भारत के टॉप 10 लोकप्रिय कोर्सेस

Top 10 Courses in Demand in India

करियर बनाने के लिए सही कोर्स का चयन करना एक महत्वपूर्ण फैसला है। अगर अपनी रुचि के मुताबिक सही कोर्स नहीं चुना जाए और सही तरीके से मार्गदर्शन नहीं नहीं मिले तो यह भविष्य के लिए काफी नुकसानदायक भी हो सकता है।

आज हाई कॉम्प्टिशन के इस दौर में, जब हर कोई एक-दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ में है, वहीं अब करियर बनाने के लिए भी बहुत सारे कोर्सेस उपलब्ध हैं, ऐसे में करियर के लिए सही कोर्स का चुनाव न सिर्फ छात्रों को असमंजस में डाल देता है बल्कि अभिभावकों के लिए भी अपने बच्चों को सही सुझाव देना मुश्किल होता है।

लेकिन छात्र को कोई भी कोर्स करने से पहले अपनी रूचि और इसके स्कोप के बारे में सोचना बेहद जरूरी है। इसके लिए हम आपको अपने इस आर्टिकल में भारत के टॉप 10 पसंदीदा कोर्सेस – Top 10 Courses in Demand in India के बारे में बता रहे हैं जो कि आपके करियर के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं।

Top 10 Courses in Demand in India
Top 10 Courses in Demand in India

भारत के टॉप 10 लोकप्रिय कोर्सेस – Top 10 Courses in Demand in India

  • Management – MBA / BBA

किसी संस्थान या संगठऩ के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कर्मचारियों की शक्ति का उचित इस्तेमाल करना और इसे निर्देशित करना ही मैनेजमेंट कहलाता है।

वहीं अगर आप भी इस तरह के व्यक्ति हैं, और ऐसा सोचते हैं कि अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आप आसानी से योजना बना सकते हैं, संगठित कर सकते हैं, कर्मचारियों का चयन कर सकते हैं, नेतृत्व कर सकते हैं या लीड कर सकते हैं, और विभिन्न लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किसी संगठन को नियंत्रित कर सकते हैं, तो मैनेजमेंट कोर्सेस के माध्यम से आपको मानव और वित्तीय संसाधनों का कुशलता और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सही दिशा मिल सकती है।

मैनेजमेंट कोर्सेस के लिए एमबीए (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) और एमपीए (मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) जैसे कई कोर्सेस आपके बेहतर करियर का निर्माण करने में आपकी मद्द कर सकते हैं।

यह कोर्सेस करने के बाद आप सुपरवाइजर, फ्रंट-लाइन मैनेजर, सीनियर मैनेजर के रूप में भी काम कर सकते हैं और फिर इसके बाद धीरे-धीरे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) या किसी संगठन के अध्यक्ष भी बनकर लाभ उठा सकते हैं।

वहीं इस कोर्स के लिए किसी भी स्ट्रीम से 3 साल की बैचलर डिग्री और ग्रेजुएशन में 50 फीसदी अंक होना जरूरी है, जबकि एससी / एसटी या पीडब्ल्यूडी (विकलांगता वाले व्यक्ति) के छात्रों के एडमिशन के लिए 45 फीसदी अंक की जरूरत होती है। मैनेजमेंट कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए विद्यार्थी को मैनेजमेंट एंट्रेंस एग्जाम CAT/XAT/CMAT/NMAT/MAT/ATMA क्लीयर करने की जरूरत होती है।

  • इंजीनियरिंग – B.Tech, B.Arch, M.Tech, ME, BE

गणित, अनुभवजन्य साक्ष्य (Empirical Evidence) और वैज्ञानिक, आर्थिक, सामाजिक विषयों की प्रक्टिकल नॉलेज प्राप्त कर किसी वस्तु का आविष्कार करना, उसकी डिजाइन बनाना, निर्माण करना, मशीनों की टेस्टिंग और अलग-अलग प्रयोग करके कुछ नया बनाने को ही इंजीनियरिंग कहते हैं।

