श्रीलंका देश के बारेमें महत्वपूर्ण घटनाएँ और जानकारी | Sri Lanka History Information in Hindi

Sri Lanka History in Hindi

श्रीलंका देश का १९७२ तक नाम सीलोन था, जिसे १९७२ में बदलकर लंका तथा १९७८ में इसके आगे सम्मानसूचक शब्द “श्री” जोड़कर श्रीलंका कर दिया गया। यह देश एक बहुजातीय तथा बहुधार्मिक है। इसी तरह की श्रीलंका के बारेमें पूरी जानकारी – Sri lanka Information आगे पढिए –

श्रीलंका का प्राचीन इतिहास, और जानकारी – Sri Lanka History Information in Hindi

Sri Lanka History in Hindi
Sri Lanka History in Hindi

श्रीलंका की जानकारी संक्षेप मे – Sri Lanka Information in Hindi

देश का नाम (Country Name)श्रीलंका।
प्राचीन नाम (Ancient Name)सीलोन।
श्रीलंका की राजधानी (Capital of Sri Lanka)श्री जयवर्देनेपुरा कोट्टे(प्रशासकीय राजधानी), कोलंबो(व्यापारिक राजधानी)
कुल जनसँख्या (Total Population of Sri Lanka)२ करोड १९ लाख २० हजार।
देश की प्रमुख भाषाएँ(Languages of Sri Lanka)सिंहली (राष्ट्रभाषा), अंग्रेजी, श्रीलंकन तमिल, भारतीय तमिल, वेद्दास, मलाया, बुर्घर, चायनीज, मूर इत्यादि।
देश का आर्थिक चलन (Currency of Sri Lanka)श्रीलंकन रुपी।
देश का राष्ट्रीय खेल (National Sport of Sri Lanka)वॉलीबॉल।

राष्ट्रीय पशु(National Mammal of Sri Lanka)
Lion – शेर।
राष्ट्रीय पक्षी (National Bird of Sri Lanka)जंगली सिलोन मुर्गा।
देश का राष्ट्रीय फल (National Fruit of Sri Lanka )Jackfruit – कटहल।
राष्ट्रीय फुल (पुष्प) (National Flower of Sri Lanka) ब्लू(नीला) वॉटर लिली पुष्प।
राष्ट्रीय पेड (वृक्ष) (National Tree of Sri Lanka)सिलोन आयरनवुड वृक्ष।
देश का स्वतंत्रता वर्ष (Independence Day of Sri Lanka) ४ फरवरी १९४८।

श्रीलंका देश की भौगोलिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमी – History and Geography of Sri Lanka

श्रीलंका, अधिकारिक रूप से डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ श्रीलंका दक्षिण-पूर्व भारत के पास के दक्षिण एशिया का ही देश है। श्रीलंका के उत्तर-पश्चिम में भारत की सीमा और दक्षिण-पश्चिम में मालदीव की सीमा है।

श्रीलंका का दस्तावेज इतिहास 3000 साल पुराना है, साथ ही 1,25,000 साल पहले के पूर्व ऐतिहासिक समय में मानव बस्ती के कुछ सबुत भी मिले है।

यह एक भौगोलिक जगह है और द्वितीय विश्व युद्ध के समय से ही स्थापित गहरे बंदरगाह इस जगह को सामरिक महत्त्व भी देते है। श्रीलंका 1972 तक सीलोन के रूप में ब्रिटिश औपनिवेशक की शुरुवात के रूप में जाना जाता था।

श्रीलंका के ताजे इतिहास में 13 साल का सिविल वॉर शामिल है, जो दृढ़ता से तब खत्म हुआ जब श्री लंका के सैनिको ने लिबरेशन टाइगर ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE) को 2009 में पराजित किया था।

यह विभिन्नताओ और बहु-संस्कृतियों वाला देश है, साथ ही श्रीलंका बहुत से धर्मो, जातीय समूह और भाषाओ का भी घर है। बहुमत वाली लंका, बहुत से श्रीलंकन और भारतीय तमिल, मूर, बुर्घेर, मलाया, काफ़िर और आदिवासी वेदा लोगो का घर भी है। श्री लंका में समृद्ध बौद्ध विरासत है और श्रीलंका बुद्धा के लेखो के लिए भी प्रसिद्ध है।

