गणतंत्र दिवस पर शानदार भाषण

26 January Republic day Speech

भारत में हर साल 26 जनवरी – 26 January को गणतंत्र दिवस (Republic Day) पूरे देश में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन के महत्व को आज के बच्चे एवं युवा पीढ़ी को समझाने के लिए इस मौके पर स्कूल, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों पर तमाम तरह की प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही इस मौके पर गणतंत्र दिवस पर निबंध लेखन, गणतंत्र दिवस पर भाषण – Republic day Speech प्रतियोगिताएं भी होती हैं।

इसलिए आज हम आपको गणतंत्र दिवस पर अलग-अलग तरह के भाषण उपलब्ध करवा रहे हैं। जिनका इस्तेमाल आप इस तरह की प्रतियोगिताओं में एवं स्कूल / कॉलेज में अपनी जरुरत के मुताबिक कर सकते हैं और अपना कौशल दिखा सकते हैं।

26 January Republic day speech

गणतंत्र दिवस पर भाषण – 26 January Republic day Speech in Hindi

आओ झुककर सलाम करें उन्हें,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है।।
खुशनसीब होता है वो खून,
जो देश के काम आता है।।
जय हिन्द जय भारत।

Happy Republic day

गणतंत्र दिवस की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।।

गणतंत्र दिवस के मौके पर यहां पर मौजूद सभी गणमान्य नागरिकों, आदरणीय अतिथिगण, सम्मानीय प्राध्यापक, समस्त शिक्षकगण, सहपाठी और मेरे छोटे भाई-बहन सभी को मेरा प्रणाम।।

इस गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मै आपके सामने कुछ शब्द बोलने जा रही हूं / रहा हूं, जिसे सुनकर यहां बैठे आप सभी लोगों में देश भक्ति की भावना जागृत हो उठेगी और क्रूर अंग्रेजों शासकों के प्रति आपका खून खौल उठेगा। इसी के साथ शुरुआत करता हूं/करती हूं –

चलो फिर से खुद को जगाते है,
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते है,
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहू से,
ऐसे शहीदों को हम सब सिर झुकाते है।।

Happy Republic day Status

यह तो हम सभी जानते हैं कि 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था।

भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों के काफी संघर्षों, त्याग और बलिदान के बाद भारत को 15 अगस्त, साल 1947 में ब्रिटिश शासन के चंगुल से आजादी मिली थी, लेकिन आजादी के बाद भी भारत एक स्वशासित देश नहीं था।

स्वतंत्रता के करीब ढाई साल बाद 1950 को भारत सरकार ने खुद का संविधान लागू किया और भारत को एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र घोषित किया।

इस तरह करीब 2 साल, 11 महीने और 18 दिन बाद 26 जनवरी, 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया गया और उसी दिन से हमारा देश भारत एक सम्पूर्ण प्रमुख समाजवादी, लोकतंत्रात्मक और धर्मनिरपेक्ष गणराज्य बन गया।

जैसा हम सभी जानते हैं की भारत का संविधान सभा द्वारा तैयार किया गया था। यह तीन साल लिखे जाने के लिए ले गए। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए 29 अगस्त 1947 में को संविधान सभा द्वारा एक मसौदा समिति की स्थापना की गई थी।

जिसमें डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, जवाहरलाल नेहरू, गणेश वासुदेव मावलंकर, सी. राजगोपालाचारी, संजय फाकी, कानईलाल मुंशी, डॉ.राजेंद्र प्रसाद, नलिनी रंजन घोष, संदीपकुमार पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार वल्लभभाई पटेल, बलवंतराय मेहता और मौलाना अबुल कलाम आजाद, महिला सदस्य सरोजिनी नायडू, दुर्गाबाई देशमुख, हंस मेहता, विजयलक्ष्मी पंडित और राजकुमारी अमृत कौर शामील थे।

वहीं इस घोषणा के बाद इस दिन को हर साल भारत के लोग गणतंत्र दिवस के रुप में मनाते हैं।
गणतंत्र का अर्थ है देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति यानि देश में लोगों के पास अपने राजनेता को चुनने अधिकार होता है। जिससे सही दिशा में देश का नेतृत्व हो सके।

वहीं यह शक्ति भारत के लोगों के पास भी है, इसलिए जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर अपना नेता देश के प्रधानमंत्री के रुप में चुनती है।

