School मे सुबह के समय मंच संचालन करने संबंधी महत्वपूर्ण बाते

How to Conduct Morning Assembly in School

School या पाठशाला हर एक इंसान के जीवन का वो प्रारंभिक चरण होता है, जहा पर लगभग सभी प्राथमिक और आवश्यक बातो का ज्ञान हमे दिया जाता है। वो संस्कार केंद्र होता है जहा पर व्यक्ती के बौद्धिक विकास के साथ साथ उसे उच्च आदर्श, नैतिक और सामाजिक मुल्यो से अवगत कराया जाता है।

आपके पाठशाला के दिनो को शायद अभी तक आप सभी याद करते होगे, और क्यो ना हो क्योंकी जीवन के यही वो दिन होते है, जहा आपने दिल खोलकर जिंदगी को जिया होगा। पढाई के लिये भलेही डाट पडती होगी पर उन दिनो की शरारत भी काफी अलग होती है। आप मे से बहुत सारे लोगो ने सुबह के समय जब भी पाठशाला मे मौका मिलता होगा, तो किसी विशेष उपलक्ष पर या दैनिक मंच संचालन से जुडे कार्यकलाप मे हिस्सा लिया होगा।

बहुत बार ऐसा होता है जहा दैनिक पाठशाला से जुडे गतीविधियो मे सुबह के मंच संचालन की जिम्मेदारी हम पर आ जाती है, इस परिस्थिती मे किन महत्वपूर्ण बातो को ध्यान मे रखते हुये इसको पुरा करना होता है, इसी खास विषय से जुडा ये लेख है। हमे पुरा विश्वास है ये लेख द्वारा दि गई जानकारी आपके दिल को छू जायेगी और कई ना कई आपकी पुरानी यादे ताजा हो जाएगी।

School मे सुबह के समय मंच संचालन करने संबंधी महत्वपूर्ण बाते – How to Conduct Morning Assembly in School in Hindi

How to Conduct Morning Assembly in School in Hindi
How to Conduct Morning Assembly in School in Hindi

पाठशाला मे सुबह के मंच संचालन से जुडी प्रमुख बाते – Hosting a Morning Assembly in Hindi

  • जब भी पाठशाला मे सुबह के समय मंच संचालन करना होता है उसके प्रमुख प्रकार होते है, जैसा के दैनिक तौर पर तो हर पाठशाला मे मंच संचालन होता ही है, जिसका एक तय प्रारूप होता है।
  • बात करे किसी खास उपलक्ष पर मंच संचालन की जैसे के स्वतंत्रता दिवस, प्रजासत्ताक दिन, महापुरुषो की जयंती का दिवस या किसी अन्य खास तौर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की तो ऐसे समय आपको उसपर सुनियोजित अभ्यास की जरुरत होती है।
  • कुछ प्रभावशाली कोट्स, वाक्य तथा शब्दो का प्रयोग अधिक से अधिक मंच संचालन के दौरान करने से आपकी बात को लोग काफी गहराई से सुनते है तथा उन तक ये बाते असरदार तरीके से पहुच जाती है।

आगे हम आपको इन दोनो परिस्थिती मे किस प्रकार से आप मंच संचालन को बेहतरीन तरीके से पेश कर सकते है, इससे जुडी जानकारी देंगे।

पाठशाला मे सुबह के समय दैनिक मंच संचालन का प्रारूप – School Morning Assembly Presentation

हर पाठशाला मे सुबह के समय सभी को इकठ्ठा होने का नियम होता है जिसमे सभी छात्र, अध्यापक तथा सभी स्टाफ के लोगो को आना होता है। हर पाठशाला मे इसके लिये एक बडे से हॉल या खुले मैदान की सुविधा होती है, पाठशाला की शुरुवात सुबह के प्रमुख क्रियाकलापो से होती है।

इसमे शामिल होनेवाली हर प्रमुख गतिविधि की क्रमशः हम आपको जानकारी देंगे, जिससे आपको दैनिक मंच संचालन की जानकारी मिल जायेगी।

  • प्रथम कार्य होता है के सभी छात्रो, अध्यापको तथा कर्माचारियो को लाउडस्पीकर या उपलब्ध ध्वनी यंत्र द्वारा सूचना देकर हॉल या खुले मैदान मे इकठ्ठा होने की नम्रता पूर्वक विनती करना जिस से वो सभी सूचना सूनकर एक तय जगह पर आ सके।
  • सभी के एक जगह इकठ्ठा होने के बाद दिन की शुरुवात शुभ प्रभात कहकर किसी खास प्रार्थना से होती है, इसमे हर पाठशाला की एक विशिष्ट प्रार्थना होती है जैसे के भाषा, शिक्षा का माध्यम इत्यादी पर ये निर्भर होती है। उदाहरण के तौर पर जैसे के;

“इतनी शक्ती हमे देन ना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना।हम चले नेक रस्ते पे हमसे भूलकर भी कोई भूल हो ना।”

  • प्रार्थना के बाद अगर किसी खास सूचनाओ को छात्रो तक पहुचाना हो या फिर उन्हे किसी नये विषय पर संक्षिप्त मे मार्गदर्शन देना हो तो उससे संबंधित घोषणा दी जाती है। इसमे आनेवाले उपलक्ष जैसे शिक्षा संबंधी स्पर्धा, खेल स्पर्धा, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादी की जानकारी छात्रो तथा मौजूद सभी को दी जाती है।
  • प्रमुख सूचनाओ को छात्रो तक पहुचाने के बाद, बिना शोरगुल किये अनुशासन के साथ सभी छात्रो को अपने अपने क्लास रूम मे जाने की सूचना दी जाती है, इससे छात्रो मे अनुशासन और शिष्टाचार बढता है। इसके बाद सुबह के पाठशाला से संबंधित प्रथम क्रियाकलाप के समाप्ती की घोषणा कर दी जाती है।

