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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना | Beti Bachao Beti Padhao Yojana

Beti Bachao Beti Padhao Yojana

कहते हैं ना कि,

“जब आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं, तो आप सिर्फ एक आदमी को शिक्षित करते हैं, लेकिन जब आप किसी महिला को शिक्षित करते हैं, तो आप एक पीढ़ी को शिक्षित करते हैं”।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना – Beti Bachao Beti Padhao Yojana

Beti Bachao Beti Padhao Yojana

Beti Bachao Beti Padhao Yojana

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना क्या है ?- What is Beti Bachao Beti Padhao Yojana

भारत में लगातार घट रहे बेटियों के लिंग अनुपात को सुधारने, बेटियों की सुरक्षा करने और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना की शुरुआत की जिसका मुख्य उद्देश्य बेटी को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें एक बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।

वाकई अगर बेटियों को अच्छी शिक्षा दी जाती है तो उसका भविष्य तो बेहतर बनता ही है इसके साथ ही पूरे परिवार में भी इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है क्योंकि एक महिला पूरे परिवार की बागडोर संभालती है अगर वह शिक्षित होगी तो यकीनन इस अच्छा प्रभाव पड़ेगा इसके साथ ही समाज में भी महिलाओं की शिक्षा का दूरगामी प्रभाव पड़ता है।

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि महिलाओं को आधी आबादी भी कहा जाता है यानि की महिलाएं देश की कुल आबादी का करीब आधा हिस्सा है लेकिन फिर भी महिलाओं की स्थिति हमारे देश में उतनी अच्छी नहीं है अर्थात महिलाओं का लिंग अनुपात भी पुरुषों की तुलना में काफी कम रह गया हैं।

जिसका मुख्य वजह लड़कियों को जन्म होने से पहले ही मां की कोक में मार दिया जाता है इसके साथ ही कन्या भ्रूण हत्या – Kanya Bhrun Hatya के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है।

कई राज्यों में लड़कियों की संख्या बेहद कम हैं उन्हें शिक्षा देना तो दूर उन्हें जन्म तक नहीं लेने दिया जाता अर्थात जन्म से पहले या तो उन्हें मार दिया जाता है या फिर जन्म लेने के बाद कूडे़ में फेंक दिया जाता हे।

तो वहीं कई राज्य ऐसे हैं कि लड़कियों को सिर्फ रसोई तक ही सीमित कर दिया जाता है या फिर उनका बाल विवाह कर उन्हें जिम्मेदारियों के बोझ तले दवा दिया जाता है जिसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटियों की सुरक्षा और और उनकी शिक्षा को लेकर एक योजना बनाई जिसे “बेटी बचाओं,बेटी पढ़ाओ” योजना का नाम दिया।

इसके अभियान के माध्यम से न सिर्फ लोगों में बेटियों के प्रति सम्मान का भाव पैदा किया जा रहा है बल्कि लोगों में बेटियों को उच्च शिक्षा देने का भाव भी प्रकट हो रहा है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस योजना को लागू करने मुख्य उदेश्य लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव की भावना को कम करना, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और बेटियों की सुरक्षा के सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी है।

आपको बता दें कि लड़कियों की संख्या हमारे देश में लगातार कम होती जा रही है। साल 2001 की जनगणना के मुताबिक देश में करीब 1000 लड़कियों में 927 लड़कियां थी लेकिन 2011 में की गई जनगणना के मुताबिक ये आंकड़ा घटकर करीब 918 रह गया था।

जो की काफी चिंता का विषय है इसी को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की पहल की।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत- Beti Bachao Beti Padhao Yojana Launched

इस योजना की शुरुआत 22 जनवरी, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के महेन्द्रगण जिले में की थी। आपको बता दें कि इस योजना को कम लिंगानुपात वाले 100 जिलों में शुरू किया गया था। 100 करोड़ रुपए के कॉर्पस के साथ इस योजना की शुरुआत की गई थी।