भारत में “पूर्ण स्वराज” के लिये हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। जिसका फायदा आज हम सभी देशवासियों को हो रहा है।

डर कर भाग जाने वालों में से हम नहीं
वतन के लिए मिटना भी पड़े तो कोई गम नहीं।।
देखना है तो तराजू से तौल कर देख लो
हमारी ताकत दुनिया में किसी से कम नहीं।।

यह कुछ पक्तियां हमारे देश के महान नेता और देश के लिए मर मिटने वाले स्वतंत्रता सेनानियों पर चरितार्थ होती हैं, जिन्होंने भारत भूमि को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद करवाने के लिए खुद को देश के लिए समर्पित कर दिया और अंतिम सांस तक देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी।

इन महान पुरुषों के त्याग, बलिदान और समर्पण की वजह से ही आज हम आजाद भारत में चैन की सांस ले पा रहे हैं।

आज इस गणतंत्र दिवस (Republic day) के मौके पर मैं, वतन के लिए मर मिटने वाले भारत के उन महान पुरुषों और भारत के वीर सपूतों को सलामी देता हूं और उन्हें हृदय से नमन करता हूं/ करती हूं।

लेकिन आज इस मौके पर सवाल यह है कि, क्या आजादी के इतने सालों बाद भी हम अपने संविधान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल हो सके हैं। कितने शर्म से यह कहना पड़ रहा है कि आज हमारे देश में गरीबी, अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा आतंकवाद, बलात्कार, महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार चोरी, दंगे, हड़ताल जैसे तमाम समस्याएं मुंह बाएं खड़ी हैं और इसके साथ उग्रवाद और आतंकवाद हमारे तिरंगे की शान को चुनौती दे रहा है।

यही नहीं किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है और उसे अपनी उपज की कीमत नहीं मिल पाती। यही नहीं दिन भर मेहनत मजदूरी करने वाला एक मजदूर भूखे पेट सोने को मजबूर है।

इसके अलावा आज हमारा देश ऐसे लोगों से भरा पड़ा है, जिनके सिर पर छत नहीं है, तन पर कपड़ा नहीं है, और खाने के लिए पौष्टिक भोजन नहीं है और इलाज के लिए पैसे नहीं है और तो और देश की महिलाएं महफूज नहीं हैं।

जिसके चलते फिर से हमारा देश गुलामी की जंजीरों में कैद हो गया है, ऐसी गुलामी से देश को बचाने के लिए हम सबको एक- साथ होने की ज़रुरत है और इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है, क्योंकि कहीं न कहीं यह सब हमारे देश के विकास और उन्नति को रोक रहा है और हमारे देश को कई साल पीछे खीच रहा है।

तो आइए गणतंत्र दिवस के इस पावन पर्व पर एकसाथ शपथ लेते हैं कि

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
झंडा ऊंचा रहे हमारा
इसकी शान न जाने पाए
चाहे जान भले ही जाए।।

फिलहाल इन्हीं शब्दों के साथ मै अपनी वाणी को विराम देता हूं/देती हूं।।

धन्यवाद, जय हिन्द, जय भारत!!

Republic Day

गणतंत्र दिवस पर भाषण – 26 January Republic Day Speech in Hindi for Students

माननीय मुख्य अतिथि, सम्मानीय प्रधानाचार्या जी, प्रिय शिक्षकों एवं मेरे सभी छोटे-बड़े भाई बहन सर्वप्रथम आप सभी को मेरा नमस्कार।

मैं ….नाम…. कक्षा ….. का छात्र हूं। मुझे आज बेहद खुशी हो रही है कि आप सभी ने गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर आज मुझे अपने विचार रखने का मौका दिया है।

गणतंत्र दिवस पर अपने इस भाषण की शुरुआत में मैं कुछ पंक्तियों के माध्यम से आप सभी को गणतंत्र दिवस के पावन पर्व की बधाई देना चाहूंगा/चाहूंगी।

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में है मान,

दशकों से खिल रही है, उसकी अद्भुत शान,

सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का,

इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास ||

गणतंत्र दिवस की आप सभी को ढ़ेरो शुभकामनाए।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज 26 जनवरी के दिन हम सभी हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस मनाने के लिए इकट्ठे हुए हैं।