श्रीलंका एक गणराज्य और संयुक्त राज्य है जिसपर अर्ध-राष्ट्रपति प्रणाली से शासन किया जाता है। श्रीलंका की वैधानिक राजधानी श्री जयावार्देनेपुरा कोट्टे, कोलम्बो का सबसे बड़ा शहर है।

अंतर्राष्ट्रीय मौको पर श्रीलंका का इतिहास काफी लंबा रह चूका है, साथ ही श्री लंका दक्षिण एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन और यूनाइटेड नेशन, कामनवेल्थ ऑफ़ नेशन, G77 और गुट निरपेक्ष अभियान के संस्थापन सदस्य भी थे। मालदीव के साथ ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में उच्चतम विकास दर के साथ श्रीलंका दक्षिण एशिया के दो देशो में से एक है।

श्रीलंका देश मे मौजूद प्रमुख धर्म – Religions in Sri Lanka

समुद्र से घिरे हुए प्राकृतिक द्वीप के रूप मे बसा हुआ छोटासा देश होने के बावजुद दुनिया मे महत्वपूर्ण देशो की सूची मे श्रीलंका को स्थान प्राप्त हुआ है। इस देश मे प्राकृतिक सुंदरता की कोई कमी नही है, जहाँ चारो ओर आपको यहाँ हरियाली नजर आएगी।

बात करे देश मे मौजूद धर्मो की तो यहाँ की सर्वाधिक जनसंख्या बौध्द धर्म का पालन करती है, और यह देश का प्रमुख धर्म है। इसके अलावा हिंदू धर्म के लोगो की संख्या देश मे अच्छी खासी मौजूद है, जिसमे अधिकतर दक्षिण भारतीय मूल के तमिल भाषिक लोग यहाँ पर मौजूद है।

इसके बाद अन्य धर्मो के तौर पर इस्लाम और इसाई धर्म का पालन करनेवाले लोगो का क्रम लगता है, जिनकी देश के कुल आबादी की तुलना मे १६ प्रतिशत तक जनसंख्या मौजूद है।

श्रीलंका की प्रमुख भाषाएँ – Languages in Sri Lanka

आधुनिक युग मे जहाँ दुनिया के अधिकतर देशो मे अंग्रेजी का भाषा का प्रमुख तौर पर प्रयोग किया जाता है, शायद श्रीलंका भी इससे कुछ हद तक प्रभावित है। पर फिर भी अंग्रेजी को देश मे शिक्षा और अन्य कामकाज हेतू दुय्यम स्थान प्राप्त है, श्रीलंका मे प्राथमिक भाषा के तौर पर सिंहली और तमिल भाषा का देश के सभी हिस्सो मे प्रचुर मात्रा मे प्रयोग किया जाता है।

यहाँ पर सिंहली/तमिल को मातृभाषा और राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त है, जिसका आम तौर पर बोलीचाली मे इस्तेमाल किया जाता है। श्रीलंका मे आपको श्रीलंकन तमिल और भारतीय तमिल इस तरह से दोनो भाषा का इस्तेमाल करनेवाले भाषिक लोग मिल जाएंगे।

बात करे अन्य मौजूद भाषाओ की तो यहाँ पर चायनीज, वेद्दास, मलाया, बुर्घर, सिलोन मूर,उर्दू इत्यादि भाषा का भी उपयोग किया जाता है।

श्रीलंका का इतिहास संक्षेप मे – Brief History of Sri Lanka

भारत के इतिहास से श्रीलंका देश का इतिहास काफी ज्यादा मेल खाता है, क्योंकी तत्कालीन सीलोन और भारत के बीच ना केवल व्यापारिक संबंध थे बल्की धार्मिक और ऐतिहासिक संबंधो की पार्श्वभूमी भी रही है।

इसका सबसे उत्तम उदाहरण रामायण काल के रावण का राज्य तथा प्रभू श्रीराम के द्वारा रावण का पराजय हमे दर्शाता है के प्राचीन काल से श्रीलंका मे मानवीय संस्कृती काफी समृध्द थी और उसका विस्तार भी इस देश मे काफी हद तक हुआ था। इस बात के सबूत आज भी हमे श्रीलंका मे देखने को मिलते है, जिसका पर्यटन स्थल के रूप मे देश अंतर्गत विकास हुआ है।