इस योजना को शुरु करने का मुख्य मकसद था जिन राज्यों में बेटे-बेटी को लेकर असमानता फैली हुई है उसे कम किया जा सके साथ ही लड़कियों की संख्या पर काबू पाया जा सके।

बेटियो की सुरक्षा करना और कन्या भ्रूण हत्या को रोकना भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य लक्ष्य रखा गया था।

देश की जनसंख्या में लगातार इजाफा हो रहा है लेकिन लड़कियों का अनुपात दिन पर दिन कम होता जा रहा है जिस पर गौर नहीं किया गया तो ये काफी बड़ी समस्या बनकर उभर सकती है इसलिए मोदी सरकार ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की।

बेटियों के लिए शुरु की गई इस पहल के तहत महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर भी काबू पाया जा सकेगा।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के मुख्य उद्देश्य – The purpose of Beti Bachao, Beti Teach Scheme

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटियों के लगातार घट रहे लिंग अनुपात में सुधार बेटियों की सुरक्षा करने और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंर्तगत बेटियों के जन्म को एक उत्सव की तरह मानाया जाएगा साथ ही तमाम लड़कियों के जन्म को लेकर फैली रुढ़िवादी विचारों को भी तोड़ने की कोशिश की जाएगी इसके साथ ही बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाएगा ताकि महिलाएं अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत निन्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए की गई थी जो कि इस प्रकार है –

  • कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का उद्देश्य

कन्या भ्रूण हत्या के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है इन मामलों से जुड़ी खबरें लगातार टीवी चैनलों और अखबारों में छपती हैं।

कई लोग बेटियों के जन्म लेने से पहले ही बेटियों को गर्भ में ही मार देते हैं या फिर बेटियों के जन्म होने पर उन्हें फेंक देते हैं जो कि लोगों की रूढ़िवादी और संकीर्ण सोच को दर्शाता है। कन्या भ्रूण हत्या पर अगर काबू नहीं पाया गया तो बेटियों की संख्या में कमी एक गंभीर समस्या बन कर उभर सकती है।

कई राज्य ऐसे हैं जहां बेटियों की संख्या बेहद कम है और लड़की- लड़के में भेदभाव को लेकर असमानता फैली हुई है। कई जिले ऐसे हैं जहां बेटियों अपने अधिकार से महरूम है उन बेटियों को उनका हक दिलवाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की।

जिससे बेटे-बेटियों के बीच के फर्क को मिटाया जा सके, साथ ही बेटियों को उनका हक दिलवाया जा सके। इसके साथ ही कन्या भ्रूण हत्या को रोका जा सके।

  • लड़कियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का उद्देश्य

देश में लगातार महिला अपराधों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आए दिन महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के समाचार आते हैं जिससे अंदाजा लगााया जा सकता है कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है इसलिए महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य रखा गया है ताकि महिलाओं पर बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाई जा सके और यौन हिंसा, रेप, हत्या जैसे अपराधों को कम किया जा सके।

इस योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को सचेत किया जाएगा जो कि महिला अपराधों को बढ़ावा देते हैं साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि लोगे बेटियों की सुरक्षा को लेकर जागरूक हों और देश की महिलाओं की सुरक्षित किया जा सके।

  • लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने का उद्देश्य

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना है ताकि बेटियों के बेहतर भविष्य का निर्माण हो सके।

वहीं अगर गौर किया जाए तो आजकल महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे हैं लेकिन आज भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां महिलाओं की शिक्षा पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता और उन्हें सिर्फ घर की रसोई तक ही सीमित रखा जाता है या फिर उनकी उम्र से पहले ही उनकी शादी कर एक नई जिम्मेदारी में बांध दिया जाता है जिससे वे एक सीमित दायरे तक ही रह जाती हैं।

इस सब को ध्यान में रखकर बेटियों के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की गई जिससे बेटियों के अच्छे भविष्य का निर्माण हो सके उचित शिक्षा मिल सके।

