अपने सपनों को पूरा करने के लिए कैसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग!

Financial Planning

अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हर कोई पैसा खर्च करता है लेकिन कई लोग अपने सपने धन की कमी की वजह से पूरे नहीं कर पाते, इसके लिए फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning की जरूरत होती है।

या फिर जिन लोगों को इस महंगाई के दौर पर अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश का प्लान, बच्चों की शादी के लिए निवेश करने की चिंता सताती है, वे लोग फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning करते हैं।

वहीं अगर आप भी अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं और अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको भी फाइनेंशियल प्लानिंग करने की जरूरत होगी लेकिन इसके लिए आपको इसकी पूरी जानकारी होना बेहद आवश्यक है। वैसे तो बहुत से फाइनेंशियल प्लानिंग टाइप्स (Types of Financial Planning) हैं, लेकिन उन में से कुछ महत्वपूर्ण टाइप्स के बारेमें हम आपको बताएँगे।

फाइनेंशियल प्लानिंग स्टेप – Financial Planning Steps इसके बारे में हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि आप अपने सपनों को पूरा करने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning कैसे कर सकते हैं।

अपने सपनों को पूरा करने के लिए कैसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning

Financial Planning
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इमरजेंसी के लिए तैयार रखें इमरजेंसी फंड – Emergency Fund

अगर आप फाइनेंशियल प्लानिंग कर रहे हैं तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपकी जिंदगी में किसी भी वक्त इमरजेंसी आ सकती है, जो कि आपकी जिंदगी भर की कमाई खत्म कर सकती है।

यह इमरजेंसी स्वास्थ्य को लेकर, एक्सिडेंट होने पर, नौकरी खोने पर, प्राकृतिक आपदा जैसे हालात में हो सकती है। वहीं अगर इसके लिए आप पहले से तैयार रहेंगे तो आपको इमरजेंसी के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं होगी। इमरजेंसी फंड को जुटाने के लिए आपको बचत की जरूरत होगी।

इमरजेंसी फंड का मतलब यह भी नहीं है कि अपनी पूरी बचत इमरजेंसी फंड के लिए रख ली जाए, बल्कि आपको इतना फंड जुटाना चाहिए कि इमरजेंसी के वक्त 6 महीने से लेकर साल भर तक आपके घर खर्च में कोई दिक्कत नहीं आए।

वहीं आप सोच रहे होंगे कि आपको इमरजेंसी फंड के रूप में कितनी राशि निवेश करने की जरूरत है ये हम आपको पर्सनल फाइनेंशियल प्लानिंग कैलकुलेटर – Personal Financial Planning Calculator के जरिये समझायेंगे तो इसके लिए एक उदाहरण से समझिए।

उदाहरण – अगर आप हर महीने में 20 हजार रुपए खर्च करते हैं तो, आपके पास इमरजेंसी फंड कम से कम 12 हजार रुपए तो होना ही चाहिए।

इमरजेंसी फंड के लिए आपको हर महीने अपनी आय का कुछ फीसदी हिस्सा अलग निवेश करना चाहिए। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी इमरजेंसी के लिए आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस भी होना चाहिए।

इंश्योरेंस है फाइनेंशिल प्लानिंग में मद्दगार – Insurance

अगर आप अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं और अपने जीवन के लक्ष्यों को पूरा करना चाहतें हैं तो इससे लिए फाइनेंशियल प्लानिंग आपके लिए बेहद जरूरी है, इसके लिए इंश्योरेंस खरीदना आपके लिए काफी मद्दगार साबित हो सकता है।

इंश्योरेंस यानी बीमा जो हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है और हम सबकी जिंदगी से किसी ना किसी तरह से जुड़ा हुआ है। लेकिन कई लोग इसकी अहमियत को नहीं समझ पाते लेकिन उन्हें इमरजेंसी के वक्त इंश्योरेंस की अहमियत समझ में आती है।

आजकल अलग-अलग तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इसके साथ ही इंश्योरेंस की खास बात यह है कि इंश्योरेंस काफी सस्ते दामों पर भी करवा सकते हैं।

