“जल ही जीवन हैं” | Water is Life Essay

Water is Life Essay

भगवान ने जब इस दुनिया को बनाया तो उसके साथ में सबसे चमत्कारिक चीज बनायीं। उस अमूल्य चीज को सभी जानते है मगर जानते हुए भी उसपर ध्यान नहीं देते। क्यों की उस चीज की कीमत हम इंसानों को आज तक मालूम नहीं पड़ी।

Water is Life Essay

“जल ही जीवन हैं” – Water is Life Essay in Hindi

पानी कुदरत का हम इंसानों को दिया हुआ बहुत ही बड़ा तोहफा है। पानी वो ऐसी चीज है जिसे सब देखते है, इस्तेमाल करते है लेकिन उसका महत्व नहीं जानते और कुछ लोग पानी का महत्व जानते भी होंगे तो वो बहुत ही कम है।

कोई भी बिना सोचे समझे पानी का विवेकहीन तरीके से इस्तेमाल करता है। इस जल का हर जगह पर इस्तेमाल किया जाता है। कोई भी काम हो पानी के बिना किया ही नहीं जा सकता। सुबह से लेकर रात तक कितने तो भी कामो में पानी का इस्तेमाल किया जाता है।

जैसे हमें पता है की पृथ्वी हो या फिर अन्य कोई ग्रह हमें जिन्दा रहने के लिए पानी बहुत ही जरुरी है। पानी हमें हमेशा स्वस्थ और फिट रखता है साथ ही शरीर में पानी होने के कारण हमारा शरीर अच्छे से काम कर सकता है। पानी केवल इन्सान के लिए ही नहीं बल्की पृथ्वी पर के सभी प्राणी और वनस्पति के लिए भी बहुत जरुरी है।

केवल पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जहा पानी और इन्सान मौजूद है। इसीलिए हमें पानी का महत्व समझाना चाहिए और पानी की बचत करनी चाहिए।

पृथ्वी पर 71% जल है लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है की पृथ्वी पर पिने का पानी बहुत ही कम है इसीलिए हमें उसे बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। अगर हम अच्छी आदते डाल ले तो पानी को बड़ी आसानी के साथ बचाया जा सकता है।

दिन भर के सभी कामो के लिए जल की आवश्यकता

पानी का इस्तेमाल पिने के लिए, कपडे धोने के लिए और भोजन बनाने के लिए किया जाता है। ज्यादा पानी पिने से हमारा दिल अच्छे से काम करता है और हमें दिल की बीमारी का कोई खतरा नहीं होता।

हमारे शरीर में अगर ज्यादा पानी हो तो हमारा दिमाग बड़े अच्छे काम कर सकता है और साथ ही हम कोई भी काम पूरी एकाग्रता के साथ कर सकते है। दिमाग तक अगर सबसे ज्यादा ऑक्सीजन को पहुचना हो तो वो काम केवल पानी की मदत से ही किया जाता है।

पानी को बचाने के मार्ग – The way to save water

पानी को किस तरह से बड़ी आसानी से बचाया जा सकता है, इसके कई रास्ते निचे बताये गए है।घर का एक सदस्य दिन में करीब 240 लीटर का इस्तेमाल करता है। चार लोगो का एक परिवार दिन में करीब 960 लिटर पानी और एक साल में करीब 3,50,400 लीटर पानी का इस्तेमाल करता है।

मगर इसमेसे केवल 3% पानी का इस्तेमाल पिने के लिए और खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और बाकी का 97% पानी का इस्तेमाल पौधों के लिए, टॉयलेट, नहाने के लिए, लांड्री और शोवेरिंग में किया जाता है। पानी बचाने के कुछ आसन तरीके निचे दिए है।

सभी ने खुद की जिम्मेदारी को समझते हुए पानी का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए और पानी की बचत करनी चाहिए।

जिस पानी का इस्तेमाल हम बाग, टॉयलेट, और साफ़सफाई के लिए करते है, उसमे से अगर थोड़ासा पानी बचाया जाए तो बहुत कुछ पानी बचाया जा सकता है।

बारिश से मिलने वाले पानी को हम टॉयलेट धोने के लिए, लांड्री, बाग के पौधे को पानी देने के लिए और शोवेरिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

टॉयलेट और शावर का इस्तेमाल करते वक्त भी हम जल की बचत कर सकते है।

वाशिंग मशीन में कपडे तभी धोने चाहिए जब बहुत सारे कपडे इकट्टा हो गए हो तो। इससे करीब हम हर महीने 4500 लीटर पानी और बिजली की भी बचत कर सकते है।

शोवेर की जगह अगर बकेट का इस्तेमाल नहाने के लिए किया जाए तो करीब हर दिन 150-200 लीटर पानी बचाया जा सकता है।

काम ना होने पर सभी नलो को ठीक से बंद कर देना चाहिए जिससे हर महीने में 200 लीटर से भी अधिक जल की बचत की जा सकती है।

होली खेलते वक्त पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

जीन लोगो को पानी की एक बूंद पाने के लिए कितनी तकलीफों का सामना करना पड़ता है, इस बात का हमें अहसास होना चाहिए।

जब हम हाथ या किसी फ़ल को धोते है तो हमने उन्हें नल के निचे धोने की बजाय एक मग में पानी लेकर धोना चाहिए।

हमने ऐसे पेड़ लगाने चाहिए जिन्हें कम पानी की जरुरत हो।

हमने हमारे घर के लोग, बच्चे, दोस्त, पडोसी और साथ में काम करनेवाले लोगो को पानी को बचाने के बारे में बताना चाहिए।

हमने छोटे बच्चो को बताना चाहिए की जरुरत ना होने पर नल को बंद किया जाए और लॉन के हिसाब से ही स्प्रिंकलर बिठाने चाहिए।

जहापर पानी के पाईप फूटे है उन्हें जल्दी से ठीक करा लेना चाहिए या फिर उन्हें बदल देना चाहिए।

जिस गति से लोग पानी का इस्तेमाल कर रहे उसी तरहसे पानी बढ़ नहीं सकता, इसीलिए हमें हमारी धरती, परिवार और समाज को बचाना है तो जल को बचाना ही होगा।

पानी के बिना कोई भी जिन्दा नहीं रह सकता इसीलिए हम सबसे पानी को बचाकर रखना चाहिए।

पानी का इस्तेमाल पिने के लिए किया जाता है। खाना बनाने में भी इसकी जरुरत होती है। पानी के सिवा खाना बनाया ही नहीं जा सकता। हमें हर रोज नहाना पड़ता है उसके लिए भी पानी की जरुरत होती है। अगर बारिश नहीं हुई तो किसान भी खेत में फसल नहीं लगा सकते।

अगर खेतो में फसल नहीं तो लोगो को अनाज भी नहीं मिल सकता। जल की इतनी अहमियत होने के बाद भी हम लोग इसका बड़ी लापरवाही से इस्तेमाल करते है। इसे समय पर ही रोकना होगा नहीं तो इसके परिणाम भी हमें ही भुगतने होंगे।

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6 thoughts on ““जल ही जीवन हैं” | Water is Life Essay”

    1. Editorial Team

      इस पोस्ट को पढ़ने के लिए शुक्रिया दीपक जी, हम आगे भी इस तरह के पोस्ट अपडेट करते रहेंगे। कृपया हमारी वेबसाइट से जुड़े रहिए।

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