श्रीलंका के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण अंग है बौध्द धर्म का प्रचार प्रसार जिसकी नींव इसवी सदी पूर्व लगभग २५० साल पहले सम्राट अशोक द्वारा रखी गई थी। भारत के ऐतिहासिक स्त्रोतो से हमे इस बात के पुख्ता सबूत प्राप्त होते है के सम्राट अशोक ने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को बौध्द धर्म के प्रसार हेतू श्रीलंका भेजा था।

आगे बौध्द धर्म के प्रसार ने मानो श्रीलंका के सामाजिक और धार्मिक परिवेश मे अद्भुत बदलाव लाए, शायद इसी वजह से इस देश की सर्वाधिक जनसंख्या वाले धर्म के रूप मे बौध्दमत उभरकर सामने आया।

स्पष्ट रूप से यह तय है के श्रीलंका के ऐतिहासिक पार्श्वभूमी से गौतम बुध्द, प्रभू श्रीराम और सम्राट अशोक का संबंध है, इसके अलावा साल १९४८ तक इस देश पर क्रमगत तौर पर पुर्तुगाली, डच और बादमे मे अंग्रेजो ने शासन किया था।

अंततः ४ फरवरी १९४८ को श्रीलंका को अंग्रेजो से स्वतंत्रता हासिल हुई थी और आज संवैधानिक देश के रूप मे श्रीलंका देश की पहचान बन गई है।

श्रीलंका के इतिहास के प्रमुख शासक – Sri Lanka History Kings

यहाँ आप जानेंगे श्रीलंका के ऐतिहासिक शासको के बारे मे, जिनका ब्यौरा निम्नलिखित तौर पर दिया गया है –

  • विजय (इसवी सदी पूर्व ५४३ – ५०५, श्रीलंका का प्रथम शासक जो के भारत से श्रीलंका आया था।
  • उपातीस्सा (राजा विजय का मंत्री)
  • पांडू वासुदेवा (राजा विजय का सगा भाई)
  • अभया ( पांडू वासुदेवा का बडा पुत्र)
  • पांडूकाभ्य
  • गनतिस्स
  • मुतासिवा
  • देवनामपियातीस्स (सम्राट अशोक के समकालीन श्रीलंका का राजा)
  • उत्तीया
  • महासिवा
  • महानामा
  • श्री विक्रमा राजसिंघे (श्रीलंका का अंतिम शासक)

आपको बता दे वैसे तो श्रीलंका के इतिहास मे लगभग १८५ शासक हुए है, जिसमे से कुछ प्रमुख शासको का विवरण यहाँ पर हमने आपको दिया है।

श्रीलंका की संस्कृती और सामाजिक जीवन – Culture And Social Life of Sri Lanka

ऐतिहासिक स्त्रोतो के अनुसार राजा विजय ने भारत से श्रीलंका मे गमन किया था, उसके पश्चात वहा के वे शासक बन गए थे जिसके बादसे श्रीलंका मे राजघराणो का साम्राज्य शुरू हुआ। राजा देवनामपियातीस्स के शासनकाल से श्रीलंका मे बौध्द धर्म का प्रसार शुरू हुआ, जो के देखते ही देखते श्रीलंका का सर्वाधिक जनसंख्या वाला धर्म बन गया।

शुरू मे श्रीलंका मे हिंदू और बौध्द धर्म का पालन करनेवाले लोग ही मौजूद थे, जिसमे इस्लाम के उदय के बाद इस धर्म के लोगो का भी प्रवेश हो गया। इसवी सदी १७ से डच, पुर्तगाली और अंग्रेजो ने क्रमशः श्रीलंका मे शासन किया था, इस वजह से इसाई धर्म का प्रसार भी इस देश मे हुआ है।

आजके सामाजिक परिवेश मे श्रीलंका मे हमे मुख्य रूप से इन चारो धर्म से जुडे लोगो की संख्या अच्छी खासी देखने को मिलती है, जिस वजह से यहाँ इन सभी के धार्मिक स्थल भी मौजूद है। बौध्द, हिंदू, इसाई और इस्लाम धर्म की मान्यता और परंपराओ का पालन ज्यादातर यहाँ किया जाता है, साथ ही इन सभी के सालभर मे आनेवाले त्यौहारों को भी हर्षोल्हास से मनाया जाता है।

