सदगुरु जग्गी वासुदेव के 20+ अनमोल वचन

Sadhguru Quotes in Hindi

भारतीय अध्यात्मिक लेखक और ध्यान- योग गुरु जग्गी वासुदेव जो की ‘सद्गुरू’ के नामसे दुनियाभर मे प्रसिध्द है ,मूलतः ये मैसूर (कर्नाटक) के है। वही कोईम्बतूर मे इन्होने आश्रम भी स्थापित किया है जहा दुनियाभर से लोग सद्गुरू के सानिध्य मे आते है और ध्यान योग  तथा अध्यात्म की एक नव चेतना और उर्जा प्राप्त करते है। उनके कुछ प्रसिध्द कथन यहा हम आपके लिये लाए है, हमे आशा है आपको यह पढकर ख़ुशी और अनमोल  मार्ग दर्शन मिलेगा।

सदगुरु जग्गी वासुदेव के 20+ अनमोल वचन – Sadhguru Quotes in Hindi

Sadhguru Quotes in Hindi
Sadhguru Quotes in Hindi

“दिमाग एक शक्तिशाली साधन है। आपका हर विचार, हर भावना अपने शरीर को पूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं।”

“यदि आप परिवर्तन का विरोध करते हैं, तो आप जीवन का विरोध करते हैं।”

Sadhguru Thoughts in Hindi

Sadhguru Thoughts in Hindi
Sadhguru Thoughts in Hindi

“आत्मज्ञान का अर्थ है, जीवन के एक नए आयाम में प्रवेश करना, यह भौतिकता से परे का आयाम है।”

“जीवन का मूल उद्देश्य खिलने की उस सर्वोच्च अवस्था तक पहुंचना है, जहां तक पहुंचना संभव है। ध्यान खिलने के लिए खाद्य पदार्थ है।”

Sadhguru Hindi Quotes

Sadhguru Hindi Quotes
Sadhguru Hindi Quotes

“जब दर्द, दुख या क्रोध होता है, तब आपको अपने भीतर देखने की जरुरत हैं ना की बाहर देखने की।”

“एक बार जब आपका मन पूर्ण रूप से स्थिर हो जाता है तब आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं को पार कर जाती है।”

Sadhguru Thoughts

“ईशा फौंडेशन” के नामसे सद्गुरू जी ने साल १९९२ से संस्था स्थापित की हुई है ,जिसका प्रमुख केंद्र कोईम्बतूर आश्रम है। यहा ध्यान योग शिबीर , अध्यात्मिक शिक्षा, पर्यावरण रक्षा हेतू कार्यक्रम के साथ अध्यात्मिक जन जागृती पर साल भर विभिन्न उपक्रम आयोजित किये जाते है।

सद्गुरूजी ने योग और अध्यात्मिक विषयो पर कुछ खास किताबे भी लिखी है जिनमे से कुछ किताबे विश्व स्तर पर मशहूर और काफी पसंद की गई है। इनमेसे “इनर इंजिनीरिंग : अ योगीज गाईड टू जॉय” की काफी सराहना हुई , साथ साथ “मिस्टिक म्युसिंग ” और “डेथ : आन इनसाईड स्टोरी” से विश्वभर से लोग काफी प्रभावित हुये।

ईशा विद्या के नामसे शिक्षा के लिये नये आयाम भी सद्गुरू द्वारा शुरू किये गये है ,जो की ग्रामीण ईलाको मे गरीब बच्चो को शिक्षा के प्रती प्रेरित कर प्राथमिक स्तर की अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा मुहैय्या करा रहे है।

Sadhguru Thoughts
Sadhguru Thoughts

“आपकी ज्यादातर इच्छाएं वास्तव में आपकी नहीं होतीं। आप बस उन्हें अपने सामजिक परिवेश से उठा लेते हैं।”