इंजीनियर बनने के लिए छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी होती है। इसके लिए बीटेक, बी.आर्क, एम.टेक, एमई समेत कई कोर्सेस हैं, जो कि ज्यादातर पीसीएम से 12वीं यानि की विज्ञान के छात्रों द्धारा किए जाने वाले पसंदीदा कोर्सेस हैं, क्योंकि इस फील्ड में करियर की अपार संभावनाएं हैं और जॉब पैकेज भी अच्छा मिलता है।

आपको बता दें कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कई अलग-अलग स्ट्रीम होती हैं, अपनी रुचि के अनुसार स्ट्रीम चुन कर छात्र इलैक्ट्रिक इंजीनियर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियर, सिविल इंजीनियर आदि बन सकता है।

इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद या तो छात्र जॉब कर सकते हैं या फिर उच्च डिग्री हासिल करने के लिए एम.टेक, एम.ई या फिर एम.एस कर अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए छात्र को 12वीं में पीसीएम यानि की फिजिक्स, कैमेस्ट्री , मैथ और पीसीबी यानि की, फिजिक्स, कैमेस्ट्री और बायोलॉजी में कम से कम 60 फीसदी अंक लाने जरूरी है।

इंजीनियर बनने की चाहत रखने वाले छात्रों को Jee Main, Jee Advanced, BITSAT, VITEEE, COMEDK-UGET, KCET, KEAM, IPUCET, NATA, WBJEE, MHTCET, AP EAMCET, UPSEE, etc.आदि की प्रवेश परीक्षा को पास करना होता है।

इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की सोच रहे छात्र स्वर्गीय अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला , नील आर्मस्ट्रांग, या फिर बिल नेय (जो कि साइंस गाय के नाम से जाने जाते हैं) उन्हें अपना आदर्श मानकर प्रेरणा ले सकते हैं और इस क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं।

  • Computer Application-BCA/MCA

आज टेक्नोलॉजी के युग में जब हर काम कंप्यूटर पर आधारित हो गया है, इसलिए आजकल कंप्यूटर, शिक्षा प्राप्त करने का एक अभिन्न अंग बन चुका है। इसके साथ ही कंप्यूटर नॉलेज आज की युवा पीढ़ी की लाइफ लाइन भी है। कंप्यूटर की बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही आईटी इंडस्ट्री भी और अधिक विकसित हो रही है।

कंप्यूटर एप्लीकेशन के छात्रों का मुख्य रुप से उन सॉफ्टरवेयर प्रोग्राम की पढ़ाई करवाई जाती है, जिसके माध्यम से वह सिस्टम को ऑपरेट करना खीख सकें। इसके साथ ही इस फील्ड के छात्रों को कंप्यूटर साइंस से संबंधित विषयों की जानकारी दी जाती है, जिससे आगे चलकर वे आईटी की फील्ड में आसानी से काम कर सके।

कंप्यूटर और आईटी के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए बीसीए (बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन) का कोर्स काफी लोकप्रिय कोर्स है, यह तीन साल का डिग्री कोर्स है। यह कोर्स कर जो छात्र सॉफ्टवेयर डेवलपर, इंजीनियर और प्रोग्रामर बनना चाहते हैं, उन छात्रों को इस कोर्स के माध्यम से डेटाबेस, नेटवर्किंग, डेटा स्ट्रक्चर, कोर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे कि C ++ और Java के बारे में बताया जाता है।

बीसीए के बाद छात्र चाहे तो जॉब कर अपना करियर बना सकता है या फिर हायर एजुकेशन की चाहत रखने वाले छात्र एमसीए कर कम्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री हासिल कर सकते हैं।
बीसीए कोर्स के लिए 12वीं पीसीएम यानि की फिजिक्स, कैमेस्ट्री और मैथ के विषय से करना जरूरी है, और कम से कम 12वीं की परीक्षा में 50 फीसदी अंक से पास होना जरूरी है।

