भारत देश के शासकों का इतिहास

नामशिवाजी  राजे भोंसले
जन्म19 फरवरी, शिवनेरी दुर्ग, महाराष्ट्र
पिताशाह जी भोंसले
माताजीजाबाई
विवाहसईबाई निम्बालकर
उपाधिछत्रपति
शासनकाल1642 ईसवी से 1680
मृत्यु3 अप्रैल, 1680, रायगढ़पूरा
शिवाजी महाराज भारत के शूरवीर योद्धा एवं कुशल रणनीतिकार थे, उन्होंने अपनी राजनैतिक सूझबूझ एवं योग्यता के बल पर मराठा सम्राज्य की स्थापना की थी। वे एक ऐसे वीर शासक थे, जिन्होंने  मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहूति दे दी और कई साल तक इतिहास के सबसे क्रूर एवं निर्दयी शासक औरंगजेब से संघर्ष किया था।हालांकि उन्होंने कभी भी मुगलों की विशाल और संगठित सेना के सामने हार नहीं मानी और वीरता के साथ अपने दुश्मनों का सामना करते रहे। उनहोंने गुरिल्ला युद्द कला में महारथ हासिल की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज को  महाराष्ट्र  का गौरव एवं सबसे महान हिन्दू सम्राट भी माना जाता है। उन्होंने मुगलों के शासनकाल  में वीरता के साथ हिन्दू सम्राज्य की स्थापना कर भारतीय समाज को नई दिशा दी।  

सम्राट अशोक – Samrat Ashoka:

सम्राट अशोक जी के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअशोक बिंदुसार मौर्य
जन्म304 ईसा पूर्व, पाटिलपुत्र
पिताराजा बिंदुसार
मातासुभ्रदांगी
पत्नीरानी पद्मावती, तिश्यारक्षा, महारानी देवी, करुक्की
मृत्यु232 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र, पटना
सम्राट अशोक भारत के महानतम एवं शक्तिशाली शासकों में से एक थे, जिन्हें  उनके अद्भुत साहस, निडरता एवं निर्भीकता  की वजह से अशोक महान औरअशोका द ग्रेटके नाम पुकारा जाता था। उन्होंने अपने  शासनकाल  में अपने मौर्य सम्राज्य का विस्तार अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक और कश्मीर से लेकर तमिलनाडू तक किया था। उनकी राजधानी  पाटिलिपुत्र  थी।उन्होंने अपने कार्यकाल में मौर्य सर्माज्य को विश्व का सबसे महान सम्राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  वे बौद्ध धर्म के विचारों से बेहद प्रभावित थे, उन्होंने विदेशों में बौद्ध धर्म के प्रचारप्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई  थी।आपको बता दें कि कलिंगं युद्द में लाखों लोगों की मृत्यु को देखकर उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया था और इसी के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। भारत का राष्ट्रीय चिन्ह और झंडे का चक्रअशोक स्तंभसे ही लिया गया है।  सम्राट अशोक के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंSamrat Ashoka Biographyभारत में इनके अलावा और भी बहुत सारे शासकोंने राज किया उनकी सूचि हम निचे दे रहे हैं, जिन्होंने कई सालों तक भारत पर राज किया एवं अपनी उचित राजनैतिक क्षमता से देश को नई दिशा दी। भारतीय इतिहास महान राजाओं से भरा पड़ा है, एवं इन राजाओं की वीर गाथाओं को युगोंयुगों तक याद किया जाएगा।
नामअबुलफतह जलालउद्दीन मुहम्मद अकबर
जन्म15 अक्टूबर, 1542, अमरकोट
पिताहुमांयू
मातानवाब हमीदा बानो बेगम साहिबा
विवाह
  • सलीमा सुल्तान बेगम सहिबा,
  • रुकैया बेगम सहिबा,
  • मारियाम उज़-ज़मानि बेगम सहिबा,
  • जोधाबाई राजपूत।
शासनकाल11 फरवरी 1556 से 27 अक्टूबर 1605
राजवंशमुगल राजवंश
मृत्यु27 अक्टूबर 1605 (फतेहपुर सीकरी, आगरा)
अकबर मुगल वंश के सबसे महान, साहसी, प्रभावशाली शासकों में से एक थे। अकबर भारत के उन महान योद्धाओं में से थे, जिन्होंने बड़े स्तर पर अपने मुगल सम्राज्य का विस्तार किया था। महज 13 साल की उम्र में मुगल सिंहासन संभालने वाले सम्राट अकबर को न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिन्दू धर्म के लोगों से ही अथाह प्रेम और स्नेह मिला। मुगल सम्राज्य के विस्तार एवं मजबूत बनाने में अकबर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अकबर ने अपनी राजनैतिक सूझबूझ और विवेकशीलता से कई ऐसी नीति बनाई, जिसकी वजह से वे अलग-अलग सम्राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सफल रहे। इसके अलावा अकबर से कराधान प्रणाली को फिर से संगठित करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अकबर के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-Akbar History

छत्रपति शिवाजी महाराज – Chhatrapati Shivaji Maharaj :

