वर्कलोड की टेंशन को इस तरह के करें बाय-बाय..

Workload Management

जाहिर है कि जमाने के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए जरूरी है कि जमाने की प्रतिस्पर्धा को समझें। क्योंकि हर क्षेत्र में इतना कॉम्पिटिशन बढ़ गया है कि मानो हर कोई खुद को सफलता के लिए तैयार कर रहा है, और अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने में लगा हुआ है।

यही वजह है कि अपने बिजनेस में अच्छा मुनाफा कमाने को लेकर ज्यादातर बिजनेसमैन अधिकतम काम करते हैं कई बार तो वे अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर लेते हैं। जिससे कई बार तनाव की स्थिति तक पैदा हो जाती है।

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वर्कलोड की टेंशन को इस तरह के करें बाय-बाय – Workload Management

वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर बिजनेसमैन एक हफ्ते में 60 घंटे ( या फिर एक दिन में 12 घंटे से ज्यादा ) अपने बिजनेस के लिए काम करते हैं।

वहीं अपने काम के दौरान वे इतने व्यस्त रहते हैं कि, न तो वो लोग अपने परिवार के साथ वक्त गुजार पाते हैं और न ही अपने मनोरंजन के लिए सोशल मीडिया साइट्स पर एक्टिव रह पाते हैं यहां तक कि अपने काम दौरान न ही वो यू-ट्यूब में कोई मजेदार वीडियो ही देख पाते हैं यानि कि हफ्ते में करीब 60 घंटे में उन्हें किसी तरह का ब्रेक नहीं मिलता है।

वहीं एक सफल उद्यमी बनने के लिए बहुत सारे काम करने की जरूरत होती है। बेशक, इस तरह के भारी वर्कलोड होने और इतनी सारी ज़िम्मेदारियां तनाव का कारण भी बन सकती हैं जो आपकी जिंदगी के लिए भारी पड़ सकती हैं।

लेकिन एक सफल बिजनेसमैन इतने सारे वर्कलोड को मैनेज कैसे करता है, वहीं कई लोग स्मार्ट वर्क कर, यानि की होश्यारी के साथ अपने वक्त का सही से मैनेजमेंट कर अपने काम को आसान तरीके से जल्द ही निपटा लेते हैं वे कठिन परिश्रम करने से बचते हैं और इस तरह कोई भी बिजनेसमैन प्रभावी तरीके से अपनी कंपनी के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकता है।

अगर आप भी एक सफल बिजनेसमैन की तरह अपने वर्कलोड को सही तरीके से मैनेज करना चाहते हैं और प्रभावी तरीके से अपने बिजनेस को सफल बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको वर्कलोड की टेंशन बिल्कुल भी लेने की जरूरत नहीं है।

क्योंकी हम आपको अपने इस लेख में कुछ सुझाव दे रहे हैं जिनकी सहायता से आप अपने वर्कलोड की टेंशन को टाटा-टाटा, बाय-बाय कह सकते हैं और एक सफल बिजनेसमैन और एक अच्छे लीडर बन सकते हैं।

  • मल्टीटास्किंग बनने की कोशिश नहीं करें

किसी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने से आपकी करियर को अच्छी ग्रोथ मिल सकती है और आप आसानी से सफलता हासिल कर सकते है, तो इसके लिए आप हर तरह के प्रोजक्ट्स को एक साथ स्वाीकार लेते हैं।

जो कि आपके लिए काफी परेशानी खड़ा कर सकता है और आपके काम की गुणवत्ता को भी गिरा सकता है।

जाहिर है कि एक साथ कई प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी होने के चलते, आप किसी महत्वपूर्ण प्रोजक्टपर उतना ध्यान नहीं दे पाते इसके साथ ही काम का इतना ज्यादा टेंशन लेने की वजह से काम की स्पीड भी धीमी होने लगती है।

वहीं एक रिसर्च के मुताबिक भी यही देखा गया है कि मल्टीटास्किंग होने की वजह से आपका काम तेज होने की बजाय और धीमा होने लगता है।

वहीं ये भी देखा गया कि मल्टीटास्किंग होने की वजह जितना समय आपको एक काम को छोड़कर, दूसरे काम में लगता है,उतने से कम समय में आप अपनी एक काम निपटा सकते हैं।

