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“अंग्रेजी में बोलना होगा और आसान, जानिए इन महत्वपूर्ण सुझाओ को”

How to Speak English Fluently in Hindi

हम में से अधिकतर लोग बचपन से अंग्रेजी भाषा से कतराते है, कुछ लोग इस भाषा को ठीक तरह से समझ नहीं पाते या फिर कुछ लोगो को अंग्रेजी बोलते समय दिक़्क़त आती है, यु कहे तो ऐसे लोग डरे हुए रहते है। पर सच माने तो ये उतना भी कठिन नहीं होता जितना शायद आप सोच रहे है, ये आपकी केवलमात्र सोच है के आप अंग्रेजी बोल या समझ नहीं पायेंगे।

अगर आपको सही मायने में लगता है के आपको अंग्रेजी भाषा में बोलते आना चाहिए और आपके मन में बसे हुए डर का परिवर्तन आत्मविश्वास में होना चाहिए तो ये लेख आपके लिए बहुत ही खास होनेवाला है।

यहाँ हम आपको कुछ विशेष टिप्स के माध्यम से समझायेंगे की क्या करना चाहिए जिससे मूलतः आपकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ मजबूत होगी, साथमे आपकी छोटी से छोटी गलतियों में भी सुधार होने हेतु मदद मिल जाएगी।

“अंग्रेजी में बोलना होगा और आसान, जानिए इन महत्वपूर्ण सुझाओ को” – How to Speak English Fluently in Hindi

How to Speak English Fluently in Hindi

How to Speak English Fluently in Hindi

क्या करे जिससे अंग्रेजी समझने में हो आसानी? – How to Understand English

यहाँ हम आपको मूल तरीके से अंग्रेजी समझने हेतु किन आवश्यक बातो का ध्यान रखना होगा इस विषय पर प्रथमतः समझायेंगे, जिसमे निम्नलिखित मुद्दे शामिल होते है –

  • आपकी मातृभाषा कोई भी हो या फिर आप किसी भी क्षेत्र के अंतर्गत रहते हो यहाँ ये ध्यान में ले की जैसे आपकी कोई बोलीचाली की भाषा होती है ठीक उसी प्रकार अंग्रेजी भी वार्तालाप का एक माध्यम है तो इसे समझने हेतु सिखने पे ज्यादा ध्यान देना होगा।
  • किसी भी भाषा को समझने और सिखने के लिए उसमे मौजूद मूल शब्द यानि अल्फाबेट्स की सही जानकारी होना परम आवश्यक होता है, तभी आप शब्दों को और प्रायः वाक्य रचना को बनाने में कुशल होते है।
  • खुदके मनमे ये विश्वास लाये की भलेही अंग्रेजी के शब्द बोलने और सुनने में अटपटे या अजीब लगे पर अंततः आपको इसी का उपयोग करना है तभी बात बनेगी उदाहरण के तौर पर ये शब्द देखे – Vagabond जिसका हिंदी में अर्थ भटकने वाले समुदाय के लोग/आवारा किस्म के लोग होते है। यहाँ शब्दों के अर्थ पे ध्यान देने की कोशिश अधिक करे।
  • अंग्रेजी भाषा के जो शब्द आपको अत्यधिक कठिन लगते है उन्हें अलग से लिख ले और उनके अर्थ समझने का तथा उन्हें बोलने का प्रयास करे।
  • नियमित रूप से अंग्रेजी के विभिन्न नए शब्दों के अर्थ समझने का और उन्हें बोलीचाली और लिखने में इस्तेमाल करे, ये आपको अंग्रेजी आसान बनाने हेतु लाभकारी साबित होगा।

इंग्लिश स्पीकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण टिप्स – Helpful Tips For English Speaking

जैसे के हमारे लेख का मुख्य मकसद आपको अंग्रेजी बोलने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव देना ही है, पर हमारा अधिकतर प्रयास ये ही होगा के जो बाते अबतक आपको अंग्रेजी बोलने में बाधा बनी हुई है उनका बहुमूल्य सुझाओ द्वारा निवारण करे। इनमे निम्नलिखित सुझाव शामिल होते है –