छत्रपति शिवाजी महाराज जी के बारे में एक नजर में
नामशिवाजी  राजे भोंसले
जन्म19 फरवरी, शिवनेरी दुर्ग, महाराष्ट्र
पिताशाह जी भोंसले
माताजीजाबाई
विवाहसईबाई निम्बालकर
उपाधिछत्रपति
शासनकाल1642 ईसवी से 1680
मृत्यु3 अप्रैल, 1680, रायगढ़पूरा
शिवाजी महाराज भारत के शूरवीर योद्धा एवं कुशल रणनीतिकार थे, उन्होंने अपनी राजनैतिक सूझबूझ एवं योग्यता के बल पर मराठा सम्राज्य की स्थापना की थी। वे एक ऐसे वीर शासक थे, जिन्होंने  मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहूति दे दी और कई साल तक इतिहास के सबसे क्रूर एवं निर्दयी शासक औरंगजेब से संघर्ष किया था।हालांकि उन्होंने कभी भी मुगलों की विशाल और संगठित सेना के सामने हार नहीं मानी और वीरता के साथ अपने दुश्मनों का सामना करते रहे। उनहोंने गुरिल्ला युद्द कला में महारथ हासिल की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज को  महाराष्ट्र  का गौरव एवं सबसे महान हिन्दू सम्राट भी माना जाता है। उन्होंने मुगलों के शासनकाल  में वीरता के साथ हिन्दू सम्राज्य की स्थापना कर भारतीय समाज को नई दिशा दी।  

सम्राट अशोक – Samrat Ashoka:

सम्राट अशोक जी के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअशोक बिंदुसार मौर्य
जन्म304 ईसा पूर्व, पाटिलपुत्र
पिताराजा बिंदुसार
मातासुभ्रदांगी
पत्नीरानी पद्मावती, तिश्यारक्षा, महारानी देवी, करुक्की
मृत्यु232 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र, पटना
सम्राट अशोक भारत के महानतम एवं शक्तिशाली शासकों में से एक थे, जिन्हें  उनके अद्भुत साहस, निडरता एवं निर्भीकता  की वजह से अशोक महान औरअशोका द ग्रेटके नाम पुकारा जाता था। उन्होंने अपने  शासनकाल  में अपने मौर्य सम्राज्य का विस्तार अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक और कश्मीर से लेकर तमिलनाडू तक किया था। उनकी राजधानी  पाटिलिपुत्र  थी।उन्होंने अपने कार्यकाल में मौर्य सर्माज्य को विश्व का सबसे महान सम्राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  वे बौद्ध धर्म के विचारों से बेहद प्रभावित थे, उन्होंने विदेशों में बौद्ध धर्म के प्रचारप्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई  थी।आपको बता दें कि कलिंगं युद्द में लाखों लोगों की मृत्यु को देखकर उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया था और इसी के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। भारत का राष्ट्रीय चिन्ह और झंडे का चक्रअशोक स्तंभसे ही लिया गया है।  सम्राट अशोक के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंSamrat Ashoka Biographyभारत में इनके अलावा और भी बहुत सारे शासकोंने राज किया उनकी सूचि हम निचे दे रहे हैं, जिन्होंने कई सालों तक भारत पर राज किया एवं अपनी उचित राजनैतिक क्षमता से देश को नई दिशा दी। भारतीय इतिहास महान राजाओं से भरा पड़ा है, एवं इन राजाओं की वीर गाथाओं को युगोंयुगों तक याद किया जाएगा।
नामप्रताप सिंह
जन्म9 मई 1540, कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान, भारत
पिताउदय सिंह
मातामहारानी जयवंताबाई
पत्नी11 पत्नियां
शासन काल1568-1597
महाराणा प्रताप द्धारा लड़े गए प्रमुख युद्दहल्दीघाटी का युद्ध, गुरिल्ला का युद्ध, देवगढ़ का युद्ध।
मृत्यु19 जनवरी 1597
महाराणा प्रताप भारत के सबसे महान, वीर एवं सशक्त शासक थे, जिनकी शूरता और वीरता के किस्से इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में सुनहरे अक्षरों से लिखे गए हैं। महाराणा प्रताप बेहद स्वाभिमानी थे, उन्होंने अपने जीवन में कभी भी मुगलों की अधीनता को स्वीकार नहीं किया था।हल्दी घाटी के युद्ध में मुगलों से कम सैनिक और युद्ध हथियार होने के बाद भी मुगलों को छटी का दूध याद दिला दिया था। महाराणा प्रताप ने अकबर जैसे महान योद्धा का भी साहस के साथ मुकाबला किया था एवं उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी राष्ट्र, धर्म और कुल की रक्षा के लिए अर्पित कर दिया था। महाराणा प्रताप के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंMaharana Pratap History

सम्राट अकबर – Akbar:

सम्राट अकबर के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअबुलफतह जलालउद्दीन मुहम्मद अकबर
जन्म15 अक्टूबर, 1542, अमरकोट
पिताहुमांयू
मातानवाब हमीदा बानो बेगम साहिबा
विवाह
  • सलीमा सुल्तान बेगम सहिबा,
  • रुकैया बेगम सहिबा,
  • मारियाम उज़-ज़मानि बेगम सहिबा,
  • जोधाबाई राजपूत।
शासनकाल11 फरवरी 1556 से 27 अक्टूबर 1605
राजवंशमुगल राजवंश
मृत्यु27 अक्टूबर 1605 (फतेहपुर सीकरी, आगरा)
अकबर मुगल वंश के सबसे महान, साहसी, प्रभावशाली शासकों में से एक थे। अकबर भारत के उन महान योद्धाओं में से थे, जिन्होंने बड़े स्तर पर अपने मुगल सम्राज्य का विस्तार किया था। महज 13 साल की उम्र में मुगल सिंहासन संभालने वाले सम्राट अकबर को न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिन्दू धर्म के लोगों से ही अथाह प्रेम और स्नेह मिला। मुगल सम्राज्य के विस्तार एवं मजबूत बनाने में अकबर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अकबर ने अपनी राजनैतिक सूझबूझ और विवेकशीलता से कई ऐसी नीति बनाई, जिसकी वजह से वे अलग-अलग सम्राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सफल रहे। इसके अलावा अकबर से कराधान प्रणाली को फिर से संगठित करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अकबर के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-Akbar History