“अच्छे लोगों ने दुनिया को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। हमें ‘अच्छे’ लोगों की जरूरत नहीं है, हमें खुशहाल और समझदार लोगों की जरूरत है।”

“सृष्टि का स्रोत बहुत सूक्ष्म है, जब आप अपने शरीर और मन को शांत कर देते हैं, तभी यह बात करता है।”

Sadhguru Jaggi Vasudev Quotes

Sadhguru Jaggi Vasudev Quotes
Sadhguru Jaggi Vasudev Quotes

“तनाव से मुक्त होने का एकमात्र तरीका ध्यान है, क्योंकि यह मन से परे का आयाम है। सारा तनाव और संघर्ष तो मन में है।”

“जब तक यहां आपका अस्तित्व केवल शरीर और मन के रूप में है, पीड़ा तो होगी ही, इससे बचा नहीं जा सकता। ध्यान का अर्थ है आपने शरीर और मन की सीमाओं से परे जाना।”

“ध्यान का अर्थ है पूरी तरह से बोध में स्थित होना। पूरी तरह से मुक्त होने का यह अकेला मार्ग है।”

Sadhguru Quotes on Success

Sadhguru Quotes on Success
Sadhguru Quotes on Success

“जीवन में सबसे खूबसूरत क्षण, वे होते हैं जब आप अपनी खुशी व्यक्त कर रहे होते हैं, न कि जब आप ख़ुशी खोज रहे हों।”

“आत्मज्ञान कोई बिग-बैंग धमाके की तरह नहीं होता है। यह निरंतर जारी रहने वाली प्रक्रिया है।”

“बुद्धि सत्य पर विजय पाना चाहती है, भक्ति सत्य को बस अपना लेती है।”

ध्यान और योग के प्रचार और प्रसार को सद्गुरू द्वारा भारतभर और विश्व मे पहुचाने का प्रयास हरदम से रहा है, ध्यान की प्रेरणा सभी तक पहुचाने का मानो संकल्प सद्गुरू जी ने लिया और इस भावना को व्यापक तरीके से जन जन तक पहुचाने के मद्दे नजर “आदियोगी शिवा ” के नामसे अतिभव्य उचाई और चौडाई वाला लगभग ५०० टन भारमान का भगवान शिवशंकर का मजबूत पुतला भारत मे तामिलनाडू राज्य के कोईम्बतूर से नजदीक थिरुनामाम मे स्थापित किया गया है जो की संपूर्ण सद्गुरू के संकल्पना और प्रेरणा से बनाया गया है, जो की प्रेरणास्त्रोत के रूपमे सबके आकर्षण का केंद्रबिंदू बना हुआ है जिसे गिनीज बुक के विश्व किर्तीमान मे दर्ज किया गया है।

सद्गुरू द्वारा ध्यान और योग शिबीर का भारत भर मे पहाडी इलाखो के साथ निसर्ग सुंदरता के सानिध्य मे आयोजन होता है, जिसमे जिग्यासू और निसर्गप्रेमी तथा अध्यात्मिक उन्नती मार्ग के साधक शामिल होते है और लाभान्वित होते है।

आज के भागदौड भरे जीवनशैली मे भौतिक विकास के साथ जहा अध्यात्मिक और शारीरिक तथा मानसिक शांती की परम आवश्यकता के चलते ऐसे अनमोल मार्गदर्शक के सानिध्य का मौका भला कौन छोडना चाहेगा। साथ ही सद्गुरू के किताबो से प्रेरित होकर साधक वर्ग जीवन को एक अलग तौर पर जिने की राह पर अग्रेसर होते दिख रहे है जो की भारत की विशाल संस्कृती मे ध्यान और अध्यात्म की महत्ता बयान करती है। हमे आशा है आप सभी को इस जानकारी से संतुष्टी प्राप्त हुई होगी, और आप अपने जीवन मे इसे सकारात्मकता बढाने मे उपयोग मे लायेगे।..

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