इंश्योरेस में लाइफ इंश्योरेंस(Life insurance), हेल्थ इंश्योरेंस(Health Insurance), मोटर इंश्योरेंस(Motor Insurance), ट्रैवल इंश्योरेंस(Travel Insurance), फायर इंश्योरेंस (Fire insurance), प्रॉपर्टी इंश्योरेंस (Property insurance)समते कई तरह के इंश्योरेंस शामिल हो सकते हैं जो जरूरत के वक्त आपके काम आ सकते हैं।

बजट बनाकर, ज्यादा से ज्यादा बचत करें

ये तो हम सभी जानते हैं कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बचत करना बेहद आवश्यक है, लेकिन अगर ये बचत सही दिशा में की जाए तो, यह आपके लिए काफी मद्दगार साबित हो सकती है।

इसलिए बजट बनाकर बचत करने की कोशिश करें, वहीं अगर आप बजट बनाकर चलेगें तो आपको ये पता रहेगा कि आपके पास कितना पैसा है और आपके खर्चे क्या हैं।

इसके साथ ही आपको ये भी पता रहेगा कि आप अपनी हर महीने की आय से कितनी बचत करते हैं। इस बारे में अगर फाइनेंशिल एक्सपर्ट की माने तो व्यक्ति को अपनी आय का करीब 30 फीसदी तो बचाना ही बचाना चाहिए।

इसके लिए आपको हर महीने खर्च होने वाले पैसे और बचत वाले हिस्से को अलग कर देना चाहिए इससे आपको बचत करने की आदत बन जाएगी। वहीं अगर आप बजट बनाकर चलेंगे तो आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने में भी आसानी होगी। और आप अपने भविष्य के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग कर अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकेंगे।

फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए समझदारी से करें पैसों का निवेश – Invest Money

अगर आप अपनी बच्चों की शादी, रिटायरमेंट के लिए निवेश या फिर इमरजेंसी के वक्त के लिए पैसे इकट्ठे कर रहे हैं, लेकिन अगर आप समझदारी से निवेश नहीं कर रहे हैं, तो ये निवेश आपके लिए फायदेमंद साबित नहीं होगा और आपको सही समय पर प्रभावी रिटर्न नहीं मिलेगा।

जिससे आपकी बचत का कोई फायदा नहीं होगा जिससे आपकी फाइनेंशिल प्लानिंग पर भी फर्क पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप समझदारी से पैसों का निवेश करें और निवेश के वक्त को देखते हुए, जोखिम और लिक्विडिटी की जरुरत निर्धारित करें। वहीं ये आपके लिए निवेश का एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि अगर 10 साल में आप एक घर खरीदना चाहते हैं। आपके पास एक निवेश है जो मीडियम से हाई रिस्क वाली संपत्तियों में निवेश करने के लिए पर्याप्त है जो बेहतर रिटर्न देगा।

इक्विटी म्यूचुअल फंड या ELSS आपके लिए जाना-पहचाना हो सकता है। शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए जैसे कि बाइक खरीदने या छुट्टी पर जाने के लिए या कोई भी लक्ष्य जो आपको एक से दो साल के निवेश की अनुमति देता है, जिसमें इतना रिस्क नहीं होता तो ऐसे में आपको कैपिटल प्रिजर्वेशन या लिक्विडिटी की तलाश होनी चाहिए।

रिटायरमेंट के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning for Retirement

अपनी जिंदगी में सभी जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद हर इंसान चाहता है कि उसके रिटायरमेंट के बाद का समय सुकुन भरा हो। इसके लिए लोग कई साल पहले से ही प्लान करते हैं ताकि वे अपने रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी गुजारने के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़े और वह खुशी से अपनी जिंदगी काट सके, वहीं अगर आप भी रिटायरमेंट के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग कर रहे हैं तो इसके लिए अच्छे विकल्पों को जानना बेहद आवश्यक है।