छत्रपति शिवाजी महाराज – Chhatrapati Shivaji Maharaj :

छत्रपति शिवाजी महाराज जी के बारे में एक नजर में
नामशिवाजी  राजे भोंसले
जन्म19 फरवरी, शिवनेरी दुर्ग, महाराष्ट्र
पिताशाह जी भोंसले
माताजीजाबाई
विवाहसईबाई निम्बालकर
उपाधिछत्रपति
शासनकाल1642 ईसवी से 1680
मृत्यु3 अप्रैल, 1680, रायगढ़पूरा
शिवाजी महाराज भारत के शूरवीर योद्धा एवं कुशल रणनीतिकार थे, उन्होंने अपनी राजनैतिक सूझबूझ एवं योग्यता के बल पर मराठा सम्राज्य की स्थापना की थी। वे एक ऐसे वीर शासक थे, जिन्होंने  मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहूति दे दी और कई साल तक इतिहास के सबसे क्रूर एवं निर्दयी शासक औरंगजेब से संघर्ष किया था।हालांकि उन्होंने कभी भी मुगलों की विशाल और संगठित सेना के सामने हार नहीं मानी और वीरता के साथ अपने दुश्मनों का सामना करते रहे। उनहोंने गुरिल्ला युद्द कला में महारथ हासिल की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज को  महाराष्ट्र  का गौरव एवं सबसे महान हिन्दू सम्राट भी माना जाता है। उन्होंने मुगलों के शासनकाल  में वीरता के साथ हिन्दू सम्राज्य की स्थापना कर भारतीय समाज को नई दिशा दी।  

सम्राट अशोक – Samrat Ashoka:

सम्राट अशोक जी के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअशोक बिंदुसार मौर्य
जन्म304 ईसा पूर्व, पाटिलपुत्र
पिताराजा बिंदुसार
मातासुभ्रदांगी
पत्नीरानी पद्मावती, तिश्यारक्षा, महारानी देवी, करुक्की
मृत्यु232 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र, पटना
सम्राट अशोक भारत के महानतम एवं शक्तिशाली शासकों में से एक थे, जिन्हें  उनके अद्भुत साहस, निडरता एवं निर्भीकता  की वजह से अशोक महान औरअशोका द ग्रेटके नाम पुकारा जाता था। उन्होंने अपने  शासनकाल  में अपने मौर्य सम्राज्य का विस्तार अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक और कश्मीर से लेकर तमिलनाडू तक किया था। उनकी राजधानी  पाटिलिपुत्र  थी।उन्होंने अपने कार्यकाल में मौर्य सर्माज्य को विश्व का सबसे महान सम्राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  वे बौद्ध धर्म के विचारों से बेहद प्रभावित थे, उन्होंने विदेशों में बौद्ध धर्म के प्रचारप्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई  थी।आपको बता दें कि कलिंगं युद्द में लाखों लोगों की मृत्यु को देखकर उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया था और इसी के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। भारत का राष्ट्रीय चिन्ह और झंडे का चक्रअशोक स्तंभसे ही लिया गया है।  सम्राट अशोक के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंSamrat Ashoka Biographyभारत में इनके अलावा और भी बहुत सारे शासकोंने राज किया उनकी सूचि हम निचे दे रहे हैं, जिन्होंने कई सालों तक भारत पर राज किया एवं अपनी उचित राजनैतिक क्षमता से देश को नई दिशा दी। भारतीय इतिहास महान राजाओं से भरा पड़ा है, एवं इन राजाओं की वीर गाथाओं को युगोंयुगों तक याद किया जाएगा।
नामसमुद्रगुप्त
पेशागुप्त राजवंश के महान सम्राट
महत्वपूर्ण कामभारत में स्वर्ण युग की शुरुआत
प्रसिद्धिभारत के महान योद्धा, भारत के नेपोलियन, उदार शासक एवं कला के संरक्षक
समुद्रगुप्त गुप्त राजवंश के सबसे महान और सफल सम्राटों में से एक थे। वे एक ऐसे शासक थे, जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी हार का सामना नहीं किया। उनका शासनकाल  में भारत में स्वर्णयुग की शुरुआत की गई थी। समुद्र गुप्त वीर योद्धा होने के साथसाथ कला के संरक्षक भी थे, जिन्हें प्राचीनकाल में भारत का नेपोलियन कहा जाता था।समुद्रगुप्त ने अपने शासनकाल में स्वर्ण मुद्राएं बनवाईं। इसके अलावा उन्होंने भारत में कई हिस्सों पर अपने सम्राज्य का विस्तार किया।

महाराणा प्रताप – Maharana Pratap:

महाराणा प्रताप के जीवन के बारे में एक नजर में
नामप्रताप सिंह
जन्म9 मई 1540, कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान, भारत
पिताउदय सिंह
मातामहारानी जयवंताबाई
पत्नी11 पत्नियां
शासन काल1568-1597
महाराणा प्रताप द्धारा लड़े गए प्रमुख युद्दहल्दीघाटी का युद्ध, गुरिल्ला का युद्ध, देवगढ़ का युद्ध।
मृत्यु19 जनवरी 1597
महाराणा प्रताप भारत के सबसे महान, वीर एवं सशक्त शासक थे, जिनकी शूरता और वीरता के किस्से इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में सुनहरे अक्षरों से लिखे गए हैं। महाराणा प्रताप बेहद स्वाभिमानी थे, उन्होंने अपने जीवन में कभी भी मुगलों की अधीनता को स्वीकार नहीं किया था।हल्दी घाटी के युद्ध में मुगलों से कम सैनिक और युद्ध हथियार होने के बाद भी मुगलों को छटी का दूध याद दिला दिया था। महाराणा प्रताप ने अकबर जैसे महान योद्धा का भी साहस के साथ मुकाबला किया था एवं उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी राष्ट्र, धर्म और कुल की रक्षा के लिए अर्पित कर दिया था। महाराणा प्रताप के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंMaharana Pratap History

सम्राट अकबर – Akbar:

सम्राट अकबर के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअबुलफतह जलालउद्दीन मुहम्मद अकबर
जन्म15 अक्टूबर, 1542, अमरकोट
पिताहुमांयू
मातानवाब हमीदा बानो बेगम साहिबा
विवाह
  • सलीमा सुल्तान बेगम सहिबा,
  • रुकैया बेगम सहिबा,
  • मारियाम उज़-ज़मानि बेगम सहिबा,
  • जोधाबाई राजपूत।
शासनकाल11 फरवरी 1556 से 27 अक्टूबर 1605
राजवंशमुगल राजवंश
मृत्यु27 अक्टूबर 1605 (फतेहपुर सीकरी, आगरा)
अकबर मुगल वंश के सबसे महान, साहसी, प्रभावशाली शासकों में से एक थे। अकबर भारत के उन महान योद्धाओं में से थे, जिन्होंने बड़े स्तर पर अपने मुगल सम्राज्य का विस्तार किया था। महज 13 साल की उम्र में मुगल सिंहासन संभालने वाले सम्राट अकबर को न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिन्दू धर्म के लोगों से ही अथाह प्रेम और स्नेह मिला। मुगल सम्राज्य के विस्तार एवं मजबूत बनाने में अकबर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अकबर ने अपनी राजनैतिक सूझबूझ और विवेकशीलता से कई ऐसी नीति बनाई, जिसकी वजह से वे अलग-अलग सम्राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सफल रहे। इसके अलावा अकबर से कराधान प्रणाली को फिर से संगठित करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अकबर के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-Akbar History

छत्रपति शिवाजी महाराज – Chhatrapati Shivaji Maharaj :

छत्रपति शिवाजी महाराज जी के बारे में एक नजर में
नामशिवाजी  राजे भोंसले
जन्म19 फरवरी, शिवनेरी दुर्ग, महाराष्ट्र
पिताशाह जी भोंसले
माताजीजाबाई
विवाहसईबाई निम्बालकर
उपाधिछत्रपति
शासनकाल1642 ईसवी से 1680
मृत्यु3 अप्रैल, 1680, रायगढ़पूरा
शिवाजी महाराज भारत के शूरवीर योद्धा एवं कुशल रणनीतिकार थे, उन्होंने अपनी राजनैतिक सूझबूझ एवं योग्यता के बल पर मराठा सम्राज्य की स्थापना की थी। वे एक ऐसे वीर शासक थे, जिन्होंने  मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहूति दे दी और कई साल तक इतिहास के सबसे क्रूर एवं निर्दयी शासक औरंगजेब से संघर्ष किया था।हालांकि उन्होंने कभी भी मुगलों की विशाल और संगठित सेना के सामने हार नहीं मानी और वीरता के साथ अपने दुश्मनों का सामना करते रहे। उनहोंने गुरिल्ला युद्द कला में महारथ हासिल की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज को  महाराष्ट्र  का गौरव एवं सबसे महान हिन्दू सम्राट भी माना जाता है। उन्होंने मुगलों के शासनकाल  में वीरता के साथ हिन्दू सम्राज्य की स्थापना कर भारतीय समाज को नई दिशा दी।  

सम्राट अशोक – Samrat Ashoka:

सम्राट अशोक जी के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअशोक बिंदुसार मौर्य
जन्म304 ईसा पूर्व, पाटिलपुत्र
पिताराजा बिंदुसार
मातासुभ्रदांगी
पत्नीरानी पद्मावती, तिश्यारक्षा, महारानी देवी, करुक्की
मृत्यु232 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र, पटना
सम्राट अशोक भारत के महानतम एवं शक्तिशाली शासकों में से एक थे, जिन्हें  उनके अद्भुत साहस, निडरता एवं निर्भीकता  की वजह से अशोक महान औरअशोका द ग्रेटके नाम पुकारा जाता था। उन्होंने अपने  शासनकाल  में अपने मौर्य सम्राज्य का विस्तार अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक और कश्मीर से लेकर तमिलनाडू तक किया था। उनकी राजधानी  पाटिलिपुत्र  थी।उन्होंने अपने कार्यकाल में मौर्य सर्माज्य को विश्व का सबसे महान सम्राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  वे बौद्ध धर्म के विचारों से बेहद प्रभावित थे, उन्होंने विदेशों में बौद्ध धर्म के प्रचारप्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई  थी।आपको बता दें कि कलिंगं युद्द में लाखों लोगों की मृत्यु को देखकर उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया था और इसी के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। भारत का राष्ट्रीय चिन्ह और झंडे का चक्रअशोक स्तंभसे ही लिया गया है।  सम्राट अशोक के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंSamrat Ashoka Biographyभारत में इनके अलावा और भी बहुत सारे शासकोंने राज किया उनकी सूचि हम निचे दे रहे हैं, जिन्होंने कई सालों तक भारत पर राज किया एवं अपनी उचित राजनैतिक क्षमता से देश को नई दिशा दी। भारतीय इतिहास महान राजाओं से भरा पड़ा है, एवं इन राजाओं की वीर गाथाओं को युगोंयुगों तक याद किया जाएगा।
नामअरुलमोजहीवर्मन
अन्य नामतेलुंगाना कुल कला, राजराजा  शिवपाड़ा  शेखर
जन्म947 ईसवी
वंशचोल वंश
शासन काल(985 से 1014 ईसवी तक)
मृत्यु1014 ईसवी
राजा राज चोला दक्षिण के सबसे शक्तिशाली और ताकतवर राजाओं में से एक थे, जिन्होंने अपने चोल वंश के सम्राज्य का विस्तार श्रीलंका तक कर लिया था। उन्होंने अपने राजनैतिक कौशल और सूझबूझ से चोल सम्राज्य को विश्व का सबसे शक्तिशाली  सम्राज्य के रुप में उभारा था।प्रमुख तौर पर हिन्द महासागर  के व्यावसायिक समुद्री मार्गों पर चोल वंश का प्रभाव साफ तौर पर देखा जा सकता था, जहां पर किसी को भी उनकी इजाजत के बिना व्यापार करने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा उन्होंने तंजोर के विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर समेत कई मंदिर की स्थापना करवाई।

समुद्रगुप्त (335-376):

समुद्र गुप्त के जीवन के बारे में एक नजर में
नामसमुद्रगुप्त
पेशागुप्त राजवंश के महान सम्राट
महत्वपूर्ण कामभारत में स्वर्ण युग की शुरुआत
प्रसिद्धिभारत के महान योद्धा, भारत के नेपोलियन, उदार शासक एवं कला के संरक्षक
समुद्रगुप्त गुप्त राजवंश के सबसे महान और सफल सम्राटों में से एक थे। वे एक ऐसे शासक थे, जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी हार का सामना नहीं किया। उनका शासनकाल  में भारत में स्वर्णयुग की शुरुआत की गई थी। समुद्र गुप्त वीर योद्धा होने के साथसाथ कला के संरक्षक भी थे, जिन्हें प्राचीनकाल में भारत का नेपोलियन कहा जाता था।समुद्रगुप्त ने अपने शासनकाल में स्वर्ण मुद्राएं बनवाईं। इसके अलावा उन्होंने भारत में कई हिस्सों पर अपने सम्राज्य का विस्तार किया।

महाराणा प्रताप – Maharana Pratap:

महाराणा प्रताप के जीवन के बारे में एक नजर में
नामप्रताप सिंह
जन्म9 मई 1540, कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान, भारत
पिताउदय सिंह
मातामहारानी जयवंताबाई
पत्नी11 पत्नियां
शासन काल1568-1597
महाराणा प्रताप द्धारा लड़े गए प्रमुख युद्दहल्दीघाटी का युद्ध, गुरिल्ला का युद्ध, देवगढ़ का युद्ध।
मृत्यु19 जनवरी 1597
महाराणा प्रताप भारत के सबसे महान, वीर एवं सशक्त शासक थे, जिनकी शूरता और वीरता के किस्से इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में सुनहरे अक्षरों से लिखे गए हैं। महाराणा प्रताप बेहद स्वाभिमानी थे, उन्होंने अपने जीवन में कभी भी मुगलों की अधीनता को स्वीकार नहीं किया था।हल्दी घाटी के युद्ध में मुगलों से कम सैनिक और युद्ध हथियार होने के बाद भी मुगलों को छटी का दूध याद दिला दिया था। महाराणा प्रताप ने अकबर जैसे महान योद्धा का भी साहस के साथ मुकाबला किया था एवं उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी राष्ट्र, धर्म और कुल की रक्षा के लिए अर्पित कर दिया था। महाराणा प्रताप के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंMaharana Pratap History

सम्राट अकबर – Akbar:

सम्राट अकबर के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअबुलफतह जलालउद्दीन मुहम्मद अकबर
जन्म15 अक्टूबर, 1542, अमरकोट
पिताहुमांयू
मातानवाब हमीदा बानो बेगम साहिबा
विवाह
  • सलीमा सुल्तान बेगम सहिबा,
  • रुकैया बेगम सहिबा,
  • मारियाम उज़-ज़मानि बेगम सहिबा,
  • जोधाबाई राजपूत।
शासनकाल11 फरवरी 1556 से 27 अक्टूबर 1605
राजवंशमुगल राजवंश
मृत्यु27 अक्टूबर 1605 (फतेहपुर सीकरी, आगरा)
अकबर मुगल वंश के सबसे महान, साहसी, प्रभावशाली शासकों में से एक थे। अकबर भारत के उन महान योद्धाओं में से थे, जिन्होंने बड़े स्तर पर अपने मुगल सम्राज्य का विस्तार किया था। महज 13 साल की उम्र में मुगल सिंहासन संभालने वाले सम्राट अकबर को न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिन्दू धर्म के लोगों से ही अथाह प्रेम और स्नेह मिला। मुगल सम्राज्य के विस्तार एवं मजबूत बनाने में अकबर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अकबर ने अपनी राजनैतिक सूझबूझ और विवेकशीलता से कई ऐसी नीति बनाई, जिसकी वजह से वे अलग-अलग सम्राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सफल रहे। इसके अलावा अकबर से कराधान प्रणाली को फिर से संगठित करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अकबर के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-Akbar History

