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महाराष्ट्र दिवस पर निबंध – Maharashtra Day Essay in Hindi

Maharashtra Day Essay in Hindi

1 मई का दिन महाराष्ट्र राज्य के लिए बेहद खास दिन है, क्योंकि इसी दिन यह राज्य तमाम आंदोलन, संघर्ष और लड़ाइयों के बाद अपने आस्तित्व में आया था। इसलिए 1 मई को हर साल ‘महाराष्ट्र डे’ के रुप में बेहद उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है।

वहीं आज इस पोस्ट में हम आपको ‘महाराष्ट्र डे’ पर निबंध उपलब्ध करवा रहे हैं, जिसमें आपको ‘महाराष्ट्र डे’ से संबंधित सभी जानकारी मिलेगी और यह भी पता लगेगा कि किस तरह इस राज्य को एक अलग राज्य का दर्जा मिला। इस निबंध का इस्तेमाल आप अपनी जरूरत के हिसाब से कर सकते हैं –

Maharashtra Day Essay in Hindi

महाराष्ट्र दिवस पर निबंध – Maharashtra Day Essay in Hindi

1 मई को ज्यादातर लोग मजदूर दिवस के रुप में जानते हैं, कम ही लोग जानते हैं कि 1 मई को ही देश के सबसे बड़े राज्यों में शुमार महाराष्ट्र राज्य स्थापित किया गया था। इसलिए हर राज्यों की तरह महाराष्ट्र राज्य भी अपना स्थापना दिवस हर साल इस दिन महाराष्ट्र दिवस के रुप में मनाता है।

यह दिवस महाराष्ट्र के लोगों के लिए बेहद खास दिन है। इस मौके पर सांस्कृतिक, धार्मिक समेत कई रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें मराठी सभ्यता और संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिलती है।

महाराष्ट्र दिवस कब मनाया जाता है – When is Celebrate Maharashtra Day

देश के सबसे सफल और बड़े राज्यों में से एक महाराष्ट्र राज्य आज पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है।

1 मई, साल 1960 में महाराष्ट्र राज्य की स्थापना की गई थी, इससे पहले महाराष्ट्र और गुजरात राज्य, दोनों बॉम्बे राज्य का हिस्सा हुआ करत थे, क्योंकि राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत जब अलग-अलग राज्यों का गठन किया गया था, तब मराठी और गुजराती बोलने वालों की अनदेखी की गई थी, इन दोनों को अलग राज्य देने की बजाय बॉम्बे प्रांत का ही हिस्सा बना दिया गया था।

जिसके बाद 1 मई, 1960 को आस्तित्व में आया, इसलिए इसे हर साल 1 मई को महाराष्ट्र डे के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन महाराष्ट्र के सभी स्कूल, कॉलेज, सरकारी ऑफिस का अवकाश रहता है।

कैसे हुई ‘महाराष्ट्र राज्य’ की स्थापना और क्यों मनाया जाता है महाराष्ट्र डे – History of Maharashtra

बॉम्बे एक ऐसा प्रांत था, जहां ज्यादातर मराठी और गुजराती भाषा बोलने वाले लोग रहते थे, इसलिए कुछ समय बाद भाषा के आधार पर लोग अपने अलग-अलग राज्यों की मांग करने लगे, ताकि मराठी भाषा को जानने वाले लोग एक अलग प्रदेश में रह सकें और गुजराती भाषा को जानने वाले लोग एक अलग प्रदेश में रह सकें।

वहीं साल 1960 में लोगों ने गुजरात को एक अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर महागुजरात आंदोलन चलाया गया, जबकि महाराष्ट्र को एक अलग प्रदेश बनाने के उद्देश्य से संयुक्त समिति का गठन किया गया था। इसके अलावा भी अलग-अलग राज्यों के गठन को लेकर लोंगों ने कई आंदोलन किए और तमाम लड़ाइयां लड़ी।

देश की आजादी के बाद 1 मई साल 1960 को उस दौरान नेहरू सरकार ने बॉम्‍बे प्रदेश को ‘बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960’ के तहत बॉम्बे प्रदेश को महाराष्‍ट्र और गुजरात दो अलग- अलग राज्‍यों में बांट दिया, जो कि पहले एक ही प्रदेश ही हिस्सा माने जाते थे। इस तरह महाराष्ट्र राज्य को अपनी एक अलग पहचान मिली।

हालांकि महाराष्ट्र और गुजरात दोनों राज्यों के अलग होने के बाबजूद भी दोनों राज्यों में बॉम्बे को लेकर काफी संघर्ष छिड़ा, लेकिन बाद में महाराष्ट्र राज्य के अधीन बॉम्बे को सौंपा गया, जो की आज न सिर्फ उद्योग, पर्यटन की दृष्टि से काफी अहम है बल्कि, मनोरंजन जगत को बढ़ावा देने के लिए इसको एक अलग पहचान मिली है।

महाराष्ट्र दिवस कैसे मनाया जाता है – How to Celebrate Maharashtra Day

महाराष्ट्र राज्य की स्थापना दिवस को खास बनाने के मकसद से विशेष परेड निकाली जाती है। कई सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता, जिसमें मराठी संस्कृति और सभ्यता की अनुपम एवं अनूठी झलक देखने को मिलती है।

इसके अलावा इस मौके पर उन लोगों को भावपूर्ण श्रद्दांजली अर्पित की जाती है, जो महाराष्ट्र राज्य बनाने के लिए आंदोलन करते वक्त शहीद हो गए थे।

उपसंहार

‘महाराष्ट्र डे’ (Maharashtra Day) को विशेष तरह से मनाए जाने से यहां के लोगों को अपने प्रांत की भाषा और संस्कृति के महत्व को समझने का मौका मिलता हैं, साथ ही उनके अंदर अपने राज्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।

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