12 वीं साइंस के बाद कुछ ऐसे हैं कोर्सेस…

Courses after 12th Science

साइंस की फील्ड एक ऐसी फील्ड हैं जो कि काफी बड़ी और विस्तृत है और इसका दायरा काफी बड़ा है। इस फील्ड में करियर के ढेर सारे विकल्प देखकर छात्रों की रुचि इसकी तरफ और भी ज्यादा बढ़ रही है।

साइंस के बारे में कई लोगों की यह भी धारणा यह है कि साइंस स्ट्रीम से 12वीं के बाद छात्र या तो डॉक्टर बन सकता है या फिर इंजीनियर लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इस फील्ड में इसके अलावा भी ढेर सारे ऐसे कोर्सेस मौजूद हैं जिन्हें कर छात्र अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं।

साइंस में करियर बनाने के लिए ज़रूरी है कि 11वीं से ही साइंस चुना जाए। 10वीं के बाद साइंस स्ट्रीम चुनने के बाद इस फील्ड में संभावनाओं का पिटारा खुल जाता है।

12 वीं साइंस से करने वाले कई ऐसे छात्र भी हैं जो मेडिकिल और इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जाम में पास नहीं हो पाते और फिर वह करियर को लेकर कंफ्यूज रहते हैं, क्योंकि उन्हें साइंस से संबंधित अन्य कोर्स की जानकारी नहीं होती है।

इसलिए हम अपने इस आर्टिकल के माध्यम से साइंस स्ट्रीम के कुछ ऐसे ऑपशंस के बारे में बताएंगे, जिसमें जाकर छात्र न सिर्फ अपना बेहतरीन करियर बना सकते हैं बल्कि अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।

Courses after 12th Science

12 वीं साइंस के बाद कुछ ऐसे हैं कोर्सेस – Courses after 12th Science

आपको यह भी बता दें कि 12वीं साइंस के छात्रों के करियर के लिए विकल्प इस बात पर भी बाद निर्भर करता है कि उनके पास 12वीं में पीसीबी यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी हैं या फिर उनके पास पीसीएम है यानी कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स का कॉम्बिनेशन है।

वहीं जिन छात्रों के पास 12वीं क्लास में पीसीबी कॉम्बिनेशन है तो वे छात्र मेडिकल की फील्ड में करियर बना सकते हैं और जिन छात्रों के पास 12 वीं में पीसीएम कॉम्बिनेशन के विषय हैं तो ऐसे छात्र इंजिनियरिंग की फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं।

चलिए हम सबसे पहले आपको ऐसे करियर विकल्पों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिन छात्रों ने 12वीं पीसीबी साइंस से पास की है।

12वीं साइंस में पीसीबी विषय होने पर करियर कोर्सेस – Courses after 12th Science PCB

  • एमबीबीएस
  • बीएएमएस (आयुर्वेदिक)
  • बीएचएमएस (होम्योपथी)
  • बीयूएमएस (यूनानी)
  • बीडीएस
  • बैचलर ऑफ वेटरिनरी साइंस ऐंड एनिमल हस्बैंड्री
  • बैचलर ऑफ नैचुरोपथी ऐंड योगिक साइंस
  • बैचलर ऑफ फीजियोथेरपी
  • इंटेग्रेटिड एमएमससी
  • बीएससी नर्सिंग
  • बीएससी डेयरी टेक्नॉलजी
  • बीएससी होम साइंस
  • बैचलर ऑफ फार्मेसी
  • बायॉटेक्नॉलजी
  • टीचिंग
  • जनरल नर्सिंग
  • पैरामेडिकल कोर्सेस
  • बीएससी डिग्री
  • एलएलबी (बैचलर ऑफ लॉ)
  • ट्रेवल एंड टूरिज्म कोर्सेस
  • इनवॉयरोमेंटल साइंस
  • फैशन टैक्नोलॉजी
  • होटल मैनेजमेंट
  • डिजाइनिंग कोर्सेस
  • मीडिया / जर्नालिज्म कोर्सेस
  • फिल्म टेलीविजन कोर्सेस
  • सीए प्रोग्राम
  • ICWA प्रोग्राम
  • सीएस प्रोग्राम

