अंदमान और निकोबार द्वीप का इतिहास और जानकारी | Andaman and Nicobar Islands History Information

Andaman and Nicobar Islands – अंदमान और निकोबार द्वीप भारत का अहम हिस्सा माना जाता है। द्वीपों से बना हुआ यह समूह बंगाल की खाड़ी और अंदमान समुद्र के बिच में स्थित है। इस केंद्र शासित प्रदेश का इतिहास में बहुत बड़ा योगदान रहा है। कहा जाता है की इस अंदमान और निकोबार पर पहले अंग्रेज शासन करते थे। उनके यहापर बड़े बड़े जेल हुआ करते थे। जो लोग उनके ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ कोई काम करते तो उन्हें इस जेल में बंदी बनाकर रखा जाता था। उन लोगो को उम्र कैद की सजा सुनाई जाती थी। उस समय इसे ‘कालापानी की सजा’ कहा जाता था। यहा के ‘सेलुलर जेल’ में कई क्रांतिकारो को रखा गया था।

अंदमान और निकोबार द्वीप का इतिहास और जानकारी – Andaman and Nicobar Islands History Information

इस केद्र शासित प्रदेश का इतिहास भी काफी पुराना है जब यहापर ईस्ट इंडिया कम्पनी हुकुमत किया करती थी। यहापर ईस्ट इंडिया कंपनी गुनाहगारो को बंदी बनाकर जेल में डाल देती थी।

इतिहास बताता है की इस द्वीप पर सबसे पहले मार्को पोलो नाम का प्रवासी आया था। इस द्वीप पर 18 वी शताब्दी में मराठा शासक कान्होजी आंग्रे भी एक समय में शासन किया करते थे। लेकिन एक युद्ध में उन्हें अंग्रेज और पोर्तुगिजो की नौदल सेना ने साथ में मिलकर हरा दिया था और उसके साथ ही उनका शासन भी ख़तम हो गया।

सन 1789 में अंग्रेजो ने इस द्वीप पर अपनी कॉलोनी स्थापित की थी मगर बाद में सन 1796 में उन्होंने इस द्वीप को छोड़ दिया। लेकिन फिर बाद में 19 वी शताब्दी में अंग्रेजो ने इस द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया। 19 वी शताब्दी में अंग्रेज यहाँ के जेल में गुनहगारो को रखते थे और इसीलिए इसे बाद में ‘कालापानी’ नाम दे दिया गया।

इतिहास बताता है की जो भी इन्सान इस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ जो कुछ भी गुनाह करता था उसे अंदमान और निकोबार के जेल मे भेजा जाता था और उसे उम्र कैद की सजा सुनाई जाती थी। इस तरह से उसे पूरी जिंदगी अकेले रहना पड़ता था।

मगर अंग्रेजो की हुकूमत ख़तम होने के बाद में आजाद भारत में इस द्वीप से कालापानी नाम की सोच भी ख़तम हो गयी और तब से यह एक खुबसूरत द्वीप बना दिया गया। सन 1947 में इसे भारत का केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया। आज भारत के सात केंद्र शासित प्रदेश में अंदमान और निकोबार का नाम भी जोड़ा जाता है।

अंदमान और निकोबार द्वीप की भाषा – Andaman and Nicobar Islands Language

इस द्वीप पर बड़े लम्बे समय से अंदमानी लोग और निकोबारी लोग रहते है। यहाँ के सभी लोगो की भाषा, संस्कृति में बहुत विविधता है। इस द्वीप पर रहने वाले लोग ओंगे, अंदमानी, सेंतिली, जरावा और निकोबारी भाषा बोलते है।

अंदमान और निकोबार द्वीप की संस्कृति – Andaman and Nicobar Islands Culture

इसीलिए अंदमान और निकोबार में विभिन्न जाती, धर्म और अलग भाषा बोलने वाले लोग रहते है फिर भी यहा के लोगो की सस्कृति एक ही है, उनमे बहुत सारी समानता है। यहाँ के लोगो की सबसे खास बात यह है की इन लोगो में इतनी विविधता होने के बाद भी सभी लोग साथ में मिल जुलकर रहते है। जाती और धर्म के नाम पर यहाँ कभी भी हिंसा नहीं होती।

यहाँ जो लोग रहते है वो बहुत हजारों सालों से यहापर रहते है। कहा जाता है की यहाँ के लोग 60,000 साल से यहापर रह रहे है। यहाँ के लोग बाहरी दुनिया के लोगो के साथ में बिलकुल व्यवहार नहीं करते। इतना ही नहीं यहाँ के लोग व्यवहार में पैसे का भी इस्तेमाल नहीं करते। वो आज भी पुराणी वस्तु विनिमय पद्धति का इस्तेमाल करते है। प्राद्योगिकी में यहाँ के लोग काफी पिछड़े है। आम तौर पर यहाँ के लोग शिकार करना, फ़ल, शहद इकट्ठा करने का काम करते है। कुछ लोग व्यवसाय के रूप में मछलिया पकड़ते है।

अंदमान और निकोबार द्वीप का पर्यटन – Tourism of Andaman and Nicobar Islands

जो लोग पर्यावरण प्रेमी है उनके पर्यटन के लिए यह जगह सबसे उचित है। इस सुदंर द्वीप पर सेलुलर जेल, रोस द्वीप और हेवलॉक आयलैंड जैसे मुख्य आकर्षण केंद्र है।

अंदमान का जंगल पुरे साल भर हराभरा रहता है। यहापर सुन्दर समुद्र तट, साप की तरह चलने वाली खाडिया, समुद्र में विभिन्न जाती की वनस्पति और जिव देखने का मौका मिलता है। इन सब बातो के करीब से देखने के बाद किसी भी पर्यटक के जिंदगी में यह यादगार लमहा बन जाता है।

पर्यटन विभाग ने यहापर पर्यटकों के रहने के लिए गेस्ट हाउस की पूरी व्यवस्था की है। मानव विज्ञान संग्रहालय, समुद्री संग्रहालय, वाटर स्पोर्ट काम्प्लेक्स, गांधी पार्क, नार्थ बे, वायपर आयलैंड, रोस आयलैंड, चिदियातापू, रेड स्किन आयलैंड, कोर्बिन कोव बिच, नील आइलैंड, हेवलॉक आइलैंड, पंचक, लिटिल अंदमान, दिगलीपुर जैसे मुख्य पर्यटन केंद्र मौजूद है।

अंदमान और निकोबार द्वीप तक कैसे पहुचें – How to reach Andaman and Nicobar Islands

यहापर आने के लिए हवाई जहाज और जहाज से आने की पूरी व्यवस्था की गयी है। कोलकाता और चेन्नई से यहापर इंडियन एयरलाइन्स, एयर डेक्कन, जेटलाइट विमानों से आने की सुविधा उपलब्ध है। चेन्नई, कोलकता, और विशाखापत्तनम से यहापर नियमितरूप से जहाज भी आते है।

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