Hindi

मेरा नाम नेहा वर्मा है, मै देहरादून के लक्ष्मीविहार कॉलोनी में रहती हूं। मै देहरादून पब्लिक स्कूल की क्लास 5th की छात्रा हूं। मेरे पिता का नाम राजीव वर्मा है, जो कि एक सफल बिजनेस मैन है और मेरी माता का नाम मंजू वर्मा है, जो कि एक घरेलू गृहिणी, मेरे माता-पिता मुझसे बेहद प्यार करते हैं और मै भी उनका मान-सम्मान करती हूं।

मैं अपने पापा की तरह एक पंचुअल लड़की है, मुझे अपने सारे काम समय पर करने पसंद है। मै अनुशासन और सिद्धान्तों पर चलने वाली लड़की हूं। मै सुबह उठना और स्कूल के टाइम से 15 मिनट पहले तैयार होना पसंद करती हूं।

मै अपने दादा-दादी और मम्मी-पापा सभी का आशीर्वाद लेकर रोज अपने स्कूल जाती हूं। मै स्कूल में मन लगाकर पढ़ाई करती हूं, जिसकी वजह से मेरा प्रदर्शन क्लास में अच्छा रहता है, जिससे मेरे टीचर्स और मेरे-माता-पिता मुझे पसंद करते हैं।

मुझे अच्छी-अच्छी नई-नई डिश खाना बेहद पसंद है। मै खाने की बहुत शौकीन हूं। मुझे मेरी मम्मी के हाथों के राजमा-चावल बेहद पसंद है। इसके अलावा मुझे खाली समय में स्टोरी बुक्स पढ़ना, पेंटिंग करना, बेडमिंटन खेलना एवं डांस करना और म्यूजिक सुनना भी बहुत पसंद हैं।

मै एक जिम्मेदार लड़की हूं, जो हर काम को बेहद जिम्मेदारी पूर्वक निभाती हूं। मै, समाज के विकास में भी अपना पूर्ण योगदान देना चाहती हूं।

खुद पर निबंध – Myself Essay in Hindi

प्रस्तावना

इस दुनिया में हर किसी का अपना अलग-अलग स्वभाव और व्यक्तित्व होता है, जिससे उसकी पहचान होती है और जो लोगों को एक-दूसरे से अलग बनाती है। मै भी एक अलग पहचान रखने वाली लड़की हूं, मै अपने बारे में इस निबंध में बता रही हूं –

मेरा परिचय

मेरा नाम ऋतुजा चौधरी है, मुझे मेरे परिवार वाले और मेरी करीबी दोस्त परी कहकर बुलाते है। मै नैनीताल के सस्वती विद्या मंदिर स्कूल की क्लास 7th की छात्रा हूं।

मै एक मिडिल क्लास परिवार से हूं। मेरे अंदर शुरु से ही मेरे परिवार वालों ने अच्छे संस्कार विकसित किए हैं – जैसे की बड़ों का आदर करना, बुजर्गों और असहायों की मद्द करना, सभी के साथ प्रेम भाव से मिलजुल कर रहना आदि।

मैं एक सिद्धान्तों और आदर्शों पर चलने वाली लड़की हूं, मुझे अपने कामों के लिए किसी अन्य पर आश्रित रहना बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

मेरे परिवार में कुल 6 सदस्य हैं। जिनमें मेरे मम्मी-पापा, दादा-दादी और हम दो भाई-बहन मिलजुल प्रेम भाव के साथ रहते हैं। मेरे पिता जी टैक्स डिपार्टमेंट में एक गर्वनेंट ऑफिसर हैं, जो कि बेहद अनुशासन में रहने वाले व्यक्ति हैं, और वे मेरे आदर्श भी हैं।

मेरी मां एक सरकारी स्कूल की टीचर हैं, जो अपने काम के साथ-साथ हम सभी का घर में बेहद अच्छे तरीके से ख्याल रखती हैं। मेरा एक छोटा भाई है, जो कि मेरे ही स्कूल में क्लास 3rd में पढ़ता है, और जिससे मै बहुत अधिक प्यार करती हूं।

इसके अलावा घर में दादी-दादा हैं, जिनसे मेरा एक बेहद खास जुड़ाव है, मै अपना खाली समय उनके साथ ही बिताना पसंद करती हूं, वे मुझे ज्ञानवर्धक बातें बताते हैं और अपने जीवन के अनुभवों को सांझा कर अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जिससे मेरा मनोबल बढ़ता और मेरे अंदर सकारात्मक भाव पैदा होते हैं।

मेरा व्यक्तित्व

मै एक सरल, शांत एवं सौम्य स्वभाव की लड़की हूं। मै सभी का सम्मान करने वाली और संस्कारी लड़की हूं। मुझे गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना अच्छा लगता है।