12वीं साइंस में पीसीएम विषय के बाद कोर्सेस – Courses after 12th Science PCMB

  • इंजीनियरिंग (बीई/बीटेक)
  • बी.आर्क
  • इंटेग्रेटिड एमएससी
  • बीसीए
  • बीकॉम
  • डिफेंस (नौसेना, थल सेना, वायु सेना)
  • बीएससी डिग्री
  • बीडीईएस
  • बीए
  • एलएलबी(बैचलर ऑफ लॉ)
  • टीचिंग
  • ट्रेवल एंड टूरिजन्म कोर्सेस
  • इनवॉयरोमेंटल साइंस
  • फैशन टैक्नोलॉजी
  • होटल मैनेजमेंट
  • डिजाइनिंग कोर्सेस
  • मीडिया / जर्नालिज्म कोर्सेस
  • फिल्म / टेलीविजन कोर्सेस
  • सीए प्रोग्राम
  • आईसीडब्ल्यूए प्रोग्राम (ICWA )
  • सीएस प्रोग्राम

12वीं साइंस के बाद डिप्लोमा कोर्स – Diploma Courses after 12th Science

  • डिप्लोमा इन ब्यूटी कल्चर एंड हेयर ड्रेसिंग
  • कंप्यूटर हार्डवेयर
  • फैशन डिजाइनिंग
  • ड्रेस डिजाइनिंग
  • कटिंग और टेलरिंग
  • वेब डिजाइनिंग
  • ग्राफिक डिजाइनिंग
  • इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी
  • ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट
  • टेक्सटाइल डिजाइनिंग
  • हॉस्पिटल ऐंड हेल्थ केयर मैनेजमेंट
  • फीजिकल मेडिसिन ऐंड रिहैबिलिटेशन
  • फिल्म आर्ट्स ऐंड एवी एडिटिंग
  • एनिमेशन एवं मल्टिमीडिया
  • प्रिंट मीडिया जर्नलिजम एंड कम्यूनिकेशन
  • मास कम्यूनिकेशन
  • मास मीडिया एंड क्रिऐटिव राइटिंग
  • ऐनिमेशन फिल्म मेकिंग
  • एयर होस्टेस
  • एयर क्रू
  • इवेंट मैनेजमेंट
  • एचआर ट्रेनिंग
  • कंप्यूटर कोर्सेज
  • फॉरेन लैंग्वेज कोर्सेज

12वीं साइंस के बाद कुछ अन्य डिग्री कोर्सेस – Degree Courses after 12th Science

  • एस्ट्रो फिजिक्स
  • डेयरी साइंस
  • नैनो टैक्नोलॉजी
  • स्पेस साइंस

12वीं साइंस के छात्र, डिफेंस फील्ड में भी बना सकते हैं करियर –

इसके अलावा हम आपको यह भी बता दें कि पीसीएम स्ट्रीम से 12वीं करने वाले छात्रों के लिए डिफेंस की फील्ड में भी करियर बनाने की अपार संभावनाएं है। नैशनल डिफेंस अकैडमी (एनडीए) साल में दो बार परीक्षाओं का आयोजन करता है। भारतीय थल सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना में एनडीए परीक्षा के माध्यम से भर्ती होती है। इससे ऑफिसर बन छात्र अच्छी कमाई कर सकते हैं।

साइंस में ग्रेजुएशन कर बनाएं करियर

कई ऐसे भी छात्र होते हैं जो प्रोफेशनल कोर्सेस के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षाओं मे पास नहीं हो पाते हैं, तो ऐसे में उन छात्रों को निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है , वह ग्रेजुएशन कर भी करियर बना सकते हैं।

दरअसल कई कॉम्पिटेटिव एग्जाम ऐसे होते हैं जिनमें साइंस संबंधित बेसिक सब्जेक्ट्स की पढ़ाई काफी महत्वपूर्ण होती है और इनके आधार पर ही अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छी नौकरी मिल सकती है।

आपको बता दें कि साइंस वाले छात्र बॉटनी, जूलॉजी, जिक्स, कैमेस्ट्री, मैथ्‍स आदि में विशेषज्ञता हासिल कर सफलता हासिल कर सकते हैं। जबकि माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी आदि में भी एमएससी और एमसीए के बाद बेहतर करियर उपलब्ध होते हैं।

साइंस में निम्नलिखित विषयों से ग्रेजुएशन किया जा सकता है-

  • बीएससी बायोटेक्नोलॉजी
  • बीएससी माइक्रबायोलॉजी
  • बीएससी आईटी
  • बीएससी इलेक्ट्रॉनिक
  • बीएससी फार्मा कैमेस्ट्री
  • बीएससी बायोइंर्फोमेटिक्ट
  • बीएसी कम्प्यूटर मेंटनेंस

