डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की मशहूर किताबें – Ambedkar Books in Hindi

Ambedkar Books in Hindi

दलितों के मसीहा के रुप में अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी एक महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, कानून मंत्री, दार्शनिक ही नहीं थे बल्कि उन्हें आधुनिक भारत के निर्माता के रुप में जाना जाता है।

उन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों को उनका हक दिलवाने, समाज में फैली जातिवाद और छूआछूत को खत्म करने, महिलाओं को उनका अधिकार दिलवाने और लोगों को शिक्षा के महत्व को समझाने में लगा दिया।

यही नहीं भीमराव आम्बेडकर जी ने साहित्य के क्षेत्र में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उन्होंने अपने महान विचारों और सोच से कई पुस्तकों की रचना की। अंबेडकर जी को हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, पाली, जर्मन, मराठी, फ्रेंच, पर्शियन और गुजराती सभी नौ भाषाओं का ज्ञान था।

आपको बता दें कि आधुनिक भारत के निर्माता अंबेडकर जी की निजी लाइब्रेरी में 50 हजार से भी ज्यादा किताबे थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट लाइब्रेरी थी। भीमराव अंबेडकर जी ने करीब 21 साल तक सभी धर्मों के अध्ययन के लिए तुलनात्मक रुप से पढ़ाई की थी।

भीमराव अंबेडकर जी की किताबों को पाठको द्धारा खूब पसंद किया जाता है। वहीं आज हम आपको अपने इस लेख में भीमराव अंबेडकर जी द्दारा लिखित प्रसिद्ध किताबों के बारे में बताएंगे –

डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की मशहूर किताबें – Ambedkar Books in Hindi

Ambedkar Books in Hindi
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भारत में जातियां- उनका मशीनीकरण, उतत्पत्ति और विकास (Castes in India: Their Mechanism, Genesis and Development)

भीमराव अंबेडकर जी की यह किताब मई, साल 1917 में प्रकाशित की गई थी। उसी साल कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्धारा अंबेडकर जी को डॉक्टरेट की डिग्री दी गई थी। महाराष्ट्र सरकार (बॉम्बे) के शिक्षा विभाग ने अम्बेडकर के लेखन और भाषण खंड 1 के संग्रह में इस लेख को प्रकाशित किया था।

इसके बाद इसका कई अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद किया गया था।

भगवान बुद्ध और उनका धम्म (The Buddha and His Dhamma: A Critical Edition)

भीमराव अंबेडकर जी ने अपने जीवन के आखिरी दिनों में इस किताब को काफी मुश्किलों से पूरा किया, वहीं उनकी यह किताब साल 1957 में उनके मरणोपरांत प्रकाशित की गई थी। भीमराव अंबेडकर जी की यह किताब उनकी बौद्ध धर्म पर की गई समीक्षा और विश्लेषण के लिए काफीमशहूर है। आपको बता दें कि यह किताब बुद्ध का पहला आलोचनात्मक संस्करण है।

शुद्र कौन थे ? – Who were the Shudras?

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी द्धारा लिखित यह एक ऐतिहासक पुस्तक है जिसे साल 1946 में प्रकाशित किया गया था । इस किताब में भीमराव अंबेडकर जी ने शुद्र वर्ण की उत्पत्ति की चर्चा की है। अंबेडकर जी ने इस किताब को ज्योतिराव फुले को समर्पित किया है।

बुद्ध या कार्ल मार्क्स – Buddha or Karl Marx by Dr. Ambedkar

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की यह सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली पुस्तकों में से एक है। भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव अंबेडकर जी ने अपनी इस किताब में मार्क्सवाद के मूल सिद्धांतों की व्याख्या की है।

उन्होंने ‘बुद्धा और कार्ल मार्क्स’ में इस सवाल का भी उल्लेख किया है कि यह कुछ साफ नहीं है कि मार्क्सवादियों के बीच तानाशाही कब तक चलेगी। इस किताब में अंबेडकर जी ने समाज में फैली छूआछूत और भेदभाव को मिटाने के लिए बुद्ध धर्म अपनाने पर जोर दिया और इसकी व्याख्या की है।