  1. प्राथमिक तौर पर ये समझना होगा के किसी भी भाषा में बात करनी हो तो वो एक विशिष्ट समयकाल से जुडी होती है इसको अंग्रेजी में टेंस (Tense) कहते है। आपको इन कालो के अनुरूप वाक्य रचना करने हेतु अंग्रेजी टेंस को सीखना आवश्यक बन जाता है जो के ग्रामर का हिस्सा होता है। कुल ३ प्रमुख टेंस (भूतकाल, भविष्यकाल, वर्तमान काल) के १२ उपप्रकार टेंस में से प्रमुखता से अगर आपने ९ उपप्रकार टेंस को अच्छे से समझ लिया तो आपको अंग्रेजी बोलने से जुडी शुरुवाती दिक्कते नहीं आएगी और इससे वाक्य रचना का ज्ञान भी प्राप्त हो जायेगा।
  2. रोज मर्रा की जिंदगी में आपके दोस्त, भाई-बहन, माता-पिता, अध्यापक, रिश्तेदार व् अन्य लोगो को अंग्रेजी में शुभप्रभात,शुभ मध्यान्ह काल, शुभ संध्या, शुभ रात्री कहना शुरू करे। साथ ही उनका हालचाल भी अंग्रेजी में पूछे जैसे के आप कैसे हो?, क्या मैं आपकी कुछ सहायता कर सकता हु?, क्या मेरे लायक कोई कार्य है? ऐसे ढेर सारे आसान वाक्य रचनाओं से आपकी अंग्रेजी बोलने की आदत को बढ़ाये तथा लोगो से इस भाषा में आसान वाक्य में वार्तालाप बढ़ाये। इन सभी चीजों को बार बार दोहराने से आपके मन में आत्मविश्वास निर्माण होगा और नए जोश के साथ अंग्रेजी भाषा में बोलने पर उत्साहित होंगे।
  3. अंग्रेजी में मौजूद शब्दों का संग्रह बढ़ाये हर दिन नए शब्दों के अर्थ समझे उनको बोलीचाली में इस्तेमाल करने का प्रयास करे इससे आपको विश्वास मिलगा के जो शब्द सुनने में पहले अटपटे लगते थे उन्हें आप आसानी से बोल पा रहे है। और धीरे धीरे इस प्रक्रिया को निरंतरता से बढ़ाये इससे कुछ समय पश्चात आपको बेहतरीन लाभ होंगे।
  4. अंग्रेजी अख़बार सबसे उत्तम विकल्प होता है जहाँ से आप विभिन्न वाक्य रचनाओं को पढ़ सकते है, अख़बार पढ़ते समय कोशिश करे के जो बात आप पढ़ रहे है उसका सही से अर्थ लगाने की, शुरुवात में ये मुश्किल लगेगा पर हमने आपको जो पहले बताया के शब्दों का संग्रह करे वो बात यहाँ आपके काम आएगी।
  5. अधिकतर बार राष्ट्रीय और आंतरराष्ट्रिय स्तर के न्यूज चैनल पर समाचार सुनने की आदत डाले, इससे आपकी अंग्रेजी सुनने की क्षमता बढ़ेगी साथ ही आपके अंग्रेजी शब्दों की प्रकार से स्पष्ट तरीके से बोलना होता है इसका ज्ञान भी आपको मिल पायेगा। इससे अंग्रेजी बोलने का अभ्यास करते समय आपको शब्द उच्चारण में आनेवाली दिक्क़ते हल होने हेतु मदद मिलेगी, साथ ही मुश्किल शब्दों के उच्चारण को आप इस तरीके से आसान भी बना सकते है।
  6. अंग्रेजी भाषा में विभिन्न विषयो पर बने ज्ञानवर्धक डॉक्यूमेंट्री, मूवीज इत्यादि देखे और सुने जिससे ज्ञान तो प्राप्त होगा ही साथ ही आपकी अंग्रेजी की समझ भी बढ़ेगी। इन माध्यमों के द्वारा प्राप्त ज्ञान को अपने तरीके से अंग्रेजी में लिखने का प्रयास करे तथा बोलीचाली में ये बाते अन्य लोगो को अंग्रेजी में बताने की कोशिश करे, इससे आपकी अंग्रेजी बोलने में प्रगति होना निश्चित है।
  7. उपरोक्त दिए गए सभी बातो का कुछ दिनो तक निरंतर प्रयास करने के बाद आप अपने दोस्त, पारिवारिक सदस्यों तथा रिश्तेदार इत्यादि से समूह में किसी भी खास विषय पर अंग्रेजी भाषा में चर्चा करे। यहाँ समूह चर्चा में आप अपने विचार रखे, तथा चर्चा विषय पर आपके पास कुछ खास जानकारी हो तो उसे साझा करे, इससे आपको अंग्रेजी में अपना मत व्यक्त करने के साथ किसी विषय का वर्णन करने का कौशल प्राप्त होगा। ये सही मायने में आपका अंग्रेजी बोलने से संबंधित महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
  8. अधिकतर अंग्रेजी किताबो को पढ़ना साथ ही विभिन्न विषयो पर अंग्रेजी आर्टिकल्स,ब्लॉग इत्यादि को पढ़ना आपके लिए मददगार साबित हो सकता है।
  9. आपके महाविद्यालय, स्कूल इत्यादि में विशेष दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अंग्रेजी में भाषण देकर अपने विचार प्रकट करने के प्रयास करे जिससे आपके विश्वास में वृद्धि होगी तथा आपके अंग्रेजी बोलने में सुधार होंगे।
  10. अंतिम बात महत्वपूर्ण बात यही है के आपको गलतिया होने से डरना नहीं है, बल्कि उनके सुधारो पर निरंतर ध्यान देना है। क्योंकि गलती करने पर ही आप सिख पायेंगे और इसमें कोई बुराई नहीं की अंग्रेजी बोलने में आपसे गलतिया हो रही है, आगे चलकर ये गलतिया ही फलस्वरूप अच्छे परिणाम लायेंगी इतना विश्वास रखे।