17 से 25 साल तक के छात्र इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। वहीं इस कोर्स में एडमिशन के लिए कुछ कॉलेज द्धारा प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करवाए जाते हैं, जबकि कुछ कॉलेजों में मेरिट लिस्ट के आधार पर भी एडमिशन होता है।

वहीं अगर आप भी इस कोर्स के माध्यम से अपना करियर बनाने की सोच रहे हैं तो आपको फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, स्रेग्रे ब्रिन और लैरी एलिसन से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

  • Designing – Fashion/Interior/Web

आधुनिक दुनिया में बढ़ रहे फैशन के ट्रेंड और बढ़ रही जरूरतों को देखते हुए फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग और वेब डिजाइनिंग की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं जो लोग क्रिएटिव हैं और उन्हें फैशन और स्टाइल, मॉडलिंग की अच्छी समझ है और अगर उनके द्धारा डिजाइन की गई चीज हर किसी को अपनी तरफ आर्कषित करती है तो ऐसे लोगों के लिए फैशन डिजाइनिंग और इंटीरियर डिजाइनिंग और वेब डिजाइनिंग का कोर्स एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा है।

वहीं जिस तरह तेजी से गारमेंट इंडस्ट्री का विस्तार और विकास हो रहा है, उसी तेजी से टैलेंटेड फैशन डिजाइनर की मांग आने वाले सालों में तेजी से बढ़ रही है। चाहे फैशन डिजाइनिंग हो, इंटीरियर डिजाइनिंग हो या फिर वेब डिजाइनिंग हो यह सभी नेटवर्किंग और अपने उत्पादों की मार्केटिंग पर निर्भर करता है।

इस कोर्स को करने के बाद छात्र डिजाइनर वियर प्रोडक्शन, फैशन मार्केटिंग और क्वालिटी कंट्रोल में काम कर सकते हैं।

इसके अलावा कॉस्टयूम डिजाइनर, पर्सनल स्टाइलिस्ट, फैशन को-ऑर्डिनेटर, फैब्रिक के क्षेत्रों में भी कार्य किया जा सकता है और अपना खुद का बिजनेस भी शुरू किया जा सकता है जैसे फैशन शो ऑर्गेनाइजर गारमेंट स्टोर चैन, बुटीक, ज्वैलरी फर्म आदि।

इस कोर्स के लिए अच्छी रचनात्मक स्किल्स होने के साथ-साथ अच्छी कम्यूनिकेशन स्किल भी होना बेहद जरूरी है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन इस कोर्स के लिए बेहतर संस्थान हैं, जहां से फैशन डिजाइनिंग की डिग्री हासिल कर छात्र अपने भविष्य को संवार सकते हैं।

किसी भी वस्तु को डिजाइिन करने के लिए अलग-अलग तरीके होते हैं, डिजाइनिंग अलग-अलग वस्तु पर निर्भर करती है। फैशन, कपड़े और स्टाइल से संबंधित डिजाइनिंग को फैशन डिजाइनिंग कहते हैं। किसी स्थान या भवन के अंदर और बाहरी हिस्से को एक कलात्मक रुप देकर सुंदर बनाने को इंटीरियर डिजाइनिंग कहते हैं। आजकल इंटीरियर डिजाइनिंग का भी स्कोप काफी बढ़ रहा है।

इंटीरियर डिजाइनर किसी घर या बिल्डिंग की रचनात्मक तरीके से सजावट करता है और उसे दिखने में और भी ज्यादा आर्कषक बनाता है।

वेब डिजाइनिंग के तहत किसी वेबसाइट को बनाते या अपडेट करते हैं। इस कोर्स के छात्रों को टेंपलेट डिजाइनिंग, लोगो डिजाइनिंग, 3डी व 2डी एनिमेशन, पोर्टफोलियो डिजाइनिंग, फ्लैशन, बैनर डिजाइनिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, वेबसाइट मेंटेनेंस, एचटीएमएल, जावा स्क्रिप्ट जैसी स्किल्स भी सिखाई जाती है।