जातियों का विनाश / संहार – Annihilation of Caste

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की यह पुस्तक भारतीय राजनीति पर लिखी गई सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक है। इस पुस्तक को अंबेडकर जी ने साल 1936 में लिखा था। इस किताब में उन्होंने हिन्दू धर्म और इसकी जाति-व्यवस्था की कठोर निंदा की है।

Pakistan Or Partition Of India

भारत के महान समाज सुधारक, दार्शनिक और भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की यह पुस्तक उनकी पहली पुनर्मुद्रण संस्करण हैं। अंबेडकर जी बेहद ज्ञानी थे, उन्होंने अपने ज्ञान का इस्तेमाल दुनिया के सबसे बड़़े भारतीय संविधान के निर्माण में किया था।

उनकी यह किताब ”पाकिस्तान या भारत का विभाजन” को साल 1945 में मूल रुप से प्रकाशित किया गया था। यह किताब पाकिस्तान के खिलाफ हिन्दू मामला, पाकिस्तान के लिए मुस्लिम मामला समेत पाकिस्तान से संबंधित तमाम मुद्दों पर आधारित है।

इसके साथ ही ‘पाकिस्तान ऑर पार्टिशन ऑफ इंडिया‘ पुस्तक संस्थानों, विश्नविद्यालयों, लाइब्रेरी, राजनीति विज्ञान, मॉडर्न हिस्ट्री और सामाजिक कार्य के रिसचर्स के लिए जानकारी के लिए अनूठा स्त्रोत है।

रुपये की समस्या: इसका मूल और इसका समाधान – The Problem of the Rupee: its origin and its solution

भारत के अर्थशास्त्री के जनक भीमराव अंबेडकर द्धारा अर्थशास्त्र पर लिखित उनकी सर्वश्रेष्ठ किताबों में से एक है। जिसे पाठकों द्धारा खूब पसंद किया जाता है। उनकी यह किताब ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में चलाए जाने वाली मुद्रा पर कुछ प्रश्नचिन्ह खड़े करती है, इसके बाद ही भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का निर्माण किया गया था।

अंबेडकर जी की कुछ अन्य महत्वपूर्ण किताबें – 

  • भारत का राष्ट्रीय अंश
  • वेटिंग फॉर ए वीजा (WAITING FOR A VISA: Autobiographical notes)
  • हिन्दू धर्म के दर्शन (Philosophy of Hinduism)
  • प्राचीन भारत में क्रांति – Revolution and Counter Revolution in Ancient India
  • भारत में बौद्ध धर्म का पतन (The Decline And Fall Of Buddhism In India)
  • संघ बनाम स्वतंत्रता
  • जनता (साप्ताहिक)
  • महाराष्ट्र भाषाई प्रांत (MAHARASHTRA AS A LINGUISTIC PROVINCE)
  • जाति विच्छेद
  • श्री गांधी एवं अछूतों की विमुक्ति
  • मूल नायक
  • भारत में लघु कृषि और उनके उपचार
  • बहिष्कृत भरत
  • द अनटचेबलस: ए थीसिस ऑन द ओरिजन ऑफ अनटचेबिलिटी
  • रनाडे, गांधी और जिन्ना (RANADE GANDHI JINNAH)
  • Writings And Speeches: A Ready Reference Manual
  • द कॉन्सटीट्यूश ऑफ इंडियया (THE CONSTITUTION OF INDIA)
  • एडमिनिस्ट्रेशन एंड फाइनेंस ऑफ द ईस्ट इंडिया कंपनी (ADMINISTRATION AND FINANCE OF THE EAST INDIA COMPANY)
  • पाकिस्तान पर विचार (Thoughts on Pakistan)
  • (स्वतंत्रता के शब्द: एक राष्ट्र के विचार – अंबेडकर) Words of Freedom: Ideas of a Nation: B.R.Ambedkar
  • ब्रिटिश भारत में साम्राज्यवादी वित्त का विकेन्द्रीकरण
  • ब्रिटिश भारत में प्रांतीय वित्त का अभ्युदय

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