यह दिन हम सभी भारतीयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इस दिन साल 1950 में हमारे देश का संविधान लागू हुआ था और हमारा देश एक स्वतंत्र, धर्मनिरपेक्ष गणराज्य बना था।

इसके साथ ही हमारे देश में संविधान लागू होने के बाद सभी देशवासियों को समानता का अधिकार दिया गया था, इसके साथ ही समान कानून व्यवस्था बनाई गई थी।

हमारे देश के संविधान के तहत देश के सभी धर्म, संप्रदाय के लोगों को समान अधिकार दिए गए थे। वहीं संविधान के लागू होने के बाद काफी हद तक महिला और पुरुष के बीच के अंतर को कम किया जा सका, जिसके चलते जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच को मिटाने में भी मद्द मिली है।

दुनिया के सबसे बड़े भारतीय संविधान को बनाने में करीब 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का लंबा वक्त लगा था। इसके बाद दलितों के मसीहा माने जाने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता मे 26 जनवरी, 1950 के दिन भारतीय संविधान को लागू किया गया था।

इसी दिन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को हमारे देश का राष्ट्रपति भी बनाया गया था।

गुलामी का दंश झेल रहे भारत को आजादी दिलवाने एवं पूर्ण स्वराज के लिए हमारे देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उनके सालों तक संघर्ष एवं बलिदान की बदौलत ही आज हम सभी भारतीय चैन की सांस ले रहे हैं। वहीं इस मौके पर कुछ पंक्तियों के माध्यम से मैं धरती माता के वीर सपूतों की कुर्बानियों को याद करना चाहूंगा/चाहूंगी-

चढ़ गए जो हंसकर सूली,

खाई जिन्होंने सीने पर गोली

हम उनको प्रणाम करते हैं

जो मिट गए देश पर

हम उनको सलाम करते हैं।।

26 जनवरी के राष्ट्रीय पर्व के दिन राजधानी दिल्ली के राजपथ पर हर साल विशाल परेड का भी आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही भारत की जल, थल और वायु तीनों सेना द्वारा अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया जाता है। 

इसके साथ ही इस दिन देश के अलग-अलग राज्यों द्वारा दिल्ली के राजपथ पर झांकियां भी निकाली जाती हैं, जिसमें उनके संस्कृति और सभ्यता की झलक देखने को मिलती है।

इस दिन चारों तरफ देशभक्ति से ओतप्रोत माहौल होता है। 26 जनवरी के दिन देशभक्ति के गीत एवं उद्घोषों से पूरा वातावरण गूंजायमान रहता है।

गणतंत्र दिवस के दिन सभी देशवासी देश की आजादी के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले धरती माता के वीर सपूतों के त्याग, बलिदान और कुर्बानियों को याद करते हैं एवं उन्हें सच्चे मन से श्रद्धांजली देते हैं।

इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली के इंडिया गेट पर स्थित शहीद स्मारक ”अमर जवान ज्योति” पर फूल आदि चढ़ाकर वीर शहीदों को याद किया जाता है।

26 जनवरी, जैसे राष्ट्रीय पर्व हम सभी भारतीयों को आपस में मिलजुल कर प्रेम-सदभाव से रहने की प्रेरणा देते हैं। इसके साथ ही हमारे अंदर देशप्रेम की भावना पैदा करते हैं।

वहीं इस मौके पर हम सभी देशवासियों को अपने वतन की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।

मैं कुछ पंक्तियों के माध्यम से अपने इस भाषण को विराम देना चाहता हूं/चाहती हूं-

कतरा कतरा दे दूंगा अपने वतन के लिए

रात और दिन बॉर्डर पर पहरा दूंगा अपने वतन के लिए

ये कुर्बानी है मेरी मेरे देश के लिए

जरुरत आने पर अपनी जान भी दूंगा अपने वतन के लिए।।

धन्यवाद

जय हिन्द, जय भारत ।।

गणतंत्र दिवस पर भाषण – Republic Day Bhashan

Republic Day Bhashan

माननीया मुख्य अतिथि, आदरणीय कुलपति जी, मेरे समस्त शिक्षणगण एवं मेरे सभी छोटे-बड़े भाई बहनों एवं सहपाठियों, आप सभी को मेरा नमस्कार।।

सबसे पहले मैं आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देना चाहता हूं/चाहती हूं।