अन्यथा आप जैसा सोच रहे हैं, हो सकता है आपको उतना प्रभावी रिटर्न नहीं मिलें सके। इसके लिए हम आपको नीचे कुछ बेहतर विकल्प दे रहे हैं जिनके माध्यम से आप रिटायरमेंट के लिए अच्छे रिटर्न के साथ प्लानिंग कर सकते हैं –

  • पीपीएफ – PPF (Public Provident Fund )

पीएपफ पैसा बचाने के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसका ब्याज पूरा टैक्स फ्री होता है। इसकी ब्याज दर 8.7 फीसदी है।

  • ईपीएफ –

सैलरी में से 12 फीसदी ईपीएफ में जाता है। इसकी ब्याज दर 8.75 फीसदी है। ये रिटयरमेंट सेविंग्स स्कीम है।

  • एनपीएस- NPS (National Pension System)

न्यू पेंशन स्कीम इसमें 80 सी के तहत 10 फीसदी टैक्स बचत हो सकती है। इसमें 6 अलग-अलग फंड में निवेश की सुविधा है। इसमें निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।

  • इंश्योरेंस – Insurance

यूलिप, पेंशन प्रोडेक्ट, ट्रेडिशनल पॉलिसी के जरिए निवेश कर सकते हैं। लॉन्ग टर्म के लिए यूलिप के जरिए निवेश कर सकते हैं।

  • म्यूचुइल फंड- (Mutual Funds)

अगर लंबी अवधि के लिए निवेश करना है तो म्यूचुअल फंड में एसआईपी कर सकते हैं।

  • इक्विटि- (Equity)

इक्विटी के जरिए लंबी अवधि में अच्छा पैसा इक्ट्ठा कर सकते हैं, ये लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा रिटर्न देती है लेकिन इसमें थोड़ा रिस्क है।

  • टैक्स फ्री बॉन्ड- (Tax Free Bonds)

जब आपके रिटायरमेंट के लिए 1-2 साल बचें और आपके पास कुछ कोष इकट्ठा हो जाए तो आप टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश कर सकते। इसमें 10-20 साल का लॉक इन पीरियड होता है । इसके ब्याज पर कोई टैक्स नहीं होता है।

  • लॉन्ग टर्म डिपोजिट – (Long Term Deposits)

अगर आप निचले टैक्स स्लैब में आते हैं तो इनमें निवेश कर सकते हैं। इसमें ब्याज दर 11-12 फीसदी तक भी मिल सकता है। रिटायरमेंट के बाद नियमित रकम की सुविधा मिलती है।

  • रियल एस्टेट – Real Estate

निवेश के तौर पर आपका रियल एस्टेट में पैसा लगाना अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर आप अपनी प्रॉपर्टी किराए पर देते हैं तो इसे रिटायरमेंट के बाद एक नियमित आय कह सकते हैं।

वित्तीय लक्ष्य के साथ करें प्लानिंग

अगर आप वित्तीय लक्ष्य के साथ फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning करेंगे तो ये आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। क्योंकि हर किसी की जिंदगी में कई तरह के लक्ष्य होतें हैं जैसे की बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर-खऱीदना, रिटायरमेंट आदि।

इसलिए इन लक्ष्यों का वित्तीय स्वरूप देना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही महंगाई को ध्यान में रखते हुए भविष्य में लगने वाली राशि का निर्धारण करना भी जरूरी है। इसलिए अपने वित्तीय लक्ष्य को अलग-अलग अवधी में बांटने की भी जरूरत है।

आपको बता दें कि इसके साथ ही कई ऐसे विकल्प हैं, जो आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning में आपकी मद्द कर सकते हैं। लेकिन आप इस बात का जरूर ध्यान रखें कि, पैसों के निवेश के लिए आप जो भी विकल्प चुनें पहले इसके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें और अच्छे तरीके से समझ लें, फिर इसके बाद ही आप अपने पैंसों का निवेश करें।

फाइनेंशियल प्लानिंग के जरिए आप न सिर्फ टैक्स बचत और अच्छा निवेश कर सकते हैं बल्कि इसके माध्यम से हम आसानी से अपने सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं। इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग – Financial Planning हर किसी के लिए जरूरी है।

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