मै हमेशा इस बात का ध्यान रखती हूं कि मेरे द्धारा किए गए किसी भी काम से किसी दूसरे व्यक्ति की भावना को ठेस न पहुंचे। मै सभी को खुश देखना चाहती हूं।

मेरी आदतें

मेरी सबसे अच्छी आदत यह है कि मै समय से पहले अपने सभी कामों को कर लेती हूं। मुझे पेड़-पौधों की सेवा करना और अनुशासन में रहना पसंद है। मुझे एक नियमित दिनचर्या को फॉलो करना अच्छा लगता है।

मेरा लक्ष्य

मै, एक सफल डॉक्टर बनकर गरीबों, पीड़ित और असहाय व्यक्तियों का इलाज करना चाहती हूं, जिससे ऐसे लोगों को एक नई जिंदगी मिल सके और वे सुखीपूर्वक अपनी जिंदगी जी सकें।

मेरे शौक

मुझे खाली वक्त में किताबें पढ़ना, म्यूजिक सुनना, टीवी देखना और घूमना बहुत पसंद है।

मेरी पसंदीदा चीजें

मुझे डोसा और आइसक्रीम खाना बेहद पसंद है, अक्सर रविवार को मेरे पापा मुझे डोसा और आइस्क्रीम खिलाने के लिए बाहर ले जाते हैं, जिसे मैं बेहद चाव के साथ खाती हूं।

उपसंहार

मेरी हमेशा एक सफल और आदर्श इंसान बनने की कोशिश रहती है। मै अक्सर अपने व्यक्तित्व को निखारने के बारे में सोचती रहती हूं और अपनी कमियों को दूर करने के लिए प्रयासरत रहती हूं।

इसके साथ ही मै दूसरों की मद्द के लिए हमेशा तत्पर रहती हूं।

स्वयं पर निबंध – Mera Parichay Essay in Hindi

प्रस्तावना

इस दुनिया के सभी लोग बेहद खास होते हैं, सभी के अंदर कुछ अच्छाई और बुराइयां होती है। मै भी इस दुनिया में बेहद खास हूं और मेरा व्यक्तित्व भी दूसरे व्यक्तियों से एकदम अलग है, मै एक बेहद जिम्मेदार और दूसरों की मद्द करने वाला व्यक्ति हूं।

मेरा और मेरे परिवार का संक्षिप्त परिचय

मेरा नाम अमित शर्मा हैं, मैं दिल्ली पब्लिक स्कूल के कक्षा 8 का छात्र हूं। मेरे पिता जी एक सरकारी अधिकारी हैं और मेरी मां एक सफल घरेलू गृहिणी हैं। मेरे दो छोटे भाई-बहन हैं। हम सब आपस में मिलजुल कर रहते हैं।

मेरे जीवन में अनुशासन का महत्व

मुझे अनुशासन में रहना बेहद पसंद है। मै एक सख्त दिनचर्या को फॉलो करना वाला लड़का हूं। मै सुबह रोजना 6 बजे उठता हूं, रोजाना व्यायाम करता हूं, भगवान को नमन करता हूं, स्कूल समय से जाता हूं, अपना डेली होमवर्क पूरा करता हूं, शिष्टाचार में रहता हूं और अपनी सभी कामों को समय से करता हूं।

मेरे लिए समय का महत्व

मै एक समयनिष्ठ लड़का हूं, अपने सारे कामों को मुझे समय पर करना अच्छा लगता है। मुझे समय से उठना, समय से खाना, समय से अपना गृहकार्य करना और समय से स्कूल पहुंचना पसंद है। लेटलतीफी मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में मेरी सक्रियता

पढ़ाई के साथ-साथ मैं अपने स्कूल में होने वाली सभी खेलकूद, निबंध, जीके प्रतियोगिता एवं गणतंत्र और स्वतंत्रता के दिवस समेत महत्वपूर्ण उत्सवों पर होने वाले सभी सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेता हूं।

मेरा सरल स्वभाव

मेरा बेहद सरल और शांत स्वभाव है। मुझे लड़ाई-झगड़े करना बिल्कुल भी पसंद नहीं है। मै अपने दोस्तों को भी प्रेम भाव के साथ रहने की सलाह देता हूं।

मेरे अंदर चीजों को सीखने की उत्सुकता

मै हमेशा नई चीजों को सीखने के लिए तैयार रहता हूं, मै हर क्षेत्र में अव्वल रहना चाहता हूं। यही वजह है कि मै पढ़ाई के साथ-साथ गिटार भी सीखता हूं और स्वीमिंग क्लासेस भी लेता हूं।

उपसंहार

मै, हर दिन खुद में सुधार लाने का प्रयास करता रहता हूं, ताकि मै अपने व्यक्तित्व को और ज्यादा निखार कर अपने चरित्र को गुणवान बना सकूं और समाज में एक आदर्श व्यक्ति के रुप में अपनी छवि बना सकूं।

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