हिंदू धर्म के तमिल भाषिक ज्यादातर लोग श्रीलंका मे रहते है, जिनका मूल भारत के तमिलनाडू राज्य से संबंधित है, वही बौध्द धर्म की हीनह्यान तथा महायान, लामा आदि पद्धती का पालन भी देश मे किया जाता है।

देश की प्रमुख भाषा के रूप मे सिंहली और तमिल को स्थान प्राप्त है, जो के आधिकारिक भाषाए है। वही इस देश ने संवैधानिक प्रणाली का स्वीकार किया है, जिसके अनुसार शासन व्यवस्था कायम की गई है।

श्रीलंका का आर्थिक चलन श्रीलंकन रुपी है तथा इस देश का राष्ट्रगान ‘श्रीलंका माथा’ यानि के ‘माता श्रीलंका’ है, जिसे आनंदा समारकून ने साल १९३९ मे लिखा था जो के गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर से काफी ज्यादा प्रभावित थे।

श्रीलंका मे मौजूद प्रसिध्द पर्यटन स्थल – Famous Tourism Places in Sri Lanka

Tourism Places in Sri Lanka
Tourism Places in Sri Lanka

यहाँ हम आपका परिचय कराएंगे श्रीलंका मे मौजूद प्राकृतिक तथा खुबसुरत पर्यटन स्थलो से, जिसके बारे मे जानकर आपको अवश्य एक बार इन जगहो पर घुमने जाने का मन होगा, इसमे शामिल है –

  • गैले किला
  • हॉर्टन प्लेन्स नेशनल पार्क
  • टेम्पल ऑफ सेक्रेड टूथ रेलिक
  • मिरीस्सा बिच
  • हिक्कादुवा बिच
  • उडवलावे नेशनल पार्क
  • मातारा बिच
  • हम्बनटोटा
  • राम सेतू
  • अशोक वाटिका
  • कैंडी शहर
  • पोल्लोनारुवा, इत्यादि..

श्रीलंका के इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण दिन – Important Dates in Sri Lanka History

  • पांचवी शताब्दी BC – इंडो-आर्यन प्रवासी उत्तरी भारत से निकालकर एक द्वीप पर सेटल हुए।
  • तीसरी शताब्दी BC – तमिल लोगो के भारत से बाहर निकलने की शुरुवात होने लगी।
  • 1505 – कोलम्बो में पुर्तगाली लोगो का आगमन हुआ, इससे यूरोपियन रूचि की शुरुवात हुई।
  • 1658 – डच ने पुर्तुगालीयो को श्रीलंका के अधिकतर हिस्सो से खदेड दिया, तथा अपना शासन कायम किया सिवाय कैंडी शहर के केंद्र मे बसे राज्य को छोडकर।
  • 1796 – ब्रिटीश शासन ने श्रीलंका के छोटे टापूओ पर अपना अधिकार जमाना प्रारंभ कर दिया।
  • 1815 – ब्रिटीश शासन द्वारा दक्षिण भारत से तमिल मजदुरो को श्रीलंका लाया गया तथा उनसे चाय, कॉफी के पौधे और नारीयल पेड लगाने का कार्य प्रारंभ हुआ।
  • 1833 – पुरे द्वीप को ब्रिटिश एडमिनिस्ट्रेशन के तहत संयुक्त किया गया।
  • 1948 – सीलोन को पूरी आज़ादी मिली।
  • 1958 – तमिल भाषिक विरुध्द संघर्ष चरणसीमा पर पहुँच गया, जिसमे हिंसक झड़प और दंगो में लगभग २०० लोगो की मौत हो गई।
  • 1959 – प्रधानमंत्री बंदारनाईके की बौध्द भिख्खू द्वारा निर्मम हत्या की गई, जिसके बाद उनकी धर्मपत्नी सिरीमावो बंदारनाईके को साल १९६० मे प्रधानमंत्री बनाया गया था। ये विश्व इतिहास मे प्रथम महिला प्रधानमंत्री के तौर पर नियुक्त हुई थी।
  • 1972 – सीलोन का नाम बदलकर श्री लंका रखा गया।
  • 1976 – लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE) ने सीधे चलने की शुरुवात करे।
  • 1983 – सिविल वॉर की शुरुवात की गयी।
  • 2009 – LTTE की हार हुई, युद्ध में 70,000 से 80,000 लोग मारे गये थे।
  • 2019 – जिहादियो द्वारा इस्टर संडे के दिन चर्च और हॉटेल मे आत्मघाती हमले मे बम विस्फोट किया गया जिसमे लगभग १८४ लोगो की मौत हुई थी।

