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भारतीय संविधान हिंदी में | Indian Constitution in Hindi

Constitution Of India in Hindi

एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम जिस देश में रहते है उस देश की पूर्ण जानकारी होना जरुरी होता है खासतौर पर देश के संविधान से जुड़ी बातों की जानकारी होना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि तभी आप अपने अधिकारों का सही तरह से उपयोग कर पाएंगे। भारत का सविंधान विश्व का सर्वोच्च संविधान माना जाता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय संविधान (Bhartiya Samvidhan) में लोगों के अधिकारों का ध्यान तो रखा ही गया है साथ ही कोई अपने अधिकारों का दुरुपयोग न कर सकें इसका भी ध्यान रखा गया है यानी कि आपको जो भी अधिकार मिलेगा उसकी एक सीमा भी साथ ही तय की गई है ताकि कोई भी इसका दुरुपयोग न कर सकें। भारतीय संविधान से जुड़ी अहम बातें कौन सी है चलिए आपको बतातें है।

भारतीय संविधान हिंदी में | Indian Constitution in Hindi

Bhartiya Samvidhan Indian Constitution In Hindi Pdf

भारतीय संविधान के निर्माता – Who Wrote The Constitution Of India

भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अहम भूमिका निभाई थी जिस वजह से उन्हें संविधान का निर्माता माना जाता है। भारत को संविधान देने वाले महान नेता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था।

उन्होंने अपना सारा जीवन देश में समानता लेने के लिये अर्पण किया। आपको बता दें भारतीय संविधान के बने से पहले भारत मे भारतीय अधिनियम 1935 के तहत पूरी व्यवस्था चलाई जाती थी। जिसे साल 1935 में ब्रिटिश दारा लागू किया गया था।

हालांकि संविधान बनने में डॉ भीमराव अम्बेडकर अकेले नहीं थे संविधान बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को बनाया गया था। जो आजाद भारत के पहले राष्ट्रपति भी बने थे।

वहीं संविधान को जिन्होने अपने हाथों से लिखा था उनका नाम था श्री बिहारी रायजादा। आपको बता दें भारतीय संविधान के कुल 396 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां थी जिन्हें तैयार करने में कुल 2 साल 11 महीने और 8 दिन का समय लगा था। इसलिए भारतीय संविधान को दुनिया का सबसे लम्बा और बड़ा संविधान भी माना जाता है। भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर पूरा हो गया था लेकिन इसे लागू 26 जनवरी 1950 को किया गया था।

26 जनवरी 1950 को ही क्यों किया गया संविधान लागू – When Was The Constitution Of India Adopted

26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार होने के बाद भी संविधान को 26 जनवरी 1950 को ही इसलिए लागू किया गया क्योंकि माना जाता है 26 जनवरी के ही दिन साल 1930 में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने ब्रिटिश पूर्व स्वंतत्रता प्राप्त करने की शपथ ली थी। और दिलचस्प बात ये है कि 26 जनवरी के दिन संविधान लागू होने के सिर्फ 10 मिनट बाद राष्ट्रपति भवन में डॉ राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और देश के पहले राष्ट्रपति बने थे।

भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार – Fundamental Rights In Indian Constitution

भारतीय संविधान के अनुसार भारत के नागरिक 6 मौलिक अधिकार शामिल है। जिसमें समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण का अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता अधिकार, संस्कृति और शिक्षा का अधिकार और संवैधानिक अधिकार शामिल है जिसका उल्लेख संविधान में भाग -3 के अनुच्छेद 12 से अनुच्छेद 35 में है इसके अलावा मूल संविधान में संपत्ति का अधिकार भी था जिसे संविधान के 44वें संशोधन में साल 1978 में हटा दिया गया था।

भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार संयुक्त अमेरिका के संविधान से लिए गए है हालांकि इसमें भी समानता और स्वंतत्रता के अधिकार फ्रांसीसी संविधान से प्रेरित है। वहीं संविधान में पंचवर्षीय योजना का उल्लेख भी किया गया था जिसकी धारणा सोवियत संघ यानी आज के रुस से ली गई थी।

इसके अलावा धर्म को लेकर भी भारतीयों को ये जानना जरुरी है कि संविधान के अनुसार भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है यानी हमारे देश का अपना कोई धर्म नहीं है।

भारतीय संविधान ने से जुड़ी कुछ रोचक बातें – Facts About Indian Constitution

भारतीय संविधान में साल 2016 तक 92 संशोधन किए जा चुके थे। जिसमें से पहला संशोधन साल 1951 में किया गया था।

भारतीय संविधान में लिखित धाराणाएं रुस यानी सोवियत संघ, फ्रांस, कनाडा, आयरलैंड और अमेरिका के संविधान से शामिल की गई है।

भारतीय संविधान के अनुसार स्वतंत्रता दिवस पर सम्बोधन का अधिकार प्रधानमंत्री और गणतंत्र दिवस पर सम्बोधन का अधिकार केवल राष्ट्रपति का है।

संविधान के अनुसार देश सबसे मान्य पुरस्कार भारत रत्न, पद्म भूषण, और क्रीति चक्र गणतंत्र दिवस के दिन ही वितरित किये जाने चाहिए।

देश का राष्ट्रगान “जन गण मन“ संविधान लागू होने से दो दिन पहले यानी 24 जनवरी 1950 को स्वीकारा गया था। आपको बता दें राष्ट्रगान के रचियता रवींद्रनाथ टैगोर है।

भारतीय संविधान नागरिकों स्वंतत्र रुप से जीने के लिए वो सभी अधिकार जिनसे वो अपना जीवन अच्छी तरह व्यतीत कर सकते है जिस वजह से लोगों का अपने देश के संविधान के बारे में जानकारी रखना आवश्यक है।

आज हम यहाँ भारत का संविधान हिंदी में / Indian Constitution In Hindi को कैसे और कहा पढ़ सकते है?

https://india.gov.in/hi/my-government/constitution-india/constitution-india-full-text

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