वहीं आपको बता दें कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि लोग बेटियों की शिक्षा को लेकर जागरूक हो सकें, वही अगर महिलाएं शिक्षित होंगी तो एक सभ्य समाज का निर्वहन होगा साथ ही वे अपनी जिम्मेदारियों को भी अच्छे से निभा सकेंगी।

  • लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके तहत बेटियों की उच्च शिक्षा देने के लिए जागरूक किया जाएगा जिससे उनमें आत्मविश्वास की भावना पैदा होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेगी। आपको बता दें कि देश के आर्थिक विकास के लिए भी लड़कियों का आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है।

  • लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव मिटाने का उद्देश्य

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का मुख्य उद्देश्य लड़के और लड़कियों के बीच के भेदभाव को कम करना है आपको बता दें कि लगातार महिला लिंग अनुपात में कमी दर्ज की जा रही है जिससे चलते महलिाओं की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है।

इस अभियान के तहत लोगों को लैंगिक भेदभाव की रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है साथ ही इसके लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहै है ताकि महिलाओं की स्थिति में सुधार लाया जा सके।

  • बेटियों के जीवन स्तर में सुधार करने का उद्देश्य

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बेटियों के जीवन-स्तर में सुधार किया जा रहा है। वहीं इसके तहत बेटियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी जिससे उन्हें अपने जीवन स्तर में सुधार लाने में मद्द मिलेगी।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लोगों में बेटियों को शिक्षा देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है जिसके तरह बेटियां आत्मनिर्भर बनेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।

इसके साथ ही बेटियों के लिए लोगों की मानसिकता में भी बदलाव आएगा और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मद्द मिलेगी।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के लाभ – Benefits of Beti Bachao Beti Padhao Scheme

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों को तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने समाज में बेटियों को बेटों की तरह दर्जा दिलवाने और सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की जिससे बेटियों की स्थिति में सुधार आ सके साथ ही वे आत्मनिर्भर बन सके निसंदेह बेटियां आज पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है खेल-कूद, इंजीनियर, पढ़ाई, राजनीति, मेडीकल, कॉरपोरेट के अलावा कई क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो रही है इस योजना के तहत बेटियों को मिलने वाले लाभ निम्नलिखित हैं-

  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से बेटियों की शिक्षा के लिए जागरूकता फैली।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बेटियों को वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान है।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आर्थिक सहायता लड़कियों की पढ़ाई पूरी होने तक दी जाती है।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बेटियों की शादियों में भी आर्थिक मदत करने का भी प्रावधान है।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत कन्या भ्रूण हत्या को रोकने में भी मद्द मिलेगी।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान तहत बेटियों को सामाजिक सुरक्षा दी गई।
  • इस अभियान के तहत लड़के और लड़कियों के बीच का भेदभाव कम करने में मद्द मिलेगी।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिससे लोगों के बीच जागरूकता फैली।
  • बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में केन्द्र सरकार का 200 करोड़ ज्यादा का बजट है।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को जिला एवं राज्य स्तर पर भी बढ़ावा दिया जा रहा है इसके लिए राज्य सरकार एवं स्थानीय सरकार भी इस योजना में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं और इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बेटियों का सुकन्या समृद्धि बैंक अकाउंट खोला गया है जिसमें सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट दिया जाता है।
  • इस योजना के तहत बेटियों को छात्रवृत्ति देने का भी प्रावधान रखा गया है, जिसका चयन जिला मुख्यालय से होता है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना से जुड़े मंत्रालय

  • महिला बाल विकास (Women and Child Development)
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (Health and family welfare)
  • मानव संसाधन विकास (Human Resource Development)

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए कैसे करें आवेदन – How to apply for Beti Bachao Beti Padhao Scheme

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको इस योजना के तहत आवेदन करना होगा जिसके लिए स्टेप्स को फॉलो करना होगा जो कि निम्नलिखित हैं –