आइए अब जान लेते हैं ऊपर लिखे गए कुछ मुख्य कोर्सेस के बारे में –

  • बीई/बीटेक (B.Tech) – B.Tech

बीई यानि बैचेलर इन इंजीनियरिंग और बीटेक यानि बैचेलर इन टेक्नोलॉजी, जो कि चार साल का डिग्री कोर्स है। पीसीएम के छात्र जिनके पास क्लास 12th में फिजिक्स, कैमिस्ट्री और गणित विषय हैं, ऐसे छात्र बीटेक आसानी से कर सकते हैं।

आपको बता दें कि इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए छात्रों को एंट्रेस एग्जाम देना होता है। इस कोर्स के माध्यम से छात्र कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, आईटी इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग समेत कई इंजीनियरिंग कोर्स कर सकता है।

इस कोर्स के बाद न सिर्फ छात्रों के लिए नौकरी के ढेर सारे विकल्प मिलते हैं बल्कि उच्च शिक्षा के लिए छात्र इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री कोर्स एमई या एमटेक भी कर सकता है। आपको बता दें कि इंजीनियरिंग में मास्टर कोर्स की अवधि 2 साल की होती है। मास्टर डिग्री के बाद भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में छात्रों के लिए सैकड़ों विकल्प बाजार में मौजूद हैं।

  • बैचलर ऑफ साइंस – BSC – Bachelor of Science

12वीं साइंस के छात्र जो ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करना चाहते हैं। वे छात्र बीएससी यानि बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल कर सकते हैं, जो कि छात्रों के करियर बनाने में काफी योगदान देती है, लेकिन इसके लिए यह शर्त है कि 12वीं भी साइंस स्ट्रीम से ही होनी चाहिए। इस कोर्स की अवधि 3 साल की होती है, जिसमें 6 सेमेस्टर होते हैं।

वहीं जो छात्र बीएससी में एडमिशन लेने के इच्छुक हैं। ऐसे छात्रों को कम से कम 12वीं क्लास में 50 फीसदी अंक तो लाने ही होते हैं। बीएससी में कई सारी कैटेगरी देखने को मिलती है। जिनके हिसाब से छात्र एडमिशन ले सकते हैं।

यह भी बता दें कि कई कॉलेजों में मेरिट के आधार पर बीएससी में एडमिशन होता है जबकि कुछ कॉलेज में इसके लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा भी देनी पड़ती है।

केमिकल फैक्ट्री, स्पेस रिसर्च इंस्टिट्यूट, बायो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री, केमिकल इंडस्ट्री, मल्टीमीडिया इंडस्ट्री में अपना कैरियर बना सकते हैं, लेकिन यह छात्र पर निर्भर करेगा कि उन्होंने कौन सी कैटेगरी का कोर्स किया है।

फिलहाल बीएससी के बाद छात्र MSC, MBA और MCA जैसे पोस्ट ग्रेजुएट लेवल के कोर्स कर सकते हैं , और इसमें करियर बनाकर ढेर सारा पैसा कमा सकते हैं।

  • बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (B.Arch) – Bachelor of Architecture

बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर एक लंबी अवधि 5 साल का डिग्री कोर्स होता है, जिसमें आर्किटेक्चर यानि वास्तुकला के बारे में छात्रों को जानकारी दी जाती है। आपको बता दें बीआर्क करने वाले छात्रों को गृह निर्माण जैसे काम की रुपरेखा बनाना समेत कई तरह के मकान, दुकान, शॉपिंग मॉल, सड़क निर्माण, व्यावसायिक इमारत आदि बनाना सिखाया जाता है।

वहीं बीआर्क में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्रों के लिए 12th में 50 फीसदी अंकों के साथ पास करना जरूरी है और 12th में गणित एक अनिवार्य विषय के रूप में होना चाहिए या फिर छात्र 10वीं के बाद किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी / बोर्ड या संस्थान से 3 साल का डिप्लोमा कर सकते हैं।

इसके अलावा आप NATA (नेशनल एप्टिट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्टर) जो कि एक प्रवेश परीक्षा है, उसके माध्यम से बीआर्क में एडमिशन ले सकते हैं। आपको बता दें कि बीआर्क करने वाले छात्रों के लिए नौकरी की अपार संभावनाएं रहती हैं।