मेरा नाम… है। और मैं ..कोर्स का नाम विद्यार्थी हूं। आज मुझे बेहद खुशी हो रही है कि गणतंत्र दिवस समारोह के इस मौके पर आप सभी ने मुझे अपने विचार सांझा करने का मौका दिया है।

मैं अपने भाषण की शुरुआत कुछ पंक्तियों के माध्यम से करना चाहता हूं/करना चाहती हूं-

भूख, गरीबी, लाचारी को,

इस धरती से आज मिटायें,

भारत के भारतवासी को,

उसके सब अधिकार दिलायें

आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें…

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि आज गणतंत्र दिवस के मौके पर हम सभी लोग इस समारोह में इकट्ठे हुए हैं। आज का दिन हम सभी भारतवासी के लिए बेहद गौरवमयी दिन है।

इस दिन साल 1950 में हमारे देश का संविधान लागू हुआ था और हमारा भारत देश समाजवादी, स्वतंत्र, संप्रभु, लोकतंत्रात्मक, प्रजातंत्रात्मक गणराज्य बना था।

दरअसल, जब हमारा देश ब्रिटिश चंगुल से आजाद हुआ था। उसके बाद भी यह स्वशासित देश नहीं था। संविधान लागू होने के बाद ही हमारा भारत देश स्वतंत्र- स्व-शासित गणतंत्रात्मक देश बना।

हमारे देश के संविधान को लागू करवाने में महान राजनैतिक,अर्थशास्त्री एवं समाजसेवी भीमराव अंबेडकर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

वहीं देश में संविधान के लागू होने के बाद ही हम सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति एवं बोलने की स्वतंत्रता समेत कई समानता के अधिकार प्राप्त हुए थे। हम सभी भारतीय अपनी इच्छानुसार अपने देश का प्रतिनिधि चुन सकते हैं।

हम हमारे गुलाम देश को आजादी दिलवाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और समर्पण को कभी नहीं भूल सकते हैं।

भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, सुभाष चन्द्र बोस, महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल समेत तमाम क्रांतिकारियों के लंबे संघर्ष और लड़ाई के बाद हमें आजादी मिली थी।

उन्हीं के बदौलत ही आज हम सभी भारतीय आजाद भारत में चैन की सांस ले रहे हैं। वहीं गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व हमें अपने वीर सपूतों के त्याग का एहसास दिलवाने का काम करते हैं।

इसके साथ ही इन अवसरों पर उनकी गौरवगाथा सुनाई जाती हैं एवं उन्हें सच्चे मन से श्रद्धांजली अर्पित की जाती हैं। इस मौके पर हर साल देश के राष्ट्रपति दिल्ली के राजपथ पर तिरंगा झंडा फहराते हैं।

वहीं इसमें कोई दोराय नहीं है कि देश की आजादी के बाद हमारे भारत देश में सफलता की नई बुलंदियों को हासिल किया है और राजनैतिक, आर्थिक, समाजिक, वैज्ञानिक समेत हर क्षेत्र में जमकर तरक्की की है।

लेकिन कई मायनों में आज भी हमारा देश संविधान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पीछे है। स्वतंत्र, संप्रभु एवं धर्मनिरपेक्ष गणराज्य होते हुए भी आज हमारे देश में जाति, गरीबी, भ्रष्टाचार, हिंसा, अपराध, अत्याचार, बलात्कार जैसी जघन्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

इसके अलावा बढ़ रही आतंकवादी गतिविधियां भी हमारे देश की शान को चुनौती दे रहा है। इसलिए हम सभी को अपने देश को श्रेष्ठ बनाने की जरूरत है और एकजुट होकर इसके खिलाफ लड़ाई करने की जरूरत है।

ताकि हमारे देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, हिंसा जैसी समस्याएं जड़ से खत्म हो सकें। कहीं न कहीं यह हमारे देश की उन्नति और विकास को रोकने का काम करती हैं।

इसलिए आज गणतंत्र दिवस के मौके पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम सभी अपने देश की रक्षा करेंगे और भ्रष्टाचार मुक्त एवं हिंसामुक्त गणराज्य का निर्माण करेंगे।

मैं कुछ पंक्तियों के माध्यम से अपने इस भाषण को विराम देना चाहती हूं/चाहता हूं-

शहीदों का सपना जब सच हुआ

हिंदुस्तान तब स्वतंत्र हुआ

आओ सलाम करें इन वीरों को,

जिनकी वजह से भारत गणतंत्र हुआ।

धन्यवाद।

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम, वन्दे मातरम्….

