हिमाचल प्रदेश का इतिहास | Himachal Pradesh History

Himachal Pradesh – हिमाचल प्रदेश उत्तरी राज्य है, जो किसी स्वर्ग से कम नही। प्रदेश में सर्वोच्च शिखर तो नही लेकिन पर्वतारोहण के लिए यहाँ बहुत सी जगहे है। इस राज्य के नाम का अर्थ “बर्फ के निवास” से है।

Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश का इतिहास – Himachal Pradesh History

हिमाचल प्रदेश का इतिहास सिन्धु घाटी सभ्यता के समय का है। कोइली, हाली, दागी, धौग्री, दसा, खासा, किन्नर और किरात जैसे समुदाय के लोग इस क्षेत्र में रह रहे थे।

वैदिक काल में जनपद के नाम से जाने जाना वाला छोटा सा गणराज्य यहाँ बसा हुआ था, जिसपर बाद में गुप्त साम्राज्य ने कब्ज़ा कर लिया। लंबे समय तक राजा हरिशचंद्र के प्रभुत्व के बाद सरदारों और राजपूतो की अगुवाई में इस क्षेत्र को छोटे-छोटे भागो में विभाजित किया गया। इस साम्राज्य को बड़े पैमाने पर स्वतंत्रता मिली और कई बार दिल्ली सल्तनत ने इस साम्राज्य पर आक्रमण भी किया।

10 वी शताब्दी के शुरू में ही महमूद घजनवी ने काँगड़ा पर कब्ज़ा कर लिया। तिमुर और सिकंदर लोदी भी राज्य के निचले पहाड़ी क्षेत्र पर कब्ज़ा कर रहे थे और बहुत से युद्ध कर उन्होंने कयी किलो पर कब्ज़ा कर लिया था।

आज़ादी के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्य आयुक्त के प्रान्तों की भी घोषणा की गयी। 15 अप्रैल 1948 को 28 छोटे प्रांतीय राज्यों के एकीकरण के चलते इन्हें पश्चिमी हिमालय के राज्यों में शामिल कर लिया गया। जिन्हें शिमला पहाड़ी राज्य और चार पंजाब दक्षिणी पहाड़ी राज्य के नाम से जाना जाने लगा।

1948 में अंडर सेक्शन 3 और 4 के तहत इन राज्यों का एकीकरण किया गया था। १ अप्रैल 1954 को हिमाचल प्रदेश और बिलासपुर (नया राज्य) एक्ट, 1954 के तहत बिलासपुर को हिमाचल प्रदेश में ही शामिल कर लिया गया।

26 जनवरी 1951 को भारतीय संविधान के लागु होते और लेफ्टिनेंट गवर्नर के नियुक्त होते ही हिमाचल प्रदेश पार्ट C राज्य बन गया। 1952 में विधानसभा चुनाव का आयोजन किया गया था। इसके बाद 1 नवम्बर 1956 को हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश बन चूका था।

1 नवम्बर 1966 को पंजाब पुनर्निर्माण एक्ट, 1966 के तहत पंजाब राज्य के कुछ भाग जैसे शिमला, काँगड़ा, कुलु और स्पीती जिले, अम्बाला जिले की नालागढ़ तहसील, लोहरा अम्ब और उनकानुंगो सर्किल, संतोखागार्ज कनुंगो सर्किल और होशियारपुर जिले के कुछ भाग, धार कालन कनुंगो सर्किल के गुरदासपुर जिले की पठानकोट तहसील को हिमाचल प्रदेश में मिला लिया गया।

18 दिसम्बर 1970 को संसद ने हिमाचल प्रदेश एक्ट जारी कर दिया और 25 जनवरी 1971 को इस नये राज्य की अधिकारिक रूप से शुरुवात हुई। डॉ. यशवंत सिंह परमार के पहले मुख्यमंत्री बनते ही हिमाचल प्रदेश भारतीय संघ का 18 वा राज्य बन चूका था। शिमला हिमाचल प्रदेश राज्य की राजधानी हैं।