इसके साथ ही बी.आर्क वाले छात्र खुद का बिजनेस भी शुरु कर सकते हैं। बीआर्क के छात्र कांट्रेक्टर बनकर, भवन निर्माण, सड़क निर्माण, पुल निर्माण आदि जैसे बड़े-बड़े टेंडर भी ले सकते हैं जिसमें बी.आर्क की डिग्री का अहम रोल होता है।

मेडिकल के कोर्सेस के बारे में जानकारी – Medical Courses after 12th Science

  • बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी(एमबीबीएस) – Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery (MBBS)

एमबीबीएस प्रमाणित डॉक्टर बनने की एक डिग्री है। 12 के पीसीबी यानि कि फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के छात्र इस कोर्स को कर सकते हैं। आपको बता दें कि मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए यह बेहद पसंदीदा कोर्स है। वहीं यह काफी लंबी अवधि का कोर्स होता है, एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के लिए साढ़े 5 साल की अवधि लगती है। वहीं इस डिग्री को हासिल करने के बाद छात्र अपने नाम के आगे डॉक्टर शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत अंक तो हासिल करने ही होते हैं। वहीं 17 से 25 साल के उम्र के छात्र इस कोर्स के लिए एप्लाई कर सकते हैं।
आपको बता दें कि एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा का संचालन नीट (NEET) की तरफ से किया जाता है, जिसमें देश के लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज शामिल होते हैं जबकि AIIMS, JIPMER एवं AFMC अलग से प्रवेश परीक्षा का संचालन करता है!

वहीं MBBS कोर्स करने के बाद या तो छात्र MS/MD में एडमिशन ले सकता है या फिर वह किसी हॉस्पिटल में भी नौकरी कर सकता है।

  • बैचलर इन फार्मेसी (बी.फार्मा) – Bachelor of Pharmacy

12वीं साइंस के छात्र बी.फार्मा कोर्स कर सकते हैं। बी.फार्मा एक तरह का ग्रेजुएशन कोर्स है जो कि 4 साल का होता है। इस कोर्स के माध्यम से छात्रों को फार्मेसी से जुड़ी दवाइयों और टेस्ट के बारे में जानकारी दी जाती है।

बी.फार्मा के लिए कुछ कॉलेजों में तो मेरिट के आधार पर छात्रों का एडमिशन होता है, जबकि कुछ कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा से गुजरना पड़ता है। इस कोर्स को करने के बाद छात्र केमिस्ट के तौर पर जॉब कर सकते हैं।

इसके अलावा जो छात्र खुद का मेडिकल स्टोर खोलना चाहे तो उन छात्रों को इस कोर्स को पूरा करने के बाद आसानी से लाइसेंस मिल जाता है। फार्मासिस्ट के रूप में कॉलेज में काम कर सकते हैं, इसके अलावा भी इस कोर्स को करने वाले छात्रों के लिए कई और भी विकल्प हैं, जिनके माध्यम से वे इसमें पैसे कमा सकते हैं।

इसके अलावा उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक छात्र एमफार्म भी कर सकते हैं। वहीं M.pharm की प्रवेश परीक्षा में पास होने वाले छात्रों के लिए कॉलेज की तरफ से स्कॉलरशिप भी दी जाती है।

  • बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) – Bachelor of Dental Surgery Course

बीडीएस कोर्स दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एक डिग्री कोर्स है। मेडिकल से संबंधित जो छात्र दांतों के डॉक्टर बनना चाहते हैं , उन लोगों के लिए बीडीएस कोर्स एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
आपको बता दें कि बीडीएस डिग्री की अवधि 3 साल से 5 साल तक होती है। इस कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा देनी होती है। भारत में करीब 300 डेंटल कॉलेज हैं, जिनमें छात्र बीडीएस की पढ़ाई कर अपना भविष्य संवार सकते हैं।

इस कोर्स को करने वालों के लिए न सिर्फ जॉब करने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं बल्कि इस क्षेत्र में डेंटिस्ट सर्जरी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका स्कोप भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है।

  • बीएससी नर्सिंग – BSC Nursing

जो छात्र मेडिकल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो ऐसे छात्रों के लिए जरूरी नहीं है कि वे एमबीबीएस कर डॉक्टर ही बने बल्कि इसके अलावा भी वे कई ऐसे कोर्स का चयन अपना शानदार करियर बना सकते हैं।