आम तौर हर पाठशाला मे सुबह के दैनिक कार्य की शुरुवात इसी प्रकार से होती है, आगे हम चर्चा करेंगे किसी खास उपलक्ष पर पाठशाला मे दिन की शुरुवात मे किस तरह के विभिन्न कार्य शामिल होते है।

खास उपलक्ष पर पाठशाला मे सुबह के समय मंच संचालन का प्रारूप – Special Assembly in School

खास उपलक्ष मे शामिल कुछ प्रमुख दिन होते है जैसे के स्वतंत्रता दिवस, प्रजासत्ताक दिन, महापुरुषो की जयंती, अध्यापक दिन अन्य प्रमुख दिन इत्यादी।इस वक्त पाठशाला मे कैसे मंच संचालन करना होता है उसपर संक्षिप्त मे हर उपलक्ष पर चर्चा करेंगे।

  • स्वतंत्रता दिवस और प्रजासत्ताक दिन – Independence Day or Republic Day Assembly Script

स्वतंत्रता दिवस देशभर मे त्यौहार के जैसे मनाया जाता है, और क्यो ना हो क्योंकी हर देशवासी के लिये ये एक खास दिन होता है। जिस दिन हम अपनी आजादी का जश्न मनाते है और स्वतंत्रता सेनानियो के दिल से आभार व्यक्त करते है।

ऐसा ही कुछ जश्न प्रजासत्ताक दिन पर भी होता है, निम्नलिखित तौर पर संक्षिप्त मे आपको इस दिन से जुडी मंच संचालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

  1. इस दिन की शुरुवात मे सबसे पहले सभी छात्रो, अध्यापको तथा अन्य कर्मचारी वर्ग को एक जगह इकठ्ठा होने की सूचना दी जाती है, जिसमे इस दिन सभी को तय वक्त पर पाठशाला मे मौजूद होने की पहले दिन ही सूचना दी हुई होती है।
  2. सभी को शुभ प्रभात कहने के बाद पाठशाला की दैनिक प्रार्थना के लिये तैयार रहने की सूचना दी जाती है और इस कार्य को पुरा किया जाता है।
  3. दैनिक प्रार्थना के बाद प्रमुख अतिथी के बारे मे अल्प परिचय तथा जानकारी दी जाती है, तथा उनके द्वारा देश कें महापुरुषो कि प्रतिमा को पुष्प और हार अर्पण किया जाता है। इसके उपरांत राष्ट्रीय ध्वज आरोहण के लिये पाठशाला के मुख्य अध्यापक,प्रमुख अतिथी को आमंत्रित किया जाता है। इस वक्त सभी को अनुशासन और शिष्टाचार से खडे रहने की सूचना दी जाती है और इस तरह से इस कार्य को पुरा किया जाता है।
  4. ध्वज आरोहण के बाद सभी को राष्ट्रगीत और ध्वज वंदन हेतू तैयार रहने की सूचना दी जाती है और क्रमशः इस प्रमुख कार्य को पुरा किया जाता है।
  5. राष्ट्रगीत और ध्वज वंदन के बाद पाठशाला मे होनेवाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम की जानकारी दी जाती है और क्रमशः इन सभी को पुरा किया जाता है।
  • महापुरुषो का जयंती दिन

देश के स्वतंत्रता सेनानी तथा महापुरुषो के जयंती दिन पर उस खास व्यक्ती से संबंधित अधिक जानकारी आपके पास होना अनिवार्य होता है, जिसमे उनका जीवन परिचय,कार्य, उनसे जुडी घटनाए काफी महत्व रखती है।

ऐसे उपलक्ष मे सुबह के समय पाठशाला मे दैनिक प्रार्थना के बाद मुख्य अध्यापक और अन्य अध्यापको द्वारा महापुरुष के प्रतिमा को पुष्प एवं हार अर्पित किया जाता है। उसके उपरांत उस महापुरुष के बारे मे कुछ अध्यापक और छात्र अपने विचार व्यक्त करते है इस प्रकार से उस व्यक्ती को श्रद्धा सुमन अर्पित की जाती है।

इस वक्त मंच संचालन के वक्त उस महापुरुष से जुडे प्रेरणादायी विचारो तथा वाक्यो को छात्रो के सामने रखने से उनका कार्यक्रम से जुडाव अधिक होता दिखाई पडता है तथा उनको उच्च मुल्यो और आदर्शो की सीख भी मिल जाती है।

इसी प्रकार से पाठशाला मे सालाना होनेवाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य कार्यक्रमो मे भी आप सुबह के समय मंच संचालन का जिम्मा आने पर इस कार्य को पुरा कर सकते है।

यहा पर कार्यक्रम के विषय अनुरूप आपके पास जानकारी होना अत्यावश्यक होता है तथा विषय से जुडे प्रेरणादायी विचार और घटनाओ का जितना हो सके मंच संचलन मे उपयोग मे लाने की कोशिश होनी चाहिये।

हम आशा करते है दी गई जानकारी को पढकर आपको काफी ज्यादा संतुष्टी मिल गई होगी तथा आपको इस का जरूर लाभ होगा, हमसे जुडे रहने हेतू बहुत बहुत धन्यवाद।…

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