इसके अलावा Css, javascript की भी जानकारी होनी चाहिए। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए वेब डिजाइनिंग डिग्री और डिप्लोमा दोनों तरह के कोर्सेस उपलब्ध हैं, जिसमें छात्र अपना करियर बना सकते हैं। वेब डिजाइनिंग का स्कोप भी लगातार बढ़ रहा है, इसमें जॉब की भी अपार संभावनाएं हैं।

  • Mass-communication / Journalism BJMC

जो लोग अच्छा लिखते हैं, और अच्छा बोलते हैं और थॉटफुल हैं तो ऐसे लोगों के लिए मास कम्यूनिकेशन का कोर्स एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। मास कम्यूनिकेशन के मुख्य रुप से छात्रों को यह सिखाया जाता है कि कैसे एक ही समय में किसी संस्थान, व्यक्ति,और स्थान से संबंधित जानकारी और सूचनाओं को पूरी दुनिया में संचार या स्थानान्तरण किया जाता है।

यह सूचनाएं आमतौर पर टेलीविजन, रेडियो, अखबारों, पत्रिकाओं, किताबों, वेबसाइटों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाती है।

इस कोर्स को छात्र 12वीं की बाद डिग्री कोर्स और डिप्लोमा कोर्स दोनों के रुप में कर सकते हैं। यह तीन साल का डिग्री कोर्स होता है। इसमें बीजेएमसी, एम इन मास कम्यूनिकेशन, डिप्लोमा इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन समेत कई कोर्सेस कर सकते हैं।

किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास छात्र इस कोर्स को कर सकता है। वहीं मासकम्यूनिकेशन में एडमिशन के लिए कुछ कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू होते हैं, जबकि कुछ कॉलेजों में मेरिट के आधार पर ही एडमिशन हो जाता है।

मास कम्यूकेशन के लिए इंडियन इस्टिट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन, जामिया-मिलिया इस्लामिया, सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन प्रमुख संस्थान हैं।

मास कम्यूनिकेशन का कोर्स करने के बाद भी करियर की अपार संभावनाएं हैं। इस कोर्स के बाद रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, वेब कंटेंट राइटिंग, समेत कई फील्ड में काम कर सकते हैं।

इस कोर्स के बाद प्रिंट जर्नलिज्म और इलैक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म दोनों में करियर बनाया जा सकता है। वहीं हायर एजुकेशन की चाहत रखने वाले इस फील्ड में पोस्ट ग्रेजुएशन या फिर मास्टर डिग्री भी हासिल कर सकते हैं।

  • Hospitality (Hotel) – Hotel Management, BHMCT (Bachelors in Hotel Management and Catering Technology)

होटल मैनेजमेंट का कोर्स उन कैंडिडेट्स के लिए सबसे उपयुक्त है, जो लोगों के साथ बातचीत करना पसंद करते हैं और फ़ूड, ट्रेवलिंग तथा लक्ज़री के लिए उनमें काफी पैशन है।

होटल मैनेजमेंट के कोर्स में हॉस्पिटैलिटी, ट्रेवल और टूरिज्म की पढ़ाई करवाई जाती है। होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स के पास कम से कम 50% स्कोर के साथ अपनी 12 वीं क्लास पास करने का सर्टिफिकेट होना चाहिए।

होटल मैनेजमेंट में अपना करियर बनाने की सोच रहे छात्र इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी और एप्लाइड न्यूट्रिशन में एडमिशन ले सकते हैं, लेकिन इस टॉप कॉलेज में एडमिशन के लिए छात्रों को NCHMCT JEE की प्रवेश परीक्षा क्लीयर करना जरूरी है।

होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने वाले छात्र फैक्ट्रीज, हॉस्पिटलस, होटल्स, रिसर्च एंड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, विशविद्यालयों की कैंटीन्स में काम कर सकते हैं।

