गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (स्वर्ण मुद्रीकरण योजना) – Gold Monetisation Schemes in Hindi

Gold Monetisation Schemes

भारत में सोने खरीदकर इसे निवेश करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। वहीं अगर इस सोने को बैंक में रखने पर ब्याज मिलें तो इससे बेहतर विकल्प और क्या हो सकता है, जी हां जहां लोगों को अपने गोल्ड को सुरक्षित रखने के लिए बैंक में लॉकर लेना पड़ता था, वहीं अब इसे डायरेक्ट गोल्ड मोनेटाइज अकाउंट में जमा किया जा रह है, जिससे लॉकर के सालाना खर्चे से बचने में तो मद्द मिल ही रही है, इसके साथ ही सोना जमा करने पर अच्छा-खासा ब्याज भी मिल रहा है।

भारत सरकार ने भारत में सोने के आयात को कम करने और देश की अर्थवव्यवस्था में सुधार करने के मकसद से गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की शुरुआत की है, जिसका बड़े स्तर पर लोगों को फायदा पहुंच रहा है। वहीं इस स्कीम के तहत कई बड़े लोग और तिरुपति समेत देश के कई बड़े मंदिरों ने बैंकों में सोना जमा किया है।

तो आइए जानते हैं सरकार की इस महत्वपूर्ण स्कीम के बारे में –

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (स्वर्ण मुद्रीकरण योजना) – Gold Monetisation Schemes in Hindi

Gold Monetisation Schemes in Hindi

क्या है गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम – What is Gold Monetisation Schemes

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत वे लोग फायदा उठा सकते हैं और अपना सोना बैंक में जमा कर सकते हैं, जिन्होंने निवेश की दृष्टि से अपने घरों में सोना जमा करके रखा है। दरअसल, इस स्कीम के तहत बैंक में जमा किए गए सोने पर एक निश्चत दर पर बैंक से ब्याज दिया जा रहा है। खास बात यह है कि इस पर मिलने वाले ब्याज में किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगाया जा रहा है।

कब हुई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की शुरुआत – Gold Monetisation Scheme Details

धार्मिक ट्रस्ट, संस्थानों एवं घरों में जमा सोने को सरकार की नजरों में लाना और इसका बेहतर इस्तेमाल करने के मकसद से गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की शुरुआत भारत सरकार ने साल 2015 में की थी। यह स्कीम को गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के स्थान पर शुरु किया गया थी।

आपको बता दें कि सरकार की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत मध्यम अवधि के तहत 5 से 7 साल के लिए जबकि लंबी अवधि के तहत 12 साल के लिए भी सोना जमा किया जा सकता है।

कितना मिलता है गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में ब्याज और क्या हैं इसकी शर्तें – Interest on Gold Monetisation Scheme

RBI की गाइडलाइन के मुताबिक गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को लगभग सभी वाणिज्यिक बैंक शुरु कर सकती है। इस स्कीम के तहत निश्चित अवधि के लिए जमा किए गए सोने पर बैंकों द्धारा अपने ग्राहकों को 2.25 से 2.50 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है।

वहीं ब्याज का मूल्यांकन पैसों में नहीं बल्कि सोने के रुप में किया जाता है। इसके साथ ही ग्राहक द्धारा सोना जमा करने के बाद ब्याज उस दिन से नहीं मिलता है बल्कि 30 दिन की अवधि के अंदर सोने की पूरी जांच होती है और उसके प्रमाणित होने पर ही ब्याज दिया जाता है।

RBI ने भारत सरकार की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत बैंकों को अपने-अपने हिसाब से ब्याज दर तय करने की अनुमति दी है। इसलिए बैंक अपने-अपने हिसाब से गोल्ड जमा करने पर मिलने वाली ब्याज दर तय करती है। इसके साथ ही उपभोक्ता यह ब्याज, नगद अथवा गोल्ड दोनों ही रुप में प्राप्त कर सकते हैं, हालांकि बैंक में गोल्ड जमा करते वक्त आपको यह निश्चित करना होगा कि आप ब्याज नकद लेंगे अथवा इसके बदले में सोना लेंगे। इसके अलावा बैंक की FD की तरह ही समय से पहले ही इसे तोड़ भी सकते हैं।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का मुख्य मकसद – Objective of Gold Monetisation Scheme

सरकार का गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम शुरू करने का उदेश्य देश में जमा निष्क्रिय सोने को उपयोग में लाना और देश की अर्थव्यवस्था में सुधार करना है। इसके साथ ही देश में सोने के आयात को कम करना है, क्योंकि सोने के आयात बढ़ने से देश का CAD (चालू खाता घाटा) बढ़ता है।

सरकार की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत धार्मिक ट्रस्टों, संस्थानों और घरों में छिपा करोड़ो टन सोने को सरकार की नजरों में लाया जा रहा है। और इसके तहत बैंक में सोना जमा करने वाले ग्राहकों और संस्थानों को इसका फायदा भी पहुंचाया जा रहा है।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत मिनिमम जमा होने वाला गोल्ड:

नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का अगर कोई व्यक्ति या फिर संस्था लाभ उठाना चाहती है तो इसके लिए उसे कम से कम 30 ग्राम सोना बैंक में जमा करना होगा, जिस पर उसे ब्याज मिलेगा।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत अधिकतम जमा होने वाला गोल्ड:

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत जमा होने वाले सोने की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है। 30 ग्राम से लेकर व्यक्ति अपनी इच्छानुसार इसके तहत सोना जमा कर सकता है। वहीं गोल्ड मोनेटाइज अकाउंट पर भी लगभग वही नियम लागू होते हैं जो कि जनरली किसी सेविंग अकाउंट में लागू होते हैं।

कौन उठा सकता है इस योजना का फायदा – 

• कोई भी भारतीय मूल का व्यक्ति या फिर कोई भी ट्रस्ट अथवा फर्म भारत सरकार की इस योजना का फायदा उठा सकता है।
• इस योजना के तहत एक या दो नहीं बल्कि दो या दो से ज्यादा लोग भी सोना जमा कर सकते हैं,हालांकि इस केस में सोना जमाकर्ताओं के नाम पर खोले गए संयुक्त जमा खाते में जमा किया जाता है।
इस स्कीम के तहत कितनी अवधि के लिए जमा हो सकता है गोल्ड
भारत सरकार की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत कम से कम 1 साल की अवधि के लिए सोना जमा किया जाता है। 1 साल से कम समय के लिए गोल्ड जमा नहीं किया जा सकता है।

इस स्कीम के तहत तीन तरह के टर्म डिपोजिट प्लान हैं जिनकी अवधि और ब्याज दर इस प्रकार है –

s.no. 3 Term Deposit Plans Years Interest Rate
1शॉर्ट टर्म 1-3 साल 1 साल-0.5%,
2 साल =0.55 %,
3 साल=0.60 %
2मीडियम टर्म 5-7 साल 2.25 %
3लॉन्ग टर्म 12-15 साल 2.5 %

इसके अलावा आप इसे अगर मेच्योरिटी टाइम से पहले बंद करना चाहते हैं तो इसके लिए सभी बैंक में अपने-अपने हिसाब से शर्तें बनाई गईं हैं।

सोना जमा करने के लिए किन बातों पर ध्यान देना जरूरी – 

• देश के मानक ब्यूरों द्धारा मान्यता प्राप्त होलमार्क केन्द्रों से सोने की शुद्धता की जांच करवाने के बाद प्राप्त सर्टिफिकेट के आधार पर ही सोना बैंकों में जमा किया जा सकेगा।
• सोना जमा करने के लिए इसकी पूरी तरह से जांच होगी, जांच के बाद प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही कोई भी व्यक्ति अथवा ट्रस्ट गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का फायदा ले सकता है।

गोल्ड मोनेटाइज अकाउंट कैसे खोलें – How to Open Gold Monetisation Account

• गोल्ड मोनेटाइज अकाउंट खोलने के लिए RBI के तहत निर्धारत बैंक से संपर्क करना होता है।
• यह अकाउंट जीरो बैलेंस जमा बचत खाता की तरह होता है।
• इस अकाउंट को खोलने के लिए उन सभी दस्तावेजों की जरूरत होती है, जिसकी किसी सेविंग अकाउंट को खोलने के लिए होती है।
• सत्यापन के बाद जमाकर्ताओं को शुद्धता परीक्षण केन्द्र (CPTC) एवं सरकारी अधिकृत संग्रह से संपर्क करने की जरूरत होती है, वहीं बैंक इस लिस्ट को उपलब्ध करवाती है।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से सरकार और बैकों को मिल रहा लाभ:

• एक आंकड़े के मुताबिक देश में घरों में, धार्मिक ट्रस्ट एवं मंदिरों में करीब 20 हजार टन सोना जमा है, जिसका इस्तेमाल सही तरीके से नहीं हो पा रहा है, वहीं अगर यह सोना बैंकों के पास वापस आता है तो बाजार में इसकी लिक्वीडिटी बढ़ेगी।
• गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से देश में सोने का आयात कम होगा, जिससे विदेशी मुद्रा बचेगी।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से होने वाले लाभ – Benefits of Gold Monetisation Scheme

• गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत गोल्ड जमा करने पर ग्राहक को ब्याज मिलता है।
• देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
• सोने की आयात में कमी आएगी।
• देश के घरों और धार्मिक ट्रस्टों में जमा क्विंटलों सोना, सरकार की नजरों के सामने आएगा।
• गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से बैंक को फायदा होगा।
• गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में ग्राहक अपनी इच्छानुसार गोल्ड जमा कर सकते हैं।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से हानियां – Disadvantage of Gold Monetisation Schemes

• गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत सोना जमा करने पर इसका इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं आपको सोना वैसा नहीं मिलेगा जैसा आपने जमा किया था।
• सोना की पूरी तरह जांच होती है और जितना शुद्ध सोना होता है उसी के हिसाब से ब्याज मिलता है, वहीं किसी भी गोल्ड ज्वैलरी में 100 फीसदी सोना नहीं होता है, इसका नुकसान खाता धारक को उठाना पड़ सकता है।
• इस योजना के तहत कम से कम 30 ग्राम सोना ग्राहक को जमा करना होगा, तभी वे इस योजना का लाभ उठाने के पात्र होंगे।

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