इसके साथ ही एक ही जगह अपना ध्यान केन्द्रित भी कर सकते हैं क्योंकि एक ही समय में अलग-अलग जगहों पर ध्यान भटकाने से आप अपने एक काम पर फोकस नहीं कर पाते जिससे समय की बर्बादी भी होती है और ये आपके काम करने की स्पीड भी कम हो जाती है।

इसलिए अगर आपके पास ज्यादा काम है तो आप इसके लिए प्लान बनाएं और फिर अपने काम को एक-एक कर खत्म करें।

“The key is not to prioritise what’s on your schedule, but to schedule your priorities.” – Stephen Covey

  • अपने दिन की योजना बनाकर करें काम

कौन-से टास्क के साथ अपने दिन की शुरुआत करनी है, सिर्फ ये जानना आपके बिजनेस की तरक्की के लिए और आपकी वर्कलोड की टेंशन को खत्म करने के लिए काफी नहीं हैं, इसके लिए आपको अपने पूरे दिन की प्लानिंग करने की भी जरूरत है।

एक सफल बिजनेसमैन अपने दिन की शुरुआत एक योजना बनाकर करता है कि जिसमें यह शामिल होता कि, उसे पूरे दिन में कौन-कौन से टास्क निपटाने हैं और हर एक टास्क में कितना समय देना है।

वहीं अगर आप अच्छे तरह से प्लानिंग नहीं करेंगे, तो आपकी वर्कलोड की टेंशन और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इसके साथ ही आपको अपने दिन की प्लानिंग करते वक्त 2 से 3 घंटे काम के बाद एक छोटे से ब्रेक को भी शामिल करना चाहिए क्योंकि ब्रेक लेने से इंसान खुद को तारोताजा महसूस करते हैं, साथ ही अपने टास्क को स्पीड के साथ पूरा करते हैं।

वहीं अगर अपने दिन में सभी कामों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर अच्छे से मैनेज करके चलते हैं तो आप काफी हद तक वर्कलोड की टेंशन से निजात पा सकते हैं, साथ ही एक सफल बिजनेसमैन की तरह बिजनेस की आवश्यकताओं को आसानी से पूरी कर सकते हैं।

Plan your work for today and every day, then work your plan.” – Margaret Thatcher

  • सबसे कठिन कार्य के साथ अपने दिन की शुरुआत करें

अगर आप अपने वर्कलोड की टेंशन को बाय-बाय करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आप अपने दिन की शुरुआत कठिन काम के साथ करें क्योंकि जो भी काम आप करते हैं या जो भी जिम्मेदारी आप निभाते हैं, उन सभी कामों को करने में कई तरह की कठिनाई और समय प्रतिवद्धता होती है।

इसलिए जरूरी है कि आप ज्यादा समय लेने वाले काम और जिसमें काम में आपको ज्यादा रिसर्च करनी हो या कठिनाई लग रही है, तो उसे पहले पूरा करने की कोशिश करें।

क्योंकि आप बेहद आसानी से कठिन कामों को बाद के लिए सहेज कर रख लेते हैं, लेकिन अगर आप अपनी क्षमता का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहते हैं तो और अपने वर्कलोड से निजात पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने दिन की शुरुआत कठिन चुनौतियों से करनी चाहिए।

आपको बता दें कि जितने भी सफल बिजनेसमैन और अच्छे टीम लीडर हैं वे अपने कठिन कामों का सुबह ही निपटा लेतें हैं, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि हर सुबह हमारे अंदर एक नई ऊर्जा का विकास होता है, वहीं बाद में जैसे-जैसे दिन ढलता जाता है, वैसे ही शरीर में थकान महसूस होने लगती है और सुबह की तुलना में अपने कामों पर कम फोकस कर पाते हैं।

इसलिए कठिन प्रोजेक्ट्स को सबसे पहले खत्म करें वहीं कठिन प्रोजक्ट्स का काम जल्दी होने से आपके अंदर आत्मविश्वास की भावना जागृत होगी, इसके साथ ही अपने आगे के काम को लेकर भी आपको अतिरिक्त ऊर्जा भी मिलेगी।

  • अपनी क्षमता के अनुसार ही काम करें

ये बात तो सच है कि कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत ही सफलता हासिल की जा सकती है, लेकिन अगर आप अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता से अधिक मेहनत करेंगे तो ये आपके लिए घातक भी साबित हो सकती है।

क्योंकि जब आप खुद को ज्यादा से ज्यादा काम करने पर जोर देते हैं, तो ऐसे में कई बार आप खुद का ख्याल रखना ही भूल जाते हैं, जिससे आपको कई तरह की गंभीर बीमारियां भी जकड़ लेती हैं।

