रक्षाबंधन पर कुछ कविताएँ

Raksha Bandhan Poem in Hindi

श्रावण मास की शुक्ल मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाला रक्षाबंधन का पर्व पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और अटूट प्रेम का प्रतीक है।

यह एक बेहद खूबसूरत पर्व है, जिसका हर भाई-बहन पूरी साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस पर्व से भाई-बहन की कुछ खट्ठी-मीठी नोंकझोंक और प्यारी यादें जुड़ी हुईं है।

भाई-बहन के बीच बचपन में छोटी-छोटी बातों को लेकर लड़ाई-झगड़ा होता है, लेकिन फिर भी भाई-बहन एक-दूसरे पर अपनी जान छिड़कते हैं। इस तरह रक्षाबंधन का पर्व न सिर्फ भाई-बहन को उनके सुनहरें पलों की याद दिलवाता है, बल्कि उनके अनूठे रिश्ते की बुनियाद को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।

रक्षाबंधन के पर्व से भाई-बहन की कई भावनाएं जुड़ी हुई हैं। वहीं हम आपको अपने इस आर्टिकल में इस पावन पर्व पर कुछ ऐसे ही भावनाओं को समेटे हुए ऐसी कविताएं उपलब्ध करवा रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको बेहद सुखद और अद्भुत एहसास होगा। इसके साथ ही हमें उम्मीद हैं कि आपको रक्षाबंधन पर लिखी गईं ये कविताएं – Poem on Raksha Bandhan जरूर  पसंद आएंगी, जो आइए जानते हैं –

रक्षाबंधन पर कुछ कविताएँ – Poem on Raksha Bandhan in Hindi

Poem on Raksha Bandhan in Hindi
Poem on Raksha Bandhan in Hindi

 

Raksha Bandhan par Kavita

राखी आयी खुशियां लायी

राखी आयी खुशियां लायी
बहन आज फूलें न समाई
रखी, रोली और मिठाई
इन सब से थाली खूब सजाई !

बांधे भाई के कलाई पे धागा
भाई से लेती हैं वादा
रखी की लाज भैया निभाना
बहन को कभी भूल न जाना !

भाई देता बहन को वचन
दुःख उसके सब कर लेंगा हरन
भाई बहन का प्यार हैं
त्यौहार रखी का न्यारा हैं !

Raksha Bandhan Poem in Hindi

रक्षाबंधन का त्योहार हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिससे हर किसी की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इस दिन बहन प्यार से अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं, तो वहीं भाई भी अपने बहन की रक्षा करना का संकल्प लेते हैं और उन्हें उपहार देते हैं।

इस प्यार और खुशियों के त्योहार रक्षाबंधन के मौके पर हर भाई-बहन एक दूसरे के साथ रहना चाहता है, लेकिन अगर किसी कारण की वजह से अपने भाई-बहन से नहीं मिल पाते हैं तो वे आज के आधुनिक युग में ऑनलाइन राखी और गिफ्ट तो भेज देते हैं या फिर पोस्ट के माध्यम से राखी भिजवा देते हैं, लेकिन फिर भी इस दिन मायूस रहते हैं और अपनी भावनाओं को अपने मन में ही समेट लेते हैं।

इसलिए नर्वस मत होइए बल्कि इन कविताओं को सोशल मीडिया साइट्स व्हाट्सऐप, फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम आदि पर शेयर कर अपने भाई-बहन के प्रति अपनी भावनाओं को उजागर करिए और अपने इस खूबसूरत रिश्ते से जुड़ी अपनी खट्टी-मीठी यादों को ताजा करिए।

राखी बांधत जसोदा मैया

राखी बांधत जसोदा मैया।
विविध सिंगार किये पटभूषण, पुनि पुनि लेत बलैया ॥
हाथन लीये थार मुदित मन, कुमकुम अक्षत मांझ धरैया।
तिलक करत आरती उतारत अति हरख हरख मन भैया ॥
बदन चूमि चुचकारत अतिहि भरि भरि धरे पकवान मिठैया ।
नाना भांत भोग आगे धर, कहत लेहु दोउ मैया॥
नरनारी सब आय मिली तहां निरखत नंद ललैया ।
सूरदास गिरिधर चिर जीयो गोकुल बजत बधैया ॥

सूरदास

Rakhi par Kavita

राखी का आज त्यौहार है

राखी का आज त्यौहार है
बहन भाई के लिए बहुत खास है
लाया खुशियों की बहार है
रेशम के धागे से बंधा प्यार है।

बहनें आज भाइयों को
कुमकुम का तिलक लगाती हैं
अपने प्यारे हाथों से
भाई को मिठाई खिलाती है।

भाई की सूनी कलाई पर
रेशम का धागा बांधती है
बदले में भाई से रक्षा का
अनमोल वायदा पाती है।

भाई भी सुंदर सुंदर तोहफे
बहनों के लिए लाते हैं
तोहफे में क्या मिलने वाला है
बहनें उत्सुक रहती हैं।

बहनें भी भाई की
सलामती की दुआ करती है
खुश रहो तुम सदा भैया
यही प्रार्थना करती है।

बहन भाई का एक दूसरे पर
होता अटूट विश्वास है
रेशम के धागे से ये
बंधा हुआ त्यौहार है।

Poem on Rakshabandhan

भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के इस त्योहार को देश में हर जाति धर्म के लोगों द्धारा मनाया जाता है। इस त्योहार का महत्व तो हिन्दू धर्म के शास्त्रों, पुराणों समेत इतिहास में भी बताया गया है।

अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने की परंपरा तो सदियों से चली आ रही हैं। वहीं इस पर्व पर बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि सिर्फ सगे भाई-बहन को ही राखी बांधी जाएं, बल्कि रक्षाबंधन पर बहन, उन भाइयों को भी राखी बांधती हैं, जिसे वह दिल से अपना भाई मानती है और जो उनकी रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

वहीं रक्षासूत्र का महत्व किसी विशेष जाति, या धर्म के लोग ही नहीं समझते बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी इस त्योहार को पूरी खुशियों के साथ मनाते हैं। आपको बता दें कि मुगल सम्राट हुंमायूं ने एक मुस्लिम शासक होते हुए भी मेवाड़ की महारानी कर्णावती द्धारा भेजे गए रक्षासूत्र का मान रखा था और उनके प्राणों की रक्षा की थी।

वहीं इस त्योहार पर पूरे देश में प्रेम और सोहार्द का वातावरण देखने को मिलता है। वहीं आप इन कविताओं को अपने सोशल अकाउंटस में शेयर कर इस पर्व को और भी अधिक खास बना सकते हैं।

भैया मेरे

अच्छे भैया मेरे…
सबसे प्यारे भैया मेरे…
तुम हो मेरे रखवाले…
मुझसे ये राखी बन्धवाले…
तेरे साथ मैं चलूँगी..
मेरे साथ तुम चलना…
तेरी रक्षा मैं करुगी..
मेरी रक्षा तुम करना..
राखी का ये बंधन प्यारा..
इस बंधन को बांधे रखना..
टूटे ना रिश्तो का धागा…
मजबूत अपने इरादे रखना…
जब मैं तुमसे रूठ जाऊं..
तो तुम मुझे मनाना..
जब-जब मैं रोऊँ..
तुम मुझे हंसाना..
मेरे भैया दूर ना जाना..
मुझसे तुम राखी बंधवाना..
प्यारे प्यारे भैया मेरे …
सबसे अच्छे भैया मेरे….

Raksha Bandhan Poem

भाई बहन का शुभ दिन है आज

भाई बहन का शुभ दिन है आज
कलाई पर सजा है राखी का ताज
बहना की आँखों में है बहुत प्यार
भाई के हाथों मिलेगा आज उपहार
रक्षा करेगा भाई देता है वचन
यूं ही साथ रहेंगे हर जनम
आओ मिलकर खाएं हम मिठाई
रक्षा बंधन की सबको बधाई

Poem Raksha Bandhan

राखी का त्योहार हर बहन-भाई के लिए बेहद खास होता है, इस पर्व पर बहन, अपने भाई की सूनी कलाई पर रेश्म के धागे से ढेर सारा प्यार बांधती है और इस दिन उन्हें बहुत सारा दुलार करती हैं एवं उनकी सलामती एवं खुशियों की ईश्वर से कामना करती हैं। वहीं भाई भी सदैव अपने बहन की रक्षा करने का वचन देता है।

इसके साथ ही इस दिन सरहद पर खड़े सैनिक भाईयों को भी देश की बहनें राखी बांधती हैं, क्योंकि सैनिक भाई, अपने देश की रक्षा के लिए अपने सीमा पर तैनात रहते हैं और अपने प्राणों की आहुति देने के लिए भी तैयार रहते हैं, ताकि देश के अंदर कोई भी दुश्मन घुस न सके और देश की सभी बहनें सुरक्षित और महफूज महसूस कर सकें।

खुशियां का यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को तो कायम करने का काम करता ही है, साथ ही सैनिकों के अंदर भी देश की सुरक्षा को लेकर जज्बा भरता है।

वहीं इन कविताओं के माध्यम से इस पर्व के मूल्यों को बेहद भावनात्मक तरीके से समझा जा सकता है, इसलिए इन कविताओं को पढ़े एवं इन्हें सोशल साइट्स पर शेयर कर दूसरों लोगों को भी प्रेरित करें।

राखी

हर सावन में आती राखी,
बहना से मिलवाती राखी…
चाँद सितारों की चमकीली,
कलाई को कर जाती राखी…
जो भूले से भी ना भूले,
मनभावन क्षण लाती राखी,
अटूट-प्रेम का भाव धागे से
हर घर में बिखराती राखी…
सारे जग की मूल्यवान
चीजों से बढकर भाती राखी…
सदा बहन की रक्षा करना,
भाई को बतलाती राखी…

रक्षाबंधन पर लिखीं गईं इस तरह की कविताओं के माध्यम से भाई-बहन एक-दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को उजागर करते हैं, जिससे उनके पवित्र रिश्ते की डोर को और अधिक मजबूत मिलती हैं।

रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई की कलाई पर बांधी जाने वाली राखी सिर्फ एक रेश्म का धागा ही नहीं होती है, बल्कि बहन-भाई के अटूट प्यार का प्रतीक होती है, साथ ही समस्त जग के लिए बेहद मूल्यवान होती है।

इस दिन शादीशुदा बहनें इस राखी को अपने भाई को पोस्ट करती हैं या फिर अपने मायकें लेकर जाती हैं। इस रक्षासूत्र का बेहद महत्व होने की वजह से यह रेश्मी धागों से बनी राखियां ढेर सारी भावनाओं को अपने मन में समेटे हुए देश-विदेश में सफर करती हैं।

इन कविताओं में भी बहन-भाई के अनोखे रिश्ते की प्यार और तकरार समेत तमाम भावनाएं छिपी हुई हैं।

इन कविताओं में बेहद सुंदर ढंग से राखी के पर्व का महत्व और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के बारे में बताया गया है, इसलिए इन कविताओं को सोशल मीडिया साइट्स पर शेयर करने से  हर भाई-बहनों द्धारा राखी के इस त्योहार को और भी ज्यादा खास बनाया जा  सकता है।

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