इस तरह से अबतक आपने श्रीलंका देश से जुडी विभिन्न पह्लूओ की जानकारी को पढा, जिसमे हमने आपको अधिकतर महत्वपूर्ण बातो से परिचित कराया। हमे विश्वास है के दी गई जानकारी आपको काफी पसंद आयी होगी, इसे अन्य लोगो तक पहुचाने हेतू लेख को अन्य लोगो के साथ अवश्य शेयर करे, अबतक हमसे जुडे रहने हेतू बहुत बहुत धन्यवाद।

श्रीलंका के बारे मे अधिकतर बार पुछे जानेवाले सवाल – Gk Quiz on Sri Lanka

Q. श्रीलंका देश के इतिहास के बारे मे जानकारी हमे कौनसे किताबो से प्राप्त होती है? (History Books of Sri Lanka?)

जवाब: श्रीलंका – हिस्ट्री एंड द रूट्स ऑफ कॉन्फ्लिक्ट, तमिल्स इन श्रीलंका, श्रीलंका इन द मॉडर्न एज, ए हिस्ट्री ऑफ श्रीलंका, द स्टोरी ऑफ सीलोन, द केज – द फाईट फॉर श्रीलंका एंड द लास्ट डेज ऑफ तमिल टाइगर्स, श्रीलंका एट द क्रॉसरोडस ऑफ़ हिस्ट्री इत्यादि।

Q. भारत और श्रीलंका आपस मे किस जल विभाग द्वारा अलग हुए है? (which water body separates Sri Lanka from India?)

जवाब: पाल्क समुद्रखाडी और मन्नार की खाडी।

Q. श्रीलंका देश के राष्ट्रगान की निर्मिती किसने की है? (Who Wrote national anthem of Sri Lanka?)

जवाब: आनंदा समारकून ।

Q. विश्व की प्रथम महिला प्रधानमंत्री कौन है तथा वे कौनसे देश से संबंधित है? (Who is the first women prime minister in the world? From which country does she belong?)

जवाब: सिरीमावो बन्दरानाइक (श्रीलंका)

Q. श्रीलंका देश विश्व मे प्रसिध्द क्यो है? (Why Sri Lanka is so famous into the world?)

जवाब: विश्व के इतिहास मे श्रीलंका देश का संबंध बहुत सारे देशो के ऐतिहासिक घटनाओ के साथ है इसमे भारत के साथ अन्य आशियाई देश शामिल है। दुनिया मे चाय के प्रमुख उत्पादक देश के तौर पर श्रीलंका को देखा जाता है, जहा पर आए दिनो प्रचुर मात्रा मी कॉफी का उत्पाद भी किया जाता है। प्राचीन भारतीय धार्मिक मान्यताओ के अनुसार रामायण मे मौजूद रावण का राज्य तत्कालीन श्रीलंका मे होने के बारे मे वर्णित है इसके अलावा अशोक वाटिका जहा सीता को रखा गया था आदि स्थान भी श्रीलंका मे मौजूद है। राम सेतू को भारत – श्रीलंका के बीच समुद्र पर ही बनाया गया था, जो के आज भी पर्यटक और इतिहासकारो के लिए आकर्षण का विषय बना हुआ है। सम्राट अशोक द्वारा बौध्द धर्म के प्रचार हेतू उनके पुत्र और पुत्री को श्रीलंका मे भेजा गया था जिसके सबूत इतिहास मे मौजूद है। गौतम बुद्ध के दाँतो को आज भी श्रीलंका के एक मंदिर मे संभालकर रखा गया है, जिसे देखने दुनियाभर के बौध्द धर्म से जुडे लोग श्रीलंका मे आते है। इन सभी वजहो से दुनियाभर मे श्रीलंका देश काफी प्रसिध्द है।

1 COMMENT

  1. सर मालदीव देश के बारे में जानकारी दीजिए, उसका इतिहास और अन्य जानकारी

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