छत्रपति शिवाजी महाराज – Chhatrapati Shivaji Maharaj :

छत्रपति शिवाजी महाराज जी के बारे में एक नजर में
नामशिवाजी  राजे भोंसले
जन्म19 फरवरी, शिवनेरी दुर्ग, महाराष्ट्र
पिताशाह जी भोंसले
माताजीजाबाई
विवाहसईबाई निम्बालकर
उपाधिछत्रपति
शासनकाल1642 ईसवी से 1680
मृत्यु3 अप्रैल, 1680, रायगढ़पूरा
शिवाजी महाराज भारत के शूरवीर योद्धा एवं कुशल रणनीतिकार थे, उन्होंने अपनी राजनैतिक सूझबूझ एवं योग्यता के बल पर मराठा सम्राज्य की स्थापना की थी। वे एक ऐसे वीर शासक थे, जिन्होंने  मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहूति दे दी और कई साल तक इतिहास के सबसे क्रूर एवं निर्दयी शासक औरंगजेब से संघर्ष किया था।हालांकि उन्होंने कभी भी मुगलों की विशाल और संगठित सेना के सामने हार नहीं मानी और वीरता के साथ अपने दुश्मनों का सामना करते रहे। उनहोंने गुरिल्ला युद्द कला में महारथ हासिल की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज को  महाराष्ट्र  का गौरव एवं सबसे महान हिन्दू सम्राट भी माना जाता है। उन्होंने मुगलों के शासनकाल  में वीरता के साथ हिन्दू सम्राज्य की स्थापना कर भारतीय समाज को नई दिशा दी।  

सम्राट अशोक – Samrat Ashoka:

सम्राट अशोक जी के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअशोक बिंदुसार मौर्य
जन्म304 ईसा पूर्व, पाटिलपुत्र
पिताराजा बिंदुसार
मातासुभ्रदांगी
पत्नीरानी पद्मावती, तिश्यारक्षा, महारानी देवी, करुक्की
मृत्यु232 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र, पटना
सम्राट अशोक भारत के महानतम एवं शक्तिशाली शासकों में से एक थे, जिन्हें  उनके अद्भुत साहस, निडरता एवं निर्भीकता  की वजह से अशोक महान औरअशोका द ग्रेटके नाम पुकारा जाता था। उन्होंने अपने  शासनकाल  में अपने मौर्य सम्राज्य का विस्तार अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक और कश्मीर से लेकर तमिलनाडू तक किया था। उनकी राजधानी  पाटिलिपुत्र  थी।उन्होंने अपने कार्यकाल में मौर्य सर्माज्य को विश्व का सबसे महान सम्राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  वे बौद्ध धर्म के विचारों से बेहद प्रभावित थे, उन्होंने विदेशों में बौद्ध धर्म के प्रचारप्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई  थी।आपको बता दें कि कलिंगं युद्द में लाखों लोगों की मृत्यु को देखकर उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया था और इसी के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। भारत का राष्ट्रीय चिन्ह और झंडे का चक्रअशोक स्तंभसे ही लिया गया है।  सम्राट अशोक के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंSamrat Ashoka Biographyभारत में इनके अलावा और भी बहुत सारे शासकोंने राज किया उनकी सूचि हम निचे दे रहे हैं, जिन्होंने कई सालों तक भारत पर राज किया एवं अपनी उचित राजनैतिक क्षमता से देश को नई दिशा दी। भारतीय इतिहास महान राजाओं से भरा पड़ा है, एवं इन राजाओं की वीर गाथाओं को युगोंयुगों तक याद किया जाएगा।

King of India

भारत महान राजाओं एवं योद्धाओं की जन्मभूमि रही है। अलगअलग समय में एक से बढ़कर एक सम्राटों ने भारत पर न सिर्फ अपना राज किया है, बल्कि अपनी कुशल कार्यक्षमता एवं रणनीति से भात के इतिहास को गौरवपूर्ण बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाया है। जिसमें चंगेज खान और तैमूर के मंगोलों, साइरस द ग्रेट के तहत फ़ारसी एकेमेनाइड्स और यहां तक कि मासेदोनियन योद्धा सिकंदर द ग्रेट भी शामिल हैं। तो हम उन महानतम राजाओं की लिस्ट (King of India) पर नजर डालेंगे जिन्होंने भारत देश पर शासन किया और भारत के इतिहास में अपना नाम दर्ज किया।

भारत देश के शासकों का इतिहास | Indian Kings History in Hindi

Indian Kings History

भारत के महान शासकों की सूची – List of Indian Kings Name

अजातशत्रु (493 .पू. से 461 .पू. तक):