वहीं बीएससी नर्सिंग भी एक ऐसा कोर्स है, जिसमें ऐसे छात्र एप्लाई कर सकते हैं जिन्होंने अपनी 12वीं की परीक्षा पीसीबी विषय से उत्तीर्ण की हो, बशर्तें उन्होंने 12 वीं में कम से कम 55 फीसदी अंक हासिल किए हों।

आपको बता दें कि 12वीं के बाद होना वाला यह कोर्स 4 साल के लिए होता है, जिसमें सफल होने के बाद आपको बीएससी यानि बैचलर ऑफ साइंस नर्सिंग की डिग्री मिल जाती है।

आपको बता दें कि बीएससी नर्सिंग में एडमिशन के लिए कुछ कॉलेजों में तो प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है, जबकि कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जहां मेरिट लिस्ट के आधार पर छात्रों का एडमिशन किया जाता है।

आपको बता दें कि इस कोर्स के बाद छात्र आसानी से किसी भी सरकारी अस्पताल, प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी सेंटर, रिसर्च सेंटर, भारतीय सेना और रेलवे आदि कई विभाग में जॉब कर सकते हैं।

  • बैचल ऑफ आयुर्वेद मेडिसन एंड सर्जरी (B.A.M.S) – Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery

पीसीबी के जो छात्र मेडिकल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। वह इस कोर्स को कर अपना करियर बना सकते हैं। 12वीं के बाद छात्र इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।

आपको बता दें कि बीएएमएस का कोर्स साढ़े 5 साल की अवधि में पूरा होता है। इस कोर्स के छात्रों को शरीर रचना विज्ञान, शरीरक्रिया विज्ञान, चिकित्सा के सिद्धान्त, रोगों से बचाव तथा सामाजिक चिकित्सा, फर्माकोलोजी, फोरेंसिक चिकित्सा, कान-नाक-गले की चिकित्सा, आँख की चिकित्सा का अध्ययन करवाया जाता है। इसके अलावा आयुर्वेद की भी शिक्षा दी जाती है।

वहीं इस कोर्स का स्कोप लगातार बढ़ रहा है क्योंकि भारत में अब आयुर्वेदिक उपचार को भी काफी महत्व दिया जा रहा है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा से गुजरना पड़ता है।

इसमें ऑल इंडिया प्रवेश परीक्षाओं के अलावा राज्य स्तर भी कई प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती हैं।

  • बैचेलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (आईटी और सॉफ्टवेयर) – Bachelor of Computer Application

बीसीए यानि कि बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन जो कि एक प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है, यह एक अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है जो कि पूरी 3 साल का होता है। इस कोर्स को छात्र 12वीं पास करने के बाद कर सकते हैं।

आपको बता दें कि इस कोर्स के माध्यम से छात्रों को कंप्यूटर एप्लीकेशन और कम्प्यूटर साइंस के बारे में पढ़ाया जाता है।

आपको बता दें कि यह एक प्रोफेशनल ही नहीं बल्कि एक टेक्निकल डिग्री कोर्स भी है जिसमें, स्टूडेंट्स को कंप्यूटर से रिलेटेड फील्ड के लिए तैयार किया जाता है जिससे आगे जाकर छात्र कंप्यूटर या फिर आईटी की फील्ड में आसानी से काम कर सकें।

इस कोर्स के माध्यम से छात्रों को सॉफ्टवेयर बनाना ही नहीं सिखाया जाता है बल्कि वेबसाइट डिजाइन करना, कंप्यूटर नेटवर्किंग और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैग्वेज के बारे में भी सिखाया जाता है।
इसके अलावा छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब भी कर सकते हैं। बीसीए करने के बाद छात्र एमसीए कोर्स भी कर सकते हैं।

रिसर्स और डेवलपमेंट में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए करियर कोर्सेस – Courses in Research and Development

12वीं साइंस के जो छात्र इंजीनियर या डॉक्टर नहीं बनना चाहते हैं लेकिन उन छात्रों की रुचि रिसर्च एंड डेवलपमेंट में है। ऐसे छात्रों के लिए कुछ ऐसे प्रोफेशनल कोर्सेस हैं जिनके बारे हम आपको नीचे बता रहे हैं –

