समंदर मे होनेवाले भीषण तुफान ‘सुनामी'(Tsunami) के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी

Tsunami Information in Hindi

आप मे से बहुत लोगो को अपने परिवार के साथ समंदर किनारे घुमना फिरना काफी अच्छा लगता होगा। पर क्या कभी आपने सोचा है जो समंदर उपर से इतना शांत दिखता है। उसके भीतरी सतह पर कभी कोई भीषण हलचल भी हो सकती है। जी हा इस तरह के भीषण हलचल का नतीजा हमे आये दिन अक्सर देखने को मिलता है, जो होता तो तुफान ही है। पर दुनियाभर के पर्यावरण, समंदर जानकार तथा भूगर्भ वैज्ञानिको ने इसे ‘सुनामी’ नाम से संबोधन दिया है।

बहुत सारे लोग इस विषय से अपरिचित होते है के इस तरह के समंदर के भीतर होनेवाले तुफान होते क्यो है, और सुनामी जैसा जानलेवा मंजर क्यो निर्मित होता है। इसी खास विषय पर जानकारी देने के मकसद से हमारा ये लेख है, जिसमे हम आपको इस तरह के नैसर्गिक आपदा का संपूर्ण विवरण देंगे।

समंदर मे होनेवाले भीषण तुफान ‘सुनामी’ (Tsunami) के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी – Tsunami Information in Hindi

Tsunami Information in Hindi
Tsunami Information in Hindi

‘सुनामी’ का अर्थ क्या होता है? – What is Tsunami?

जैसा के हम सभी जानते है के जो समंदर हमे उपर से बडा ही विशालकाय एवं दूर तक फैला हुआ नजर आता है, उतना ही भीतरी सतह मे इसका विस्तार काफी गहरा होता है। बात करे जमीन के स्तर से समंदर के गहराई की तो ये काफी हद तक भीतर तक फैला होता है, जिसमे कई दूर तक भीतर पहुचने पर जमीन का अस्तित्व देखने को मिलता है।

आम तौर पर भूकंप, ज्वालामुखी या जमींन का हिस्सा एक दुसरे से खिसक जाना या विलग होना ये नैसर्गिक चिजे केवल खुले जगह कि जमीन पर ही नही, बल्की समंदर मे व्याप्त आंतरिक जमीन पर भी होती है।

कहने को तो ये नैसर्गिक बदलाव है पर जीवसृष्टी के आजतक के इतिहास मे इन सभी चिजो को नैसर्गिक आपदा ही माना गया है। और क्यो ना हो क्योंकी ये सभी घटनाए जान माल का काफी हद तक नुकसान करते है, तथा लंबे समय तक जीव जगत बुरा दुष्प्रभाव भी छोड जाते है।

सुनामी मतलब क्या? – Tsunami Meaning in Hindi

इसी क्रम मे जब कभी भी समंदर के आंतरिक जमीन मे स्थित्यंतर या हलचल होती है जो के भूकंप, ज्वालामुखी आदि प्रमुख कारणो के वजह से होता है। इन सभी मे समंदर की तेज लहरो का रूपांतरण विशालकाय तथा प्रचंड शक्तिशाली लहरो मे होता है, जो के समंदर का किनारा छोड उपरी सतह के जमीन पर काफी दूर तक रौद्र रूप मे फैलने लगती है।

इन लहरो को हवा के वजह से और ज्यादा बल मिलता है, जो के ज्वार के रूप मे किनारो से कई दूर तक जैविक गतीविधियो को प्रभावित करती है।

इन ज्वार रुपी तुफानी लहरो कि चपेट मे जो भी चिजे आती है उन्हे वे कागज के तुकडे के समान अस्तव्यस्त और तबाह करती है। देखा जाये तो ये वो मंजर होता है जिसमे समंदर के अंदर का तुफान जमीन पर मानो तांडव कर रहा हो वैसा नजारा देखने को मिलता है।

इस घटना को समंदर के विशेषग्यो ने ‘सुनामी’ (Tsunami) नाम दिया है।

दुनियाभर मे अबतक हुई ‘सुनामी’ की घटनाए – Worldwide Tsunami Incidents

निचे दुनियाभर के विभिन्न देशो मे हुये सुनामी की घटनाओ का विवरण दिया है।

  1. सुमात्रा, इंडोनेशिया – २६ दिसंबर २००४
  2. लिस्बोन, पोर्तुगाल – १ नवंबर १७५५
  3. नॉर्थ पैसिफिक कोस्ट, जपान – ११ मार्च २०११
  4. इन्शुनाडा सी, जपान – २० सितम्बर १४९८
  5. नानकैडो, जपान – २८ अक्तूबर १७०७
  6. क्राकाताऊ, इंडोनेशिया – २७ अगस्त १८८३
  7. दक्षिण भारत- २६ दिसंबर २००४

इस तरह दुनिया के विभिन्न देशो ने इस नैसर्गिक आपदा को सहा है, जिसपर कार्य करते हुये आजकल इस तरह के आपदाओ से बचने हेतू सुरक्षा के हिसाब से मौसम विभाग तथा आपदा प्रबंधन टीम आधुनिक तकनीक के माध्यम चौकन्ना रहती है। जिसमे समंदर के अंदर होनेवाली गतीविधियो का समय समय पर जायजा लिया जाता है।

हमे आशा है दी गई जानकारी आपको काफी पसंद आयी होगी। तथा आप इसे अन्य लोगो तक शेयर करेंगे।

इस विषय पर अधिक बार पुछे गये सवाल – Tsunami Questions and Answers

  1. सुनामी नाम किस भाषा संबंधित है?

जवाब: जापनीज भाषा से।

2. भारत मे हाल ही मे सुनामी कब आया था?

जवाब: २६ दिसंबर २००४ को।

3. क्या हम सुनामी को रोक सकते है?

जवाब: नही, हम सिर्फ उसके प्रती सचेत होकर बचाव के लिये पूर्व उपाय संबंधी योजना कर सकते है।

4. किन देशो मे सबसे ज्यादा सुनामी कि घटनाए होती है?

जवाब: इंडोनेशिया और जपान मे।

5. भारत के कौनसे क्षेत्र को २००४ साल को आये सुनामी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया था?

जवाब: दक्षिण भारत के सुमुद्री तट तथा अंदमान निकोबार के द्वीप समूह को।

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