इस तरह अबतक हमने आपको अंग्रेजी में बोलने हेतु आवश्यक बातो की जानकारी दी, हमें पूरा विश्वास है के दिए गए जानकारी को आपने अच्छे से समझा होगा तथा इसका लाभ भी आप को होगा। अगर ये जानकारी आपको महत्वपूर्ण और उपयोगी लगती है तो अन्य लोगो तक साझा करे, हमसे जुड़ने हेतु धन्यवाद।

इंग्लिश स्पीकिंग पर अधिकतर बार पूछे वाले सवाल – English Speaking Quiz

Q. अगर मुझे अंग्रेजी में बोलना है तो अंग्रेजी ग्रामर आना आवश्यक है क्या? (Is there any necessity about to learn English grammar for speaking in English?)
जवाब: स्वाभाविकतः आपको अपनी मातृभाषा सिखने हेतु ग्रामर की उतनी आवश्यकता नहीं होती क्योंकि इसके लिए आप स्वाभाविक तौर पर बोलने, लिखने में समर्थ हो जाते है। पर किसी भी अन्य नयी भाषा को सिखने के लिए उसके वाक्य रचना हेतु ग्रामर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, जिससे आप आसानी से उस भाषा को सिख पाते है, ये नियम अंग्रेजी भाषा बोलने और सिखने हेतु भी लागु होता है।