  • Medical-BDS (Bachelors in Dental Surgeon) and MBBS (Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery) – मेडिकल-बीडीएस (बैचलर्स इन डेंटल सर्जन) और एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी)

हमारे समाज में डॉक्टर को ‘धरती का भगवान’ का नाम दिया जाता है, क्योंकि वह इंसानों की जान बचाते हैं। डॉक्टर की डिग्री को सबसे प्रतिष्ठित डिग्री भी माना गया है। MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी), B. B. S. (बैचलर ऑफ मेडीसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी), B. D. S. (बैचलर ऑफ डेंटल साइंसेज), B. H. M. S. (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) और B. A. M. S. (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) इन दिनों मेडिकल छात्रों द्वारा किए जाने वाले सबसे पसंदीदा कोर्स है।

आपको बता दें कि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड क्रिश्चयन मेडिकल कॉलेज सबसे अच्छे कॉलेज में जिसमें एडमिशन लेकर मे़डिकल कोर्सेस कर सकते हैं।

M.B.B.S की डिग्री हासिल करने वाले छात्र अपने नाम के आगे डॉक्टर लिख सकता है, यह साढ़े 5 साल का कोर्स है। इस कोर्स की चाहत रखने वाले 12वीं पीसीबी के छात्रों को 12वीं में कम से कम 60 फीसदी अंक से पास करना जरूरी है। इस डिग्री को हासिल कर या तो खुद का मेडिकल क्लीनिक खोलकर पैसे कमा सकते हैं या फिर किसी हॉस्पिटल में डॉक्टर के रुप में नौकरी भी कर सकते हैं।

  • Finance – B.Com (Bachelors of Commerce) / CA (Chartered Accountant)

निवेश और धन प्रबंधन के अध्ययन से संबंधित क्षेत्र को फाइनेंस के रुप में जाना जाता है। इसको बेसिकली 3 सब-केटेगिरी में डिवाइड किया गया है- पब्लिक, कॉर्पोरेट और पर्सनल फाइनेंस।
ज्यादातर हम किसी संगठन के धन का प्रबंधन करने के लिए फाइनेंस की पढ़ाई करते हैं। इसमें किसी संगठन के लिए योजना बनाने, धन जुटाने, कोस्ट कंट्रोलिंग और किसी संगठन के लिए सही निवेश करने का अध्ययन शामिल है।

फाइनेंस के फील्ड के बारे गहराई से जानने के लिए बी.कॉम (बैचलर्स ऑफ कॉमर्स), CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट), CS (कंपनी सेक्रेटरी) की पढ़ाई कर सकते हैं। इंडियन इंस्टीट्यूटट ऑफ मैनेजमेंट, फाइनेंस में एमबीए करने के लिए टॉप कॉलेज में से एक है।

वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंसी, उस छात्रों के लिए लोकप्रिय कोर्स है, जो फाइनेंस में रुचि रखते हैं। और बिजनेस, फाइनेंस, ऑडिट, टेक्सेशन और फाइनेंशियल मैनेजमेंट के फील्ड में जाना चाहते हैं।
चार्टर्ड अकाउंटेंसी, किसी बिजनेस को सही तरीके से चलाने के लिए किसी बिजनेस का मूल है।

सीए में करियर बनाने के लिए शुरुआत में छात्रों को टफ कॉमन प्रोफिसिएंसी टेस्ट (CPT) देना होता है। इसके बाद छात्र को IPCT, आर्टिकलशिप ट्रेनिंग और फिर सीए की अंतिम परीक्षा पास कर फाइनल चरण से गुजरना पड़ता है। इन तीनों चरणों को पास करने के बाद ही सीए बन सकते हैं।

सीए की डिग्री लेने के बाद प्राइवेट और पब्लिक बैंक, ऑडिटिंग फ़र्म, लीगल फ़र्म, कॉपीराइट रजिस्टर और ट्रेडमार्क, अटॉर्नी, स्टॉक ब्रोकिंग फ़र्म, म्यूचुअल फ़ंड और इन्वेस्टमेंट कंपनियों में काम कर सकते हैं। कॉमर्स स्ट्रीम में 12वीं पास करने के बाद कोई भी स्‍टूडेंट्स सीए में करियर बना सकते हैं।