अजातशत्रु के जीवन के बारे में एक नजर में
नाम:अजातशत्रु
बचपन का नाम:कुणिक
पिता का नाम:बिंबिसार
पत्नी:वजिरा
प्रसिद्धि: मगध का सम्राट
मुख्य काम:पाटलिपुत्र की  स्थापना
सम्राज्य का विस्तार:काशी, कोसल, वज्जी, लिच्छवी, अंग आदि को अपने राज्य में मिलाया।
अजातशत्रु मग्ध का एक बेहद बुद्दिमान, बलशाली एवं प्रतापी राजा था, जिसने अपने पिता बिंबिसार की हत्या कर मगध की राजगद्दी अपनाई थी। उन्होंने अपनी कुशल राजनैतिज्ञ क्षमता एवं कूटनीतिक कौशल से अपने शासनकाल में मग्ध के सम्राज्य का विस्तार पूर्वी राज्यों समेत उत्तर और पश्चिम राज्यों में भी कोसल एवं काशी तक कर लिया था। अजातशत्रु के शासनकाल के दौरान  मगध भारत के सबसे शक्तिशाली, राज्यों में गिना जाता था।

चन्द्रगुप्त मौर्य – Chandragupta Maurya:

चन्द्रगुप्त मौर्य के जीवन के  बारे में एक नजर में-
पूरा नामचन्द्रगुप्त मौर्य
जन्म340 ईसापूर्व, पाटलीपुत्र, बिहार
पिता का नाममुरा
मातानंदा
पत्नीबिंदुसार, दुर्धरा
चन्द्रगुप्त मौर्य भारत के सबसे महान और वीर योद्धाओं में से एक थे, जिन्होंने  मौर्य सम्राज्य की स्थापना कर भारत के इतिहास को गौरवमयी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महान दार्शनिक, रणनीतिकार, इतिहासकार, एवं प्रकंड विद्धान आचार्य चाणक्य से मिलने के बाद उनका पूरा जीवन बदल गया था।अपने गुरु चाणक्य की मद्द से उन्होंने  नंद सम्राज्य का विनाश कर न सिर्फ मौर्य सम्राज्य की स्थापना की, बल्कि चाणक्य नीति का इस्तेमाल कर मौर्य सम्राज्य को सुदृढ़ एवं विशाल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाया  है। चन्द्रगुप्त मौर्य के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करिए-Chandragupta Maurya History

राजा राज चोला – Rajaraja i:

राजा राज चोला के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअरुलमोजहीवर्मन
अन्य नामतेलुंगाना कुल कला, राजराजा  शिवपाड़ा  शेखर
जन्म947 ईसवी
वंशचोल वंश
शासन काल(985 से 1014 ईसवी तक)
मृत्यु1014 ईसवी
राजा राज चोला दक्षिण के सबसे शक्तिशाली और ताकतवर राजाओं में से एक थे, जिन्होंने अपने चोल वंश के सम्राज्य का विस्तार श्रीलंका तक कर लिया था। उन्होंने अपने राजनैतिक कौशल और सूझबूझ से चोल सम्राज्य को विश्व का सबसे शक्तिशाली  सम्राज्य के रुप में उभारा था।प्रमुख तौर पर हिन्द महासागर  के व्यावसायिक समुद्री मार्गों पर चोल वंश का प्रभाव साफ तौर पर देखा जा सकता था, जहां पर किसी को भी उनकी इजाजत के बिना व्यापार करने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा उन्होंने तंजोर के विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर समेत कई मंदिर की स्थापना करवाई।

समुद्रगुप्त (335-376):

समुद्र गुप्त के जीवन के बारे में एक नजर में
नामसमुद्रगुप्त
पेशागुप्त राजवंश के महान सम्राट
महत्वपूर्ण कामभारत में स्वर्ण युग की शुरुआत
प्रसिद्धिभारत के महान योद्धा, भारत के नेपोलियन, उदार शासक एवं कला के संरक्षक
समुद्रगुप्त गुप्त राजवंश के सबसे महान और सफल सम्राटों में से एक थे। वे एक ऐसे शासक थे, जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी हार का सामना नहीं किया। उनका शासनकाल  में भारत में स्वर्णयुग की शुरुआत की गई थी। समुद्र गुप्त वीर योद्धा होने के साथसाथ कला के संरक्षक भी थे, जिन्हें प्राचीनकाल में भारत का नेपोलियन कहा जाता था।समुद्रगुप्त ने अपने शासनकाल में स्वर्ण मुद्राएं बनवाईं। इसके अलावा उन्होंने भारत में कई हिस्सों पर अपने सम्राज्य का विस्तार किया।

महाराणा प्रताप – Maharana Pratap:

महाराणा प्रताप के जीवन के बारे में एक नजर में
नामप्रताप सिंह
जन्म9 मई 1540, कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान, भारत
पिताउदय सिंह
मातामहारानी जयवंताबाई
पत्नी11 पत्नियां
शासन काल1568-1597
महाराणा प्रताप द्धारा लड़े गए प्रमुख युद्दहल्दीघाटी का युद्ध, गुरिल्ला का युद्ध, देवगढ़ का युद्ध।
मृत्यु19 जनवरी 1597
महाराणा प्रताप भारत के सबसे महान, वीर एवं सशक्त शासक थे, जिनकी शूरता और वीरता के किस्से इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में सुनहरे अक्षरों से लिखे गए हैं। महाराणा प्रताप बेहद स्वाभिमानी थे, उन्होंने अपने जीवन में कभी भी मुगलों की अधीनता को स्वीकार नहीं किया था।हल्दी घाटी के युद्ध में मुगलों से कम सैनिक और युद्ध हथियार होने के बाद भी मुगलों को छटी का दूध याद दिला दिया था। महाराणा प्रताप ने अकबर जैसे महान योद्धा का भी साहस के साथ मुकाबला किया था एवं उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी राष्ट्र, धर्म और कुल की रक्षा के लिए अर्पित कर दिया था। महाराणा प्रताप के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंMaharana Pratap History

