लोकप्रिय त्यौहार दिवाली पर कवितायेँ…

Poem on Diwali in Hindi

सबसे पहले तो सभी को दिवाली की शुभकामनायें! – Happy Diwali दीवाली बेहद लोकप्रिय त्योहार हैं। कार्तिक महीने अमावस्या के दिन मनाई जाने वाली दीपावली का पर्व हिन्दु धर्म में धूमधाम से मनाया जाता है। यह सुख-समृद्धि और खुशियों का त्योहार है। इस महापर्व पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी के पूजन करने का विशेष महत्व है।

इस त्योहार को मनाने के पीछे कई सांस्कृतिक और पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं, इसलिए हर धर्म के लोगों के लिए इस पर्व का खास महत्व है।

और इस अद्भुत त्योहार में हर कोई अपने दिल की बात अपने प्रियजनों तक Diwali SMS, Diwali Massage, Diwali Greeting या फिर कवितायों के जरिये पहुचाता हैं। इस पर्व का महत्व समझाने के लिए यहां हम आपको कुछ कविताएं उपलब्ध करवा रहे हैं, जिन्हें आप व्हाट्सऐप, फेसबुक समेत तमाम सोशल मीडिया साइट्स पर शेयर कर सकते हैं।

Poem on Diwali in Hindiलोकप्रिय त्यौहार दिवाली पर कवितायेँ – Poem on Diwali

Diwali par Kavita

प्रदुषण मुक्त दिवाली

हर घर दीप जग मगाए तो दिवाली आयी हैं,
लक्ष्मी माता जब घर पर आये तो दिवाली आयी हैं!
दो पल के ही शोर से क्या हमें ख़ुशी मिलेंगी,
दिल के दिए जो मिल जाये तो दिवाली आयी हैं !
घर की साफ सफ़ाई से घर चमकाएँ तो दिवाली आयी हैं,
पकवान – मिठाई सब मिल कर खाएं तो दिवाली आयी हैं!
फटाकों से रोशनी तो होंगी लेकिन धुँआ भी होंगा,
दिए नफ़रत के बुज जाएँ तो दिवाली आयी हैं!
इस दिवाली सबके लिए यही सन्देश हैं की
इस दिवाली हम लक्ष्मी का स्वागत दियों के करे,
फटाकों के शोर और धुएं से नहीं
इस बार दिवाली प्रदुषण मुक्त मनायेंगे!

Deepavali Poem

प्रकाश का यह पर्व प्यार, स्नेह और खुशियों का त्योहार है। इस पर्व का सभी लोग पूरी साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह त्योहार न सिर्फ हिन्दू बल्कि जैन, बौद्ध, आर्य समेत अन्य धर्मों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।

इसलिए इस त्योहार की  गरिमा को बनाए रखना जरूरी है। वहीं इन कविताओं के माध्यम से दीपावली पर्व के मायनों को सच्चे अर्थों में समझा जा सकता है।

हैं रोशनी का यह त्यौहार

हैं रोशनी का यह त्यौहार,
लाये हर चेहरा पर मुस्कान….
सुख और समृध्दि की बहार,
समेट लो सारी खुशियां ……
अपनों का प्यार और साथ,
इस पवन अवसर पर ….
आप सब को दिवाली की शुभकानाएँ!!!!

Diwali Poem

कार्तिक मास की अमावस्या के दिन भगवान राम 14 साल का वनवास काटने के बाद अयोध्या नगरी वापस लौटे थे, उन्हीं की स्वागत की खुशी में इस पर्व को मनाया जाने लगा है।

रोश्नी के यह पर्व दीपावली सभी के जीवन में खुशहाली, कीर्ति, वैभव आदि देने वाला है। इस पर्व को महत्व को समझने के लिए यहां हम कुछ कविताएं उपब्ध करवा रहे हैं, जिसे आप सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक, व्हाट्सऐप आदि पर भी शेयर कर सकते हैं।

आयी दिवाली आयी

रात अमावस की तो क्या,
घर घर हुआ उजाला, सजे कोना कोना दिपशिखा से!
मन मुटाव मत रखना भाई, आयी दिवाली आयी !
झिलमिल झिलमिल बिजली की, रंगबी रंगी लड़िया
दिल से हटा दो फरेब की फुलझड़िया!
दिवाली पर्व हैं मिलन का, नजर पड़े जिस और देखो
भरे हैं खुशियों से चेहरे !
चौदह बरस बाद लौटे हैं, सिया लखन रघुराई
दिवाली का दिन हैं जैसे, घर में हो कोई शादी!

Poem on Diwali 4

कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाने वाला दीपोत्सव के पर्व के दिन हर तरफ रोश्नी की चकाचौंध देखते ही बनती है। इस मौके पर घरों की सुंदर-सुंदर सजावट होती है।

इस दौरान लोग एक-दूसरे से इस पर्व की बधाई देते हैं और उनका मुंह मीठा करवाते हैं एवं अपने मित्रों, करीबियों आदि की खुशहाली की कामना करते हैं।वहीं अगर आप भी अपनी यह दीवाली कुछ अलग मनाना चाहते हैं, तो इन कविताओं को शेयर करिए और अपनी दीवाली को और अधिक उत्साहपर्ण बनाइए।

दिवाली

प्रभु राम चंद्र जी सीता जी संग आयोध्या लौट के आये
आयोध्या वासियो ने ख़ुशी में घी के दीये जलाये
दिवाली का पर्व चलो मिलकर सब मनायें
पटाखों का धुंआ नहीं दीपमाला जलायें
रंगों भरी रंगोली हो, मिठाई से भरी थाली हो
दोस्तों से मिलें, उपहार दे और लें
करें दान आज के वार
आप सबको मुबारक हो दिवाली का त्यौहार

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