  • Arts – Psychology and Sociology

मनोविज्ञान और समाजशास्त्र का अध्ययन दूसरे इंसान की भावनाओं, रिश्ते और व्यवहार को बेहतर तरीके को समझने में मद्द करता है। एक ही लक्ष्य और उद्देश्य होने के बाबजूद भी मनोविज्ञान का अध्ययन समाजशास्त्र से अलग होता है।

बदलती जीवनशैली और बढ़ती महत्वकांक्षाओं के चलते स्ट्रेस और डिप्रेशन बढ़ रहा है। जिससे छुटकारा पाने के लिए लोग मनोविज्ञान का सहारा ले रहे हैं।

दरअसल साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट बिना दवाइयों का सेवन किए और सोच में बदलाव लाने पर आधारित होता है। वहीं जिन लोगों की रुचि किसी निश्चिति स्थिति में मानव और समाज के व्यवहार जानने में होती है, तो उनके लिए मनोविज्ञान और समाजशास्त्र से जुड़े कोर्स करना चाहिए।

साइकोलॉजी और समाजशास्त्र में रुचि रखने वाले बैचलर ऑफ आर्ट्स इन साइकोलॉजी एंड सोशियोलॉजी का कोर्स कर सकते हैं। यह कोर्स करने के बाद छात्र एडमिशन काउंसलर, चाइल्ड केयर वर्कर, रिलेशन रिप्रेंजेंटेटिव, मैरिज काउंसलर, साइक्रिएटिक सोशल वर्कर, रिहैब काउंसलर के रुप में काम कर सकते हैं।

वहीं मनोविज्ञान और समाजशास्त्र के छात्रों के लिए कैरियर के अवसर भी बहुत ज्यादा है, क्योंकि स्कूल से लेकर कॉर्पोरेट जगत तक इन विशेषज्ञों की जरूरत है।

किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास छात्र इस कोर्स को कर सकते हैं। और इस अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

  • Education Teaching- B.Ed/M.Ed

बीएड यानि कि बैचलर ऑफ एजुकेशन का कोर्स एक बेहद लोकप्रिय कोर्स है, जिसे करने के बाद आप टीचर बन सकते हैं। आपको बता दें कि बीएड एक पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है, जिसमें स्टूडेंट्स को टीचर बनने के लिए तैयार किया जाता है, जिससे कि आप स्कूल में विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा दे सकें।

वहीं जो लोग टीचिंग लाइन में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो वह बीएड कोर्स के लिए एप्लाई कर सकते हैं। यह कोर्स दो साल का होता है। इस कोर्स को करने के लिए ग्रेजुएशन में कम से कम 50 फीसदी मार्क्स होने चाहिए। बीएड कोर्स करने के बाद किसी भी गर्वमेंट या प्राइवेट स्कूल में पढ़ा सकते हैं।

आजकल ज्यादा से ज्यादा शिक्षण संस्थान खुल रहे हैं जिसके चलते इस कोर्स की डिमांड भी बढ़ रही है। वहीं इस फील्ड में हायर एजुकेशन के लिए एमएड यानि कि मास्टर ऑफ एजुकेशन भी कर सकते हैं।

इस कोर्स को पूरा करने के बाद प्रोफेसर सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर, लेक्चरर, हेड मास्टर, यूनियर असिस्टेंट, काउंसलर आदि में करियर बना सकते हैं।

इसके अलावा भी कई ऐसे कोर्सेस हैं, जिनमें छात्र अपना बेहतर करियर बना सकते हैं।

Read More:

  1. Courses After 10th
  2. Success steps and tips
  3. Commerce Courses after 12th
  4. Courses After 12th
  5. लक्ष्य कैसे निश्चित करे

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