  • स्पेस साइंस – Space Science

12 वीं साइंस के छात्रों के लिए इस क्षेत्र में भी अपार जॉब की संभावनाएं हैं, दरअसल यह फील्ड काफी बड़ी फील्ड है। इसके तहत कॉस्मोलॉजी, स्टेलर साइंस, प्लैनेटरी साइंस, एस्ट्रोनॉमी जैसे कई फील्ड्स आते हैं।

आपको बता दें कि स्पेस साइंस के तहत छात्र 3 साल की Bsc और 4 साल के बीटेक से लेकर phd तक के कोर्स कर सकते हैं। खासकर स्पेस साइंस से संबंधित कोर्सेस को इसरो और आईआईएससी बैंगलरु में कराया जाता है।

  • एस्ट्रो-फिजिक्स – Astrophysics

एस्ट्रो फिजिक्स की फील्ड उन लोगों के लिए बेहतर साबित हो सकती है और वे लोग इस फील्ड में बेहतरीन करियर बना सकते हैं, जो लोग ब्रहांड के रहस्यों को सुलझाने के अलावा सितारों और गैलेक्‍सी में दिलचस्पी रखते हैं।

आपको बता दें कि इसके लिए छात्र अपनी इच्छानुसार चाहे तो 5 साल के रिसर्च ओरिएंटेड प्रोग्राम (एमएस इन फिजिकल साइंस) में एडमिशन ले सकता है या फिर चार या तीन साल के बैचलर्स प्रोग्राम (बीएससी इन फिजिक्स) में एडमिशन ले सकते हैं।

वहीं एस्ट्रोफिजिक्स में डॉक्टरेट करने के बाद स्टूडेंट्स इसरो जैसे रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में साइंटिस्ट भी बन सकते है।

  • एनवायर्नमेंटल साइंस – Environmental Science

जिन छात्रों की रुचि पर्यावरण जैसे विषयों पर हैं, ऐसे छात्रों के लिए एनवायर्नमेंट साइंस में करियर बनाना बेहतरीन साबित हो सकता है। आपको बता दें कि इस फील्ड में पर्यावरण पर इंसानी गतिविधियों से पढ़ने असर की पढ़ाई करवाई जाती है।

इसके तहत इकोलॉजी, डिजास्टर मैनेजमेंट, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, पॉल्यूशन कंट्रोल जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि इन सभी सब्जेक्ट्स में एनजीओ और यूएनओ के प्रोजेक्ट्स बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं वातावरण में लगातार हो रहे परिवर्तन की वजह से इस क्षेत्र में जॉब की संभावनाएं पहले से और भी ज्यादा बढ़ी हैं।

  • वॉटर साइंस – Water Science

जो छात्र जल की सतह से जुड़ी चीजों के बारे में जानने के उत्सुक रहते हैं, ऐसे छात्रों के लिए इस फील्ड में करियर की अपार संभावनाएं हैं। आपको बता दें कि यह जल की सतह से जुड़ा विज्ञान है। इसमें हाइड्रोमिटियोरोलॉजी, हाइड्रोजियोलॉजी, ड्रेनेज बेसिन मैनेजमेंट, वॉटर क्वॉलिटी मैनेजमेंट, हाइड्रोइंफॉर्मेटिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई करनी होती है। इसके अलावा हिमस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए इस फील्ड में रिसर्चर्स की डिमांड भी काफी बढ़ रही है।

  • माइक्रो-बायोलॉजी – Microbiology

माइक्रो-बायोलॉजी की फील्ड में करियर बनाने के लिए छात्र बीएससी इन लाइफ साइंस या फिर बीएससी इन माइक्रो-बायोलॉजी कोर्स कर सकते हैं. इसके बाद इसमें मास्टर डिग्री और पीएचडी भी का विकल्प भी है।

आपको बता दें कि इसमें भी पैरामेडिकल, मरीन बायोलॉजी, बिहेवियरल साइंस, फिशरीज साइंस जैसे कई फील्ड्स हैं, जिनमें साइंस में रुचि रखने वाले छात्र इसमें करियर बनाकर अपना भविष्य संवार सकते हैं।

  • डेयरी साइंस – Dairy Science

भारत में डेयरी प्रोडक्शन के क्षेत्र में ढेर सारी संभावनाएं हैं। आपको बता दें कि डेयरी प्रोडक्शन में भारत का अमेरिका के बाद स्थान है। वहीं डेयरी प्रोडक्ट की लगातार बढ़ती मांग की वजह से इस क्षेत्र में जॉब के भी ढेर सारे विकल्प मौजूद हैं।

इस फील्ड में खासतौर पर मिल्क प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन की जानकारी दी जाती है। वहीं भारत में दूध की खपत को देखते हुए इस क्षेत्र में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की डिमांड काफी हद तक बढ़ गई है।

विज्ञान विषय से 12वीं करने के बाद स्टूडेंट ऑल इंडिया बेसिस पर एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद 4 साल के डिग्री डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। या फिर कुछ इंस्टीट्यूट में डेयरी टेक्नोलॉजी में दो साल के डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर करते हैं।

  • रोबोटिक साइंस – Robotics Science

12वीं साइंस विषय से करने वाले छात्रों के लिए रोबोटिक साइंस के क्षेत्र में भी ढेर सारे करियर के विकल्प मौजूद हैं। आपको बता दें कि यह कोर्स काफी तेजी से पॉपुलर हो रहा है।

रोबोटिक साइंस बेहद कम दिनों में छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है, दरअसल इसका इस्तेमाल इन दिनों तकरीबन सभी क्षेत्रों में होने लगा है। जैसे कि- हार्ट सर्जरी, कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस. वहीं जो छात्र इस फील्ड में आने का मन बना रहे हैं, वे छात्र इस क्षेत्र से जुड़े कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं, जैसे ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्‍ड रोबोटिक्स सिस्टम।

कम्प्यूटर साइंस से डिग्री हासिल कर चुके छात्र इस कोर्स के लिए योग्य माने जाते हैं। आपको यह भी बता दें कि रोबोटिक साइंस में एमई की डिग्री हासिल कर चुके छात्रों को इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्‍थान में रिसर्च वर्क की नौकरी भी आसानी से मिल सकती है।

  • नैनोटेक्नोलॉजी – Nanotechnology

साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए नैनो टेक्नोलॉजी भी एक ऊभरता हुआ करियर विकल्प है। वहीं जो छात्र नैनो टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो वे 12वीं पास करने के बाद इस फिल्ड में बीएससी या बीटेक कर सकते है।

इसके बाद कई बायोटेक और नैनो टेक कंपनी में भी जॉब कर सकते है. वहीं जो छात्र उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं तो वे इसी फील्ड में एमएससी या एमटेक कर अपना करियर बना सकते है।
आपको बता दें कि इसका स्कोप लगातार बढ़ रहा है। वहीं आाने वाले दिनों में इस फील्ड मे कई प्रोफेशनल की भी जरूरत पड़ सकती है।

आइए जानते हैं 12वीं के बाद कुछ अन्य प्रचिलित कोर्सेस के बारे में – Other Courses after 12th Science

12 साइंस के ही नहीं बल्कि आर्ट्स और कॉमर्स के छात्र भी 12वीं के बाद कुछ ऐसे प्रोफेशनल, डिप्लोमा, वोकेशनल कोर्स कर सकते हो, जिनसे उनके लिए न सिर्फ कई क्षेत्रों में जॉब करने के विकल्प खुल जाते हैं बल्कि वे अच्छे पैसे भी कमा सकते हैं। इन कोर्सेस के बारे में नीचे लिखा गया है –

  • इवेंट मैनेजमेंट – Event management

जिन छात्रों को पार्टियों का बेहद शौक हैं तो उनके लिए इवेंट मैनेजमेंट का करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इस कोर्स के माध्यम से न सिर्फ अच्ची नौकरी मिलने में मद्द मिलेगी बल्कि बिजनेस के तौर पर इवेंट मैनेजर बन कर इस क्षेत्र में खासा पैसा कमाया जा सकता है।

वहीं इवेंट मैनेजमेंट का स्कोप दिन पर दिन बढ़ रहा है। राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर इवेंट मैनेटमेंट बेहद तेजी से बढ़ रहा है।

  • एनीमेशन कोर्स – Animation Courses

12वीं के बाद एनीमेशन कोर्स भी छात्रों के लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। जो छात्र क्रिएटिव करना चाहते हैं या फिर जिन छात्रों की रुचि कार्टून फिल्में या फिर इनोवेटिव वीडियो बनाने में है। वे इस कोर्स के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं।