हिमाचल प्रदेश की भाषा – Himachal Pradesh Language

हिमाचल प्रदेश के लोग बहुभाषी है और बहुत सी भाषाओ में बातचीत करते है। हिमाचल प्रदेश की अधिकारिक राज्य भाषा हिंदी है। हिमाचल प्रदेश दूसरी सबसे प्रसिद्ध भाषा पहरी है। इसके अलावा राज्य में पंजाबी, डोंगरी, कांगरी और किन्नौरी भाषा का भी प्रयोग किया जाता है।

हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र – Himachal Pradesh Tourist Places

राज्य के आर्थिक विकास में पर्यटन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हिमालय के परिदृश्य के साथ वाला यह पहाड़ी राज्य दुनियाभर के लाखो पर्यटकों को आकर्षित करता है। शिमला, मनाली, डलहौजी, चंबा, धर्मशाला और कुल्लू जैसे हिल स्टेशन घरेलु और विदेशी पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है।

हिन्दू मान्यताओ के आधार पर इसे देवताओ की भूमि भी कहा जाता है, माना जाता है की भगवान शिव हिमालय को ही अपना घर मानते थे और राज्य का ज्यादातर भाग हिमालय से ही घिरा हुआ है। आधुनिक साहित्य में उत्तराखंड को भी देवताओ की भूमि कहा गया है। पंजाब राज्य से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले पर्यटकों को रास्ते में “देवताओ की भूमि पर आपका स्वागत है” नामक बोर्ड भी दिखाई पड़ता है।

साथ ही राज्य में बहुत से तीर्थस्थल जैसे चामुंडा देवी मंदिर, नैना देवी मंदिर, वज्रेश्वरी देवी मंदिर, भीमकाली मंदिर, ज्वालाजी मंदिर, चिंतपूर्णी,  बैजनाथ मंदिर, बिजली महादेव, मनु मंदिर, रेणुका झील और जाकू मंदिर है। प्राचीन धार्मिक ग्रंथो में इसका उल्लेख होने की वजह से राज्य को “देवभूमि” के नाम से भी जाना जाता है।

राज्य साहसिक पर्यटन गतिविधियों जैसे शिमला में आइस स्केटिंग, बिर्बिलिंग और सोलांग घाटी में पैराग्लाइडिंग, मनाली में स्कीइंग, कुल्लू में राफ्टिंग, बिलासपुर में बोटिंग और राज्य के विविध भागो में ट्रेकिंग और घुड़सवारी के लिए भी प्रसिद्ध है।

लाहौल में स्पीती घाटी 3000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और साहसिक पर्यटकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण गंतव्य है। क्षेत्र में एशिया के प्राचीनतम बौद्ध मठ भी है।

फिल्म शूटिंग के लिए भी हिमाचल प्रदेश जाना जाता है। रोजा, हिना, जब वी मेट, वीर-जारा, यह जवानी है दीवानी और हाईवे जैसी फिल्मो की शूटिंग हिमाचल प्रदेश में हुई है।

24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2015 तक हिमाचल प्रदेश ने भारत में पहले पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। हिमाचल में बीर बिलिंग हवाई खेलो का केंद्र है और पैराग्लाइडिंग करने की बेहतरीन जगहों में से एक है।

हिमाचल प्रदेश की संस्कृति – Himachal Pradesh Culture

हिमाचल प्रदेश बहुधर्मी, बहुभाषी और साथ ही बहुसांस्कृतिक राज्य है। हिमाचल प्रदेश में आदिवासी लोग भी रहते है।

हिमाचल मुख्यतः हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है। कारपेट, लेदर वर्क, शॉल, काँगड़ा पेंटिंग, चाम्बरुमल, धातु की वस्तुए, लकड़ी की कारीगरी और चित्रकला यहाँ की हस्तशिल्प के मुख्य उदाहरण है। हिमाचल प्रदेश की पश्मीना शॉल की मांग केवल हिमाचल प्रदेश में ही नही बल्कि देशभर में रहती है।