सम्राट अकबर – Akbar:

सम्राट अकबर के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअबुलफतह जलालउद्दीन मुहम्मद अकबर
जन्म15 अक्टूबर, 1542, अमरकोट
पिताहुमांयू
मातानवाब हमीदा बानो बेगम साहिबा
विवाह
  • सलीमा सुल्तान बेगम सहिबा,
  • रुकैया बेगम सहिबा,
  • मारियाम उज़-ज़मानि बेगम सहिबा,
  • जोधाबाई राजपूत।
शासनकाल11 फरवरी 1556 से 27 अक्टूबर 1605
राजवंशमुगल राजवंश
मृत्यु27 अक्टूबर 1605 (फतेहपुर सीकरी, आगरा)
अकबर मुगल वंश के सबसे महान, साहसी, प्रभावशाली शासकों में से एक थे। अकबर भारत के उन महान योद्धाओं में से थे, जिन्होंने बड़े स्तर पर अपने मुगल सम्राज्य का विस्तार किया था। महज 13 साल की उम्र में मुगल सिंहासन संभालने वाले सम्राट अकबर को न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिन्दू धर्म के लोगों से ही अथाह प्रेम और स्नेह मिला। मुगल सम्राज्य के विस्तार एवं मजबूत बनाने में अकबर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अकबर ने अपनी राजनैतिक सूझबूझ और विवेकशीलता से कई ऐसी नीति बनाई, जिसकी वजह से वे अलग-अलग सम्राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सफल रहे। इसके अलावा अकबर से कराधान प्रणाली को फिर से संगठित करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अकबर के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-Akbar History

छत्रपति शिवाजी महाराज – Chhatrapati Shivaji Maharaj :

छत्रपति शिवाजी महाराज जी के बारे में एक नजर में
नामशिवाजी  राजे भोंसले
जन्म19 फरवरी, शिवनेरी दुर्ग, महाराष्ट्र
पिताशाह जी भोंसले
माताजीजाबाई
विवाहसईबाई निम्बालकर
उपाधिछत्रपति
शासनकाल1642 ईसवी से 1680
मृत्यु3 अप्रैल, 1680, रायगढ़पूरा
शिवाजी महाराज भारत के शूरवीर योद्धा एवं कुशल रणनीतिकार थे, उन्होंने अपनी राजनैतिक सूझबूझ एवं योग्यता के बल पर मराठा सम्राज्य की स्थापना की थी। वे एक ऐसे वीर शासक थे, जिन्होंने  मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहूति दे दी और कई साल तक इतिहास के सबसे क्रूर एवं निर्दयी शासक औरंगजेब से संघर्ष किया था।हालांकि उन्होंने कभी भी मुगलों की विशाल और संगठित सेना के सामने हार नहीं मानी और वीरता के साथ अपने दुश्मनों का सामना करते रहे। उनहोंने गुरिल्ला युद्द कला में महारथ हासिल की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज को  महाराष्ट्र  का गौरव एवं सबसे महान हिन्दू सम्राट भी माना जाता है। उन्होंने मुगलों के शासनकाल  में वीरता के साथ हिन्दू सम्राज्य की स्थापना कर भारतीय समाज को नई दिशा दी।  

सम्राट अशोक – Samrat Ashoka:

सम्राट अशोक जी के जीवन के बारे में एक नजर में
नामअशोक बिंदुसार मौर्य
जन्म304 ईसा पूर्व, पाटिलपुत्र
पिताराजा बिंदुसार
मातासुभ्रदांगी
पत्नीरानी पद्मावती, तिश्यारक्षा, महारानी देवी, करुक्की
मृत्यु232 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र, पटना
सम्राट अशोक भारत के महानतम एवं शक्तिशाली शासकों में से एक थे, जिन्हें  उनके अद्भुत साहस, निडरता एवं निर्भीकता  की वजह से अशोक महान औरअशोका द ग्रेटके नाम पुकारा जाता था। उन्होंने अपने  शासनकाल  में अपने मौर्य सम्राज्य का विस्तार अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक और कश्मीर से लेकर तमिलनाडू तक किया था। उनकी राजधानी  पाटिलिपुत्र  थी।उन्होंने अपने कार्यकाल में मौर्य सर्माज्य को विश्व का सबसे महान सम्राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  वे बौद्ध धर्म के विचारों से बेहद प्रभावित थे, उन्होंने विदेशों में बौद्ध धर्म के प्रचारप्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई  थी।आपको बता दें कि कलिंगं युद्द में लाखों लोगों की मृत्यु को देखकर उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया था और इसी के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। भारत का राष्ट्रीय चिन्ह और झंडे का चक्रअशोक स्तंभसे ही लिया गया है।  सम्राट अशोक के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंSamrat Ashoka Biographyभारत में इनके अलावा और भी बहुत सारे शासकोंने राज किया उनकी सूचि हम निचे दे रहे हैं, जिन्होंने कई सालों तक भारत पर राज किया एवं अपनी उचित राजनैतिक क्षमता से देश को नई दिशा दी। भारतीय इतिहास महान राजाओं से भरा पड़ा है, एवं इन राजाओं की वीर गाथाओं को युगोंयुगों तक याद किया जाएगा।

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