Q. कम समय में अंग्रेजी में बोलना है तो कौनसी बातो को करना लाभदायक हो सकता है? (Which things can be helpful to speak in English during short time period?)
जवाब: पहले तो अंग्रेजी भाषा में दिन भर के क्रियाकलापों में शामिल बातो को पूर्ण करने का प्रयास करे जैसे के किसी को शुभ प्रभात से लेकर शुभ रात्रि तक शुभचिंतन दे, या हाई, हैलो, हाउ आर यू ? जैसे बातो में वार्तालाप करे। तीन मुख्य समयकाल में से पहले ९ प्रकारो को अच्छे से सीखे जिससे वाक्य रचना करना बेहद आसान होगा, इसके साथ अंग्रेजी शब्द संग्रह बढ़ाये और हर दिन नए शब्दों को सिखे ये आपको आगे चलकर लाभकारी सिध्द होगा। रोजाना अंग्रेजी अख़बार पढ़े तथा अंग्रेजी समाचार सुने इससे आपको नए शब्द सिखने को मिलेंगे तथा बोलने की शैली ध्यान में आएगी और उच्चारण से संबंधित दिक़्क़तों से छुटकारा मिलेगा। इत्यादि बातो के निरंतर प्रयास आपको कम समय में अंग्रेजी बोलने से संबंधित असरदार नतीजे दिलायेंगे।

Q. क्या अंग्रेजी में बोलने हेतु इससे संबंधित किताबो को पढ़ना आवश्यक होता है? ये कितना फायदेमंद होता है? (Is there any necessity to read English-speaking-related books to speak in English? How much it can be beneficial?)
जवाब: एक बात महत्वपूर्ण होती है के किसी भी भाषा को पहले समझना होता है, तभी उसमे वार्तालाप करना आसान होता है, यहाँ पर अगर आप इंग्लिश स्पीकिंग से जुड़े किताबो को पढ़ रहे है तो निश्चित ही ये अच्छी बात है। पर जब तक आप जो कुछ भी पढ़ा है उसका बोलने के तौर पर अभ्यास नहीं करेंगे तब तक आपमें वार्तालाप हेतु आवश्यक आत्मविश्वास जागृत नहीं होगा। पढ़ना फायदेमंद तभी होता है जब उसका असल जिंदगी में उपयोग कर पाए, इंग्लिश स्पीकिंग में भी ये नियम लागु होता है।

Q. क्या इंग्लिश स्पीकिंग हेतु कोचिंग लेने की अनिवार्यता होती है? (Is there any compulsion about joining a coaching class for speaking in English?)
जवाब: किसी कोचिंग क्लास से अंग्रेजी बोलने की कला सीखना उतना आवश्यक नहीं होता जितना आवश्यक आपके मन से अंग्रेजी बोलने से संबंधित डर ख़त्म होना आवश्यक होता है। भलेही आप कोचिंग ले रहे हो ये अच्छी ही बात है, पर जरुरी है आप अंग्रेजी बोलने हेतु कितने निरंतर प्रयासरत है और खुदसे आप इसपर कितना कार्य कर रहे है क्योंकि सीखना आपको है सिखानेवाला आपके अलावा ढेर सारे लोगो को भी सिखाता है। उसमे से स्वयं प्रेरित लोग ही इसमें सफलता हासिल कर पाते है ये निश्चित है। यहाँ अनिवार्यता आपको अंग्रेजी से जुड़े बुनयादी बातो को सिखने की है जिसे आप स्वयं प्रयास करके भी सिख सकते है इसके लिए इससे जुड़े किताब, जानकारी स्त्रोतों की मदद ले।

Q. समूह चर्चा करना इंग्लिश स्पीकिंग हेतु कितना लाभदायक सिध्द होता है? (How much group discussion can be helpful for speaking in English?)
जवाब: बहुत हद तक ये वही कदम होता है जो आपके अंग्रेजी में बोलने हेतु सबसे महत्वपूर्ण होता है, यु कहे तो ये वही मंच होता है जहा आप खुदको खुलकर अभिव्यक्त कर सकते है। समूह चर्चा के माध्यम से अंग्रेजी भाषा में आप अपनी राय रख सकते हो तथा किसी विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी अन्य लोगो के साथ साझा कर पाते हो। इस कार्य से निश्चित ही आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और आपकी अंग्रेजी में बोलते समय होनेवाली गलतियों का एहसास हो सकता है जिसे सुधारने का कार्य करने का मौका आपको मिल पाता है।

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