  • स्टेप 1 –

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के तहत आवेदन करने के लिए सबसे पहला स्टेप है कि आपको अपनी बिटिया का एकाउंट नजदीकी बैंक में ओपन करवना होगा जो कि किसी भी बैंक में बड़ी आसानी से खुल जाएगा दरअसल हम आपको बता दें कि सरकार ने इसके तहत देश की करीब सभी बैंकों को अकाउंट खोलने की अनुमति दी है।

  • स्टेप 2 –

अगर आप बैंक में अपनी बेटी की अकाउंट खुलवा चुके हैं तो आपको बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत सुकन्या समृद्धि योजना – Sukanya Samriddhi Yojana का फॉर्म बैंक से प्राप्त करना होगा और इस फॉर्म के साथ कुछ जरूरत दस्तावेजों की कॉपी संलग्न कर बैंक में जमा करना होगा आप ये फॉर्म ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं।

आपको बता दें कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सुकन्या समृद्धि योजना एक अहम योजना है इसके तहत बेटियों का सुकन्या समृद्धि खाता खोला जाता है आपको बता दें कि इसके तहत 10 साल से कम उम्र की बेटियों के लिए ये खाता खोल सकते हैं जो कि कन्या के भविष्य को सुरक्षित करती हैं।

वहीं सुकन्या समृद्दि योजना के तहत खाता खोलने से सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके तहत खोला गए अकाउंट में 9.1 % की दर से ब्याज दिया जाएगा। इसके साथ ही ब्याज दर ( interest rate ) को बढ़ाए जाने का भी प्रावधान रखा गया है।

सुकन्या समृद्धि के तहत खाता खुलवाने के लिए कुछ खास बातें – Some special things to open an account under Sukanya Samriddhi Yojana

  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खोलने के लिए 1 हजार रुपए की सबसे कम राशि ली जाएगी जो कि खाते में जमा होगी।
  • इस खाते के तहत हर साल कम से कम 100 रुपए जमा करवाए जाएंगे।
  • इस खाते को शुरु होते ही इसमें करीब 14 साल तक राशि जमा की जा सकती है इसके साथ ही आपको बता दें कि 15 से 21 साल तक इस अकाउंट में आप कोई भी राशि जमा नहीं कर सकते हैं।
  • आपको बता दें कि लड़की की आयु 18 साल हो जाने पर इस खाते से 50 फीसदी राशि उसकी पढ़ाई एवं शादी के लिए निकाली जा सकती हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य-

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत RBI की तरफ से जारी नए नियमों के अनुसार NRI इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते अर्थात वे इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए जरूरी दस्तावेज ? – Documents required for Beti Bachao Beti Padhao scheme?

  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट आकार का फ़ोटो
  • माता-पिता की पहचान का प्रमाण
  • माता-पिता का पता

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए फॉर्म कहां से लें ?

भारत सरकार के इस योजना के तहत योजना के लिए आप बैंक, पोस्ट ऑफिस, अपने किसी भी पास की बैंक शाखा से इसका फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के लिए एप्लीकेशन फॉर्म कहां से लें ?

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के लिए एप्लीकेशन फॉर्म इस वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं ।

निष्कर्ष-

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, लगातार महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों को रोकने के लिए एक सराहनीय कदम है।

इस योजना के जहां लोग बेटियों की सुरक्षा एवं शिक्षा को लेकर जागरूक होंगे ही वहीं देश में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और एक सभ्य भारत का निर्माण होगा इसके साथ ही देश की आर्थिक विकास में भी मद्द मिलेगी।

ये योजना बेटियों को उनका हक दिलवाने में अहम भूमिका निभाएगी साथ ही बेटियों में आत्मनिर्भर बनने की भावना निर्माण होगी इसके साथ ही समाज में बेटियों के लिए सम्मान बढ़ेगा।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सरकार बेटियों की शिक्षा के साथ उनकी शादी के लिए भी आर्थिक सहायता करेगी जिससे कई बेटियों की जिंदगी संवरेगी और देश का उत्थान होगा। इस योजना से बेटियों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

Source and More Information: Official Website

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