हिमाचली टोपियाँ मुख्यतः कारीगरी के लिए जानी जाती है। स्थानिक संगीत और नृत्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान के रूप में जाने जाते है। नृत्य और संगीत के माध्यम से स्थानिक महोत्सव और विशेष पर्वो पर वे भगवान से विनती करते है।

मेलो और महोत्सवो के अलावा यहाँ बहुत से दुसरे उत्सव भी बड़ी-धूम धाम से मनाये जाते है। क्षेत्र में विविध जगहों पर मेलो का आयोजन किया जाता है।

हिमाचल प्रदेश का धर्म – Himachal Pradesh Religion

हिमाचल प्रदेश का मुख्य धर्म हिन्दू ही है। कुल जनसँख्या के 95% से भी ज्यादा लोग हिन्दू धर्म को मानते है। भारत में दुसरे राज्य और संघीय प्रान्तों की तुलना में हिमाचल प्रदेश में हिन्दुओ का अनुपात सर्वाधिक है।

हिमाचल प्रदेश में रहने वाले दुसरे धर्म के लोगो में मुख्यतः इस्लाम, बौद्ध और सिक्ख धर्म के लोग शामिल है। मुस्लिम मुख्यतः चंबा, सिरमौर,  उना और सोलन जिले में पाए जाते है।

हिमाचल प्रदेश का भोजन भी ज्यादातर उत्तरी भारतीयों की ही तरह है। उनके पास भी मसूर, शोरबा, चावल, सब्जियाँ और ब्रेड है। उत्तर भारत के दुसरे राज्य की तुलना में यहाँ भी मासाहारी भोजन को प्राधान्य दिया जाता है। हिमाचल प्रदेश के विशेष खाद्य पदार्थो में म्हणी मधरा, चौचक, भग्जेरी, पटीर, और तिल की चटनी शामिल है।

हिमाचल प्रदेश की कुछ रोचक बाते -Interesting facts about Himachal Pradesh

  • गठन की तिथि – 25, जनवरी 1971
  • क्षेत्र – 55,673 वर्ग किलोमीटर
  • घनत्व – 123 वर्ग किलोमीटर
  • जनसँख्या (2011) – 68,64,602
  • जिलो की संख्या – 12
  • राजधानी – शिमला
  • नदियाँ – रवि, चेनाब, सतलज, बईस, यमुना
  • जंगल और राष्ट्रिय पार्क – ग्रेटर हिमालय, रेणुका, पिन वैली नेशनल पार्क, चिल, कलाटोपे खज्जियार, सिम्बलबरा
  • भाषाएँ – हिंदी, अंग्रेजी, किन्नौरी, पहरी, पंजाबी, कांगरी और डोगरी
  • पडोसी राज्य – जम्मू और कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा.

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2 COMMENTS

  1. ज्ञानी पण्डित जी , सर आपने बहुत ही सुन्दर राज्य की सुन्दर बाते आज बताई है ,
    और ये राज्य मेरे लिए इसलिये खास है क्योकि मैं यहाँ घूम कर आ चुका हूँ ,
    मैं माता नैना देवी के मन्दिर भी दर्शन करने गया था ,

    लेकिन सर आप एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात यहाँ पर नही बता पाए है , क्योकि उसके बिना हिमाचल प्रदेश का एक हिस्सा अधूरा छूट जाता है , और वो है

    ” भाखड़ा – नांगल बाँध ”

    आपने इस बाँध के बारे में नही बताया जिसके लिये हिमाचल सबसे ज्यादा फेमस है , मुझे क्षमा कीजियेगा अगर मुझसे कोई गलती हो गई हो तो ,

    धन्यवाद

    • बिलकुल सही कहा अपने, कुछ ही समय में इस विषय पर हिमांचल प्रदेश की जानकारी के इस लेख में लिखा जायेंगा… आपके सहयोग के लिये धन्यवाद्

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