जीवन पर जोरदार भाषण – Speech on Life

Speech on Life

हैलो दोस्तों, आप सभी को मेरा नमस्कार,

मै यहां मौजूद आप सभी लोगों का आभार प्रकट करता हूं/करती हूं, मुझे बेहद खुशी हो रही है कि आज आपने मुझे ‘जीवन’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का मौका दिया है।

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जीवन पर जोरदार भाषण – Speech on Life in Hindi

सबसे पहले मै इस भाषण की शुरुआत एक सवाल से करुंगी, जिंदगी क्या है, कोई इसे गम का सागर कहता है तो, कोई इसे खुशियों की सौगात मानता है। तो कोई कहता है कि जहां प्रेम हैं वहीं जीवन है। तो कोई इसे ईश्वर का दिया हुआ खूबसूरत उपहार मानता है।

फिलहाल, जिंदगी की कोई सटीक परिभाषा नहीं बनी है, सभी लोगों के लिए जिंदगी के अलग-अलग मायने हैं, कोई जिंदगी की तरफ सकरात्मक है और हर पल इसे जीना चाहता है तो किसी के अंदर जीने की इच्छा ही खत्म हो गई है।

फिलहाल जिंदगी पर आगे कुछ बोलने से पहले मैं जिंदगी पर ऑस्कर वाइल्ड के द्वारा कहा गया एक कथन बोलना चाहूंगी / चाहूंगा।

“जीना दुनिया की सबसे नायाब चीज है, ज्यादातर लोग बस मौजूद रहते हैं”

जाहिर है कि इस दुनिया में बहुत कम लोग ही ऐसे होते हैं, जो अपनी जिंदगी को खुलकर जीते हैं, और हर एक पल इसका आनंद उठाते हैं, साथ ही अपनी जिंदगी से पूरी तरह संतुष्ट रहते हैं, और जिंदगी की तरफ पूरी तरह से सकरात्मक होते हैं।

हालांकि ऐसे लोगों से सकरात्मकता भी आती है और अच्छी जिंदगी जीने की प्रेरणा मिलती है। तो वहीं दूसरी तरफ कई लोग इस दुनिया में ऐसे भी हैं, जिनकी जिंदगी में गमों से भरी पड़ी है, उन्होंने अपनी जिंदगी में किसी अपने को खो दिया है या फिर उनकी जिंदगी में उतनी सुख-सुविधाएं नहीं है, जितनी की वे पाने के इच्छुक होते हैं, इसके साथ ही उन्होंने अपने जीवन में सिर्फ विफलताएं ही हासिल की हैं।

इसलिए वे अपनी जिंदगी से काफी निराश हैं और उन लोगों की जीने की इच्छा ही समाप्त हो गई हैं। लेकिन दोस्तों किसी महान व्यक्ति ने कहा है कि –

“जीवन आनंद लेने के लिए है, सहने के लिए नहीं”गोर्डन बी. हिन्क्ले

अर्थात जिंदगी में हमेशा खुश रहना चाहिए और सफल होने के लिए लगातार प्रयत्न करना चाहिए, जो लोग संघर्ष करते हैं और अपने लक्ष्य की तरफ बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ते रहते हैं और इसके लिए प्रयासरत रहते हैं, यकीन मानिए उनको सफलता जरूर मिलती है,और जिस दिन वे सफल होते हैं, उस दिन उनके मन में जिंदगी जीने की इच्छा भी जागृत हो उठती है।

हालांकि, आज के बदलते परिवेश में इंसान की जरूरतें भी बढ़ रही है, दरअसल, आजकल लोग भौतिकवादी सुख-सुविधाओं के आदि हो चुके हैं, आज हर कोई अपनी जिंदगी खुशीपूर्वक और आराम से बिताना चाहता है।

ज्यादातर लोगों की यही इच्छा रहती है कि, वे एक शानदार और बड़े घर में रहें, उनका बैंक-बैलेंस अच्छा हो, उनके पास अच्छी कार हो, अच्छी नौकरी हो और घऱ में सभी सुख-सुविधाएं हो, लेकिन ये सब तभी संभव हैं, जब व्यक्ति की कमाई अच्छी होती है।

वहीं जब मनुष्य इन्हीं जरूरतों और सुख-सुविधाओं की पूर्ति नहीं कर पाता है तो वह डिप्रेशन या तनाव में चला जाता है, अस्वस्थ रहने लगता है इसी के चलते आजकल आत्महत्या के मामले भी बढ़ रहे हैं।

हालांकि हर कोई बिना किसी टेंशन के जिंदगी जीना चाहता है और यही सबकी जिंदगी की मूल इच्छा होती है।

जाहिर हैं कि जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव और सुख-दुख आते हैं। कई लोग ऐसे होते हैं, जो विपत्ति और दुख के समय में एकदम टूट जाते हैं और इसके लिए भगवान को दोष देते हैं या खुद को अभागा समझते हैं और इस जिंदगी से मोह खत्म कर देते हैं, तो वहीं जो कुछ लोग विपत्ति का डटकर सामना करते हैं, और सफलता अर्जित करते हैं, उन्हें अपनी जिंदगी अच्छी और आसान लगती है साथ ही वे अपनी जिंदगी को लेकर काफी उत्साहित और खुश भी रहते हैं।

जाहिर है कि यह सवाल अधिककर लोगों के मन में आता है कि दूसरे की जिंदगी, उनसे ज्यादा अच्छी है, लेकिन इसके लिए वे यह नहीं सोचते कि आखिर दूसरे अपनी जिंदगी में इतने खुश क्यों हैं, वहीं अगर आप इसकी तह तक जाएंगे तो आपको भी इसका जवाब मिल जाएगा।

आज, जितने भी सफल और बड़े लोग हैं, उन्होंने अपनी जिंदगी में इतनी आसानी से सफलता अर्जित नहीं की है, उन्होंने भी इसके लिए कई संघर्ष किए और कड़ी मेहनत और कठोर प्रयास के बल पर ही सफलता का मुकाम हासिल किया है और तभी वे आज अपनी जिंदगी से खुश हैं,और जिंदगी जीने की चाह रखते हैं।

इसलिए दोस्तों जीवन में सुख-दुख, मिलना-बिछड़ना, सफलता-विफलता तो लगा रहता है। लेकिन जरूरत है तो मुश्किल के समय निराश नहीं होने की।

और विपत्ति का डटकर सामना करने की, तभी आप अपनी जिंदगी में सफल हो सकेंगे और आपके मन में भी बेहतरीन जिंदगी जीने की इच्छा जागृत होगी और जिंदगी के प्रति सकारात्मकता आएगी।

फिलहाल जिंदगी एक ऐसा विषय है कि इसके बारे में जितना भी बोला जाए कम है, जिदंगी पर किसी महान व्यक्ति के द्वारा कहीं गई कुछ पंक्तियों के साथ मै अपने भाषण को यहीं विराम देना चाहूंगी।

“जिंदगी के किस्से में न जाने कब मोड़ आता है,
वक्त आता है तो पत्थर भी पिघल जाता है,
अपने हौंसलों और जज्बों को बनाए रखना,
जितना संघर्ष हो हुनर उतना ही निखर जाता है”।।

धन्यवाद!!

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