इसके साथ ही ज्यादा व्यस्त रहने पर आप अपने परिवार और रिश्तों को भी अहमियत देना भूल जाते हैं जिससे कई बार रिश्ते बिगड़ने तक की नौबत आ जाती है।

वहीं सभी की काम करने की अलग-अलग सीमाएं होती हैं। कोई शारीरिक और मानिसक मेहनत ज्यादा कर सकता है तो किसी से शारीरिक मेहनत नहीं होती इसलिए अगर आप बिना किसी वर्कलोड के एक सफल व्यापारी या एक अच्छे लीडर के तौर पर काम करना चाहते हैं, तो आप अपनी क्षमताओं को जान लीजिए।

अगर आप सोचते हैं कि खुद को ज्यादा प्रेशर देने, या अत्याधिक थकावट के बाद भी काम करते रहने से आपको सफल होने में मद्द मिलेगी तो आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि हकीकत में ज्यादातर काम आमतौर पर उनके परिणामों को और भी खराब बनाता है, बेहतर बिल्कुल भी नहीं बनाता।

  • उचित प्रतिनिधिमंडल को समझें

अगर आप बिजनेस लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं तो जाहिर कि आपके ऊपर बिजनेस को सफल बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती है, लेकिन आपके पास अपनी एक टीम भी होती है।

लेकिन आप अपनी जिम्मेदारियों को सहायक कर्मचारियों की योग्यता और क्षमताओं के अनुरूप बांट सकते हैं। इसकी मद्द से आप अपने बिजनेस के लिए महत्वपूर्ण गतिविधियों पर भी आसानी से अपना ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं।

वहीं सहायक कर्मचारियों को जिम्मेदारियां बांटने से पहले आपको इस बात का जरूर ख्याल रखना चाहिए कि उनके पास पहले से तो कोई वर्कलोड नहीं है वहीं आपको अपने प्रोजक्ट्स के बारे में अपने सहायक कर्मचारियों से खुलकर चर्चा करनी चाहिए और आपकी अपनी प्रोजक्ट्स को लेकर क्या-क्या आकांक्षाएं हैं , इसे भी जाहिर करने की जरूरत है।

आप एक अच्छे लीडर की तरह अपने प्रतिनिधिमंडल या टीम को गाइड करते हैं तो निश्चित ही कंपनी की उत्पादकता में सुधार हो सकता हैं और आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

वहीं एक ये भी बहुत बड़ी समस्या है कि, एक बिजनेस लीडर के तौर पर अगर आप कुछ अहम प्रोजक्ट्स की जिम्मेदारी अपने सहायक कर्मचारियों को सौंपते हैं, तो हमेशा प्रोजक्ट्स के सही से पूरा होने की चिंता आपको सताती रहती है।

लेकिन अगर आप कर्मचारियों की क्षमताओं पर भरोसा करते हैं और ये सोचते हैं कि वे इस जिम्मेदारी को प्रभावी तरीके से संभाल सकते हैं तो इससे कर्मचारियों को आगे बढ़ने का भी मौका मिलता है और आगे आने वाले प्रोजक्ट्स में उनकी मद्द से आपको अपने बिजनेस को भी सफल बनाने में मद्द मिलती है।

वर्कलोड की वजह से कई बार विफलता भी आपके हाथ लगती है, लेकिन अगर आप वर्कलोड को अपने हिसाब से मैनेज कर लें और पूरी योजना के साथ काम करें तो आप अपने बिजनेस को सफल बना सकते हैं।

ऊपर लिखी गई योजनाओं को अपनाकर न सिर्फ आप वर्कलोड की टेंशन से छुटकारा पा सकते हैं बल्कि आप एक अच्छे लीडर के तौर पर भी काम कर सकते हैं।

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शिवांगी अग्रवाल , जिन्हें मीडिया में करीब साढ़े 5 साल का अनुभव है । वे मीडिया की जानी-मानी संस्थान न्यूज 18 न्यूज चैनल से भी लगभग 2 साल जुड़ी रही हैं । इसके अलावा वे इलैक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के दैनिक जागरण समेत कई और संस्थानों में भी काम कर चुकी हैं । उन्होनें मीडिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थान जामिया-मिलिया-इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन की डिग्री भी प्राप्त की है ।

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