जलालगढ़ किले का इतिहास | Jalalgarh Fort History

Jalalgarh Fort – जलालगढ़ का प्रसिद्ध किला बिहार में आता है। यह किला अपने इतिहास के लिए प्रसिद्ध तो है ही लेकिन यह किला एक और बात के लिए काफ़ी मशहूर है। कई सारे किले गोलाकार के आकार में होते है लेकिन जलालगढ़ का किला गोलाकार के रूप नहीं बल्की चतुश्कोनी के रूप में है और यही इस जलालगढ़ किले की खासियत है।

Jalalgarh Fort जलालगढ़ किले का इतिहास – Jalalgarh Fort History

इस किले के इतिहास के कोई पुख्ता सबुत नहीं इतिहासकार कहते हैं की यह किला सय्यद मुहम्मद जलालुद्दीन खान ने इस किले को सन 1722 में बनवाया था। सय्यद मुहम्मद जलालुद्दीन किशनगंज का राजा था और उसने नेपाल से होने वाले आक्रमण से राज्य को बचाने के लिए किले का निर्माण करवाया था।

लेकिन कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है की पुरनिया के नवाब सैफ खान ने सन 1722 में बनवाया था। ऐसा कहा जाता है की यह जगह पहले कोसी नदी में द्वीप के रूप में थी। और कुछ का तो ऐसा भी कहना है 1722 से पहले भी किला वहापर मौजूद था।

ऐसा भी कहा जाता है की वहा के लोगों को और प्रवासियों को लुट से बचाने के लिए इस किले का निर्माण किया गया था। उसके कुछ साल बाद ही यह किला सय्यद मुहम्मद जलील के नियंत्रण में आ गया था। वो नवाब सय्यद अहमद को राजस्व देने के लिए तयार नहीं था। इसीलिए उसने किले पे हमला करके किले को कब्जे में लिया था।

जलालगढ़ किले की वास्तुकला – Jalalgarh fort Architecture

किले के चतुश्कोनी आकार की वजह से यह किला एक समय में लोगों के मुख्य आकर्षण का केंद्र था। इसकी उची उची दीवारे नेपाल से होने वाले हमलो से अक्सर बचाया करती थी। विशेषज्ञों का कहना है की इस किले को हिन्दू और इस्लाम दोनों ही वास्तुकला में बनाया गया है।

सन 1999 में इस किले को धरोहर के रूप में घोषित कर दिया था और अभी यह एक पर्यटन का स्थल बन चूका है।

अगले कुछ सालो में किले का कुछ इस्तेमाल ना होने के कारण धीरे धीरे किला पुराना होने लगा और अब यह किला पूरी तरह से ख़राब हो चूका है।

इस किले की मरम्मत करने का काम बिहार सरकार ने शुरू कर दिया है। यह एक बिहार और अन्य राज्य के लोगों के लिए पर्यटन का स्थल बन चूका है।

हर किले को देखने के लिए लोग आते ही रहते है। इस किले को देखने के लिए आने वाले लोगो को भी बड़ी भीड़ लगी रहती है। और इसके अनोखे आकार के रूप में होने के कारण तो यह किला पर्यटकों के लिए बहुत ही यादगार साबित हो सकता है। तो इस तरह का किला हर किसीने एक बार जरुरु देखना चाहिए।

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