भारत माता की जय..

गणतंत्र दिवस पर भाषण – 26 January Bhashan

सम्मानीय वरिष्ठ अधिकारियों एवं मेरे प्यारे सहयोगियों आप सभी को मेरा नमस्कार एवं गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

आज हम सभी लोग हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस के समारोह को मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। सबसे पहले मै आप सभी का आभार प्रकट करना चाहता हूं/चाहती हूं कि आप सभी ने मुझे इस गौरवमयी दिन में अपने विचार रखने का मौका दिया है।

मै अपने भाषण की शुरुआत में सबसे पहले देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वीर जवानों को सलाम करता हूं / करती हूं और देश के लिए अपना लहू बहाने वाले एवं अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को श्रद्धांजली देता हूं।

जिनकी बदौलत आज हम आजाद भारत में चैन की सांस ले रहे हैं और गणतंत्र देश में सुकून से रह रहे हैं।

आज 26 जनवरी के दिन ही, साल 1950 में हमारा भारतीय संविधान लागू हुआ था और भारतीयों को उनके अधिकार दिए गए थे एवं भारत एक प्रजातंत्रात्मक, लोकतंत्रात्मक एवं स्वतंत्र गणराज्य बना था।

इसके पहले भारत देश स्वशासित देश नहीं था। जिस दिन से हमारे भारत देश का संविधान लागू हुआ था, उस दिन से हमारे देश को एक गणतंत्र देश के रुप में मान्यता मिली थी।

गणतंत्र देश का मतलब एक ऐसा देश जो कि प्रजा द्वारा चलाया जाता है एवं यहां प्रजा का फैसला ही सर्वोपरि होता है। अर्थात लोगों को अपने देश का प्रतिनिधि चुनने का पूरा अधिकार होता है।

वहीं संविधान के तहत देश के सभी नागरिकों को समानता का अधिकार दिया गया है। जिसके चलते आजादी के बाद जातिगद भेदभाव के आधार पर वर्गीकृत भारतीय समाज को एकता के सूत्र में भी बांधने में मद्द मिली है साथ ही जातिगत भेदभाव जैसे समाजिक बुराईयों को दूर करने में मद्द मिली है।

इसके अलावा हमारे संविधान के तहत महिलाओं और पुरुषों के बराबर के अधिकार दिए गए हैं, जिससे महिलाओं को भी समाज में बराबरी का हक प्राप्त हुआ है।

इसके तहत सभी को शिक्षा का अधिकार, घू्मने-फिरने का अधिकार, कहीं पर भी रहने का अधिकार, बोलने एवं अभिव्यक्ति की आजादी समेत तमाम अधिकार दिए गए हैं।

जिसके चलते भारतीय समाज की स्थिति में सुधार हुआ है एवं हमारा देश उन्नति के पथ पर अग्रसर हुआ है।

आपको बता दें कि हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे लंबा संविधान है, जिसमें 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं। इसे तैयार करने में करीब ढाई साल का लंबा वक्त लगा था।

डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने हमारे देश के संविधान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके अथक प्रयासों के बदौलत ही आज हमें एक मजबूत संविधान प्राप्त हुआ है, जिसने सभी देशवासियों को अपनी सर्वोच्च शक्ति प्रदान की है।

वहीं 26 जनवरी के दिन हमारे देश के गणतंत्र देश बनने की खुशी में ही पूरे देश में इसे बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

हम सभी भारतवासियों को अपने गणतंत्र देश का गरिमा का सम्मान करना चाहिए और इसकी रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए। मैं अपने भाषण के अंत में कुछ पंक्तियों शब्दों के साथ विराम देना चाहता हूं/चाहती हूं-

ये बात हवाओं को बताये रखना

रोशनी होगी चिरागों को जलाये रखना

लहू देकर जिसकी हिफाजत हमने की

ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना।

धन्यवाद, जय हिन्द, जय भारत ।।

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

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9 COMMENTS

    • Thanx for reading this article and Republic day is the most prestigious day and pride of our country. Please stay tuned to our website for more articles.

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