क्योंकि कार्टून फिल्में, या फिर सोशल मीडिया पर चुनाव के वक्त जो पोलिटिशयन के वीडियो बनते हैं, उन सब में ही एनीमेशन का भरपूर इस्तेमाल होता है और तो और फिल्मों में साई-फाई एक्शन सीन के लिए भी एनीमेशन का इस्तेमाल होता है।

इसलिए यह फील्ड बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। वहीं इस क्षेत्र में भी छात्रों के लिए करियर की भी अपार संभावनाएं हैं।

  • ट्रेवल/टूरिज्म कोर्स – Travel and Tourism Courses

12वीं के बाद उन छात्रों के लिए टूरिज्म का कोर्स बेहतर साबित हो सकता है, जिन छात्रों की रुचि घूमने – फिरने में हैं। इस कोर्स में न सिर्फ अपने घूमने का शौक पूरा किया जा सकता है बल्कि घूमते हुए अच्छे पैसे भी कमाए जा सकते हैं।

अब तो देश भर में बहुत सारे कॉलेज इस कोर्स को करवा रहे हैं और इसकी फीस भी प्रोफेशनल कोर्सेज की तुलना में काफी कम है, जिससे छात्र इस कोर्स को आसानी से कर सकते हैं।

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  • मास कम्यूनिकेशन और जर्नलिज्म – Mass Communication and Journalism

12वीं के बाद मास कम्यूनिकेशन और जर्नलिज्म की फील्ड में भी बेहतर करियर बनाया जा सकता है। मास कम्यूनिकेशन का फील्ड काफी बड़ा फील्ड है।

इसमें छात्र न सिर्फ पत्रकार बन अपने भविष्य को संवार सकता है बल्कि अच्छे पैसे भी कमा सकते हैं। इस कोर्स में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह एक डिग्री कोर्स भी है। इसके अलावा वीडियोग्रापी के शौकीन लोग भी इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं।

  • लैंग्वेज कोर्स – Languages Courses

जिन छात्रों की रुचि नयी-नयी भाषाएं सीखने में हैं, वे छात्र लैंग्वेज कोर्स ज्वाइन कर सकते हैं। इस कोर्स के माध्यम से छात्र ट्रेवल गाइड जैसा पार्ट टाइम जॉब करके भी अच्छे पैसे कमा सकते हैं इसके साथ ही आप सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर सकते हैं या फिर किसी अच्छी कंपनी में मोटी पगार पर नौकरी कर सकते हैं।

  • एग्रीकल्चर क्षेत्र – Agriculture Field

आज कल कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं है। भारतीय कृषि आधुनिकता की तरफ अग्रसर है। इसके लिए बहुत सारे एग्रीकल्चर इंजीनियर, डेरी इंजीनियर आदि की जरूरत है। जिसमें छात्र आसानी से अपना कैरियर बना सकते हैं। इसके लिए बहुत सारे एग्रीकल्चर कोर्स उपलब्ध हैं।

  • होटल मैनेजमेंट – Hotel Management

जो छात्र खाना बनाने के शौकीन हैं, उन छात्रों को अपना करियर बनाने के लिए यह विकल्प बेहतर साबित हो सकता है। आपको बता दें कि होटल मैनेजमेंट का कोर्स आज कल के युवाओं के बीच पसंदीदा कोर्स है ये। इस कोर्स के माध्यम से छात्र होटल से सम्बंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं। या फिर किसी अच्छे होटल में शैफ बन कर अच्छे पैसे कमा सकते हैं। इस कोर्स का स्कोप देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है।

साइंस की फील्ड का दायरा काफी बड़ा है इसलिए इस स्ट्रीम के छात्रों के लिए करियर की भी अपार संभावनाएं हैं। वहीं 12वीं साइंस के छात्रों के लिए इंजीनियर और डॉक्टर बनने के अलावा भी ढेर सारे विकल्प हैं, जिन्हें कर छात्र अपना भविष्य संवार सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं।

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  1. Courses After 10th
  2. Success steps and tips
  3. Commerce Courses after 12th
  4. Courses After 12th
  5. लक्ष्य कैसे निश्चित करे

Note: अगर आपको 12 वीं साइंस के बाद कुछ ऐसे हैं कोर्सेस – Courses after 12th Science अच्छी लगे तो जरुर Share कीजिये।
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2 COMMENTS

  1. आपने बहुत ही बढ़िया से बताया है जो स्टूडेंट 12वीं पास छात्रों के लिए आप यैसे ही लोगो की मदद